​मप्र में विकास की नई उड़ान: डबल इंजन सरकार ने स्थापित किए नये कीर्तिमान, 209 प्रोजेक्ट्स से बदल रही प्रदेश की तस्वीर - मोहन यादव

डबल इंजन सरकार ने स्थापित किए नये कीर्तिमान, 209 प्रोजेक्ट्स से बदल रही प्रदेश की तस्वीर - मोहन यादव
X

सीएम मोहन ने कहा प्रदेश रेल, सड़क और ऊर्जा क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर रहा है।

पीएमजी और प्रगति पोर्टल के जरिए 97% समस्याओं का समाधान कर विकास को गति दी गई है। प्रदेश रेल, सड़क और ऊर्जा क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर रहा है।

भोपाल : ​मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व और केंद्र-राज्य की डबल इंजन सरकार के प्रभावी तालमेल से प्रदेश में विकास के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं।


मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग ग्रुप और 'प्रगति' प्लेटफार्म की शुरुआत से देश और प्रदेश में वर्षों से अटकी हुई निवेश परियोजनाओं को न केवल पुन: सक्रिय किया गया है, बल्कि उन्हें समयबद्ध तरीके से पूर्ण भी किया जा रहा है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मीडिया कर्मियों को मकर संक्रांति की मंगलकामनाएं दीं और मुख्य सचिव अनुराग जैन ने प्रगति प्लेटफार्म की उपलब्धियों पर एक विस्तृत प्रस्तुतिकरण भी दिया।

​मध्यप्रदेश में निवेश और परियोजनाओं का महाजाल

​मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि मध्यप्रदेश को विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों के माध्यम से कुल 209 बड़े प्रोजेक्ट्स की ऐतिहासिक सौगात मिली है। इनमें से 2 लाख 61 हजार 340 करोड़ रुपये के निवेश वाली 108 केंद्रीय विकास परियोजनाएं सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी हैं।

वर्तमान में प्रदेश के भीतर 5 लाख 24 हजार 471 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 101 अन्य परियोजनाओं पर तेजी से कार्य चल रहा है। मध्यप्रदेश ने केंद्रीय परियोजनाओं के निष्पादन में 97 प्रतिशत की उल्लेखनीय सफलता दर हासिल की है, जिसमें रेल मंत्रालय की 14, सड़क परिवहन की 13 और विद्युत मंत्रालय की 5 महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं।

​पीएमजी और प्रगति पोर्टल से सुशासन का उदय

​शासन व्यवस्था में आए सुधारों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने शासन को केवल प्रक्रियात्मक न रखकर परिणामोन्मुख और जवाबदेह बनाया है।

पहले बड़ी योजनाएं केवल कागजों पर भव्य दिखती थीं और आपसी तालमेल की कमी से दम तोड़ देती थीं, लेकिन अब पीएमजी और प्रगति के माध्यम से हर बाधा का सीधा समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।

मध्यप्रदेश में एक ऐसा ईको सिस्टम तैयार हो चुका है जहाँ आधुनिक तकनीक के बल पर अधोसंरचना विकास की परियोजनाओं को बिना किसी देरी के पूरा किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने इसे 'गुड गवर्नेंस' का जीवंत प्रमाण बताते हुए कहा कि इससे समय, लागत और जनता के विश्वास की बचत हो रही है।

​कनेक्टिविटी और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर

​विकास के साथ-साथ पर्यावरण और कनेक्टिविटी को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कूनो नेशनल पार्क में चीतों के सफल पुनर्वास और वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा देने की बात कही।

इसके अतिरिक्त धार में बन रहे 'पीएम मित्र पार्क' से कपास उत्पादक किसानों को होने वाले लाभ और केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना जैसी ऐतिहासिक पहल का भी जिक्र किया गया।

रेल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में जबलपुर-गोंदिया गेज परिवर्तन से मध्यप्रदेश का संपर्क महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के प्रमुख शहरों से सुदृढ़ हुआ है। साथ ही 18.5 हजार करोड़ की इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन को प्रदेश के लिए बड़ी सौगात बताया गया है, जिससे उज्जैन सहित मालवा क्षेत्र को सीधा लाभ मिलेगा।

​राष्ट्रीय एकता और विकास में राज्यों की भूमिका

​मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि राज्यों के बीच राजनैतिक मतभिन्नता हो सकती है, लेकिन राष्ट्र के विकास के लिए सभी राज्यों का समान महत्व है। प्रगति पोर्टल के माध्यम से देश की भू-गर्भ संपदा का दोहन अब अधिक प्रभावी तरीके से हो सकेगा।

उन्होंने पूर्वोत्तर राज्यों के विकास के लिए 20 वर्षों तक जीएसटी माफ करने और वहां तक बुनियादी सुविधाएं पहुँचाने के केंद्र सरकार के निर्णय की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते दौर में केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय इतना बेहतर हुआ है कि अब कठिन से कठिन परियोजनाओं को भी धरातल पर उतारना संभव हो गया है।

​मुख्य सचिव का प्रस्तुतिकरण और सांख्यिकीय उपलब्धियां

​मुख्य सचिव अनुराग जैन ने अपने प्रस्तुतिकरण में बताया कि प्रगति प्लेटफार्म की शुरुआत 25 मार्च 2015 को हुई थी और हाल ही में 31 दिसंबर 2025 को इसकी 50वीं बैठक संपन्न हुई है।

मध्यप्रदेश ने भूमि अधिग्रहण के मामले में राष्ट्रीय औसत 14.2 माह की तुलना में 13.9 माह का बेहतर औसत रिकॉर्ड किया है। राज्य सरकार ने पीएमजी पोर्टल की निगरानी वाले 322 मुद्दों में से 312 और प्रगति प्लेटफार्म के 124 मुद्दों में से 120 का त्वरित समाधान किया है।

वर्तमान में प्रदेश में 77 सड़क और राजमार्ग परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है, जो मध्यप्रदेश को देश के ऊर्जा और परिवहन केंद्र के रूप में स्थापित कर रहा है।

WhatsApp Button व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ें WhatsApp Logo

Tags

Next Story