Education News: नकल रोकने के लिए MP बोर्ड की नई पहल, परीक्षा केंद्रों पर मिलेंगे ‘Honesty Boxes’

MP बोर्ड परीक्षा केंद्र पर छात्र ईमानदारी बॉक्स में मोबाइल और नोट्स जमा कर सकेंगे। (Image-AI)
(गुरजीत कौर की रिपोर्ट) भोपाल। मध्यप्रदेश में बोर्ड परीक्षाओं से पहले स्कूल शिक्षा विभाग ने नकल रोकने के लिए एक अनोखी और भरोसे पर आधारित पहल शुरू की है। इस बार परीक्षा केंद्रों पर ‘Honesty Boxes’ रखे जाएंगे, ताकि छात्र परीक्षा हॉल में प्रवेश से पहले अपनी गलती खुद सुधार सकें और किसी सख्त कार्रवाई से बच सकें।
मध्यप्रदेश शिक्षा विभाग की इस पहल का मकसद छात्रों का तनाव कम करना और उन्हें छोटी-मोटी भूल के लिए नकल के गंभीर आरोपों से बचाना है। कई बार छात्र घबराहट या अनजाने में पर्चियां, नोट्स, गाइड के पन्ने या मोबाइल फोन जैसी प्रतिबंधित वस्तुएं साथ ले आते हैं। अब ऐसे मामलों में हर छात्र को गलती सुधारने का एक आसान और सुरक्षित विकल्प मिलेगा।
बिना पहचान बताए जमा कर सकेंगे सामान
परीक्षा केंद्रों के एंट्रेंस और परीक्षा हॉल के बाहर साफ-साफ लेबल लगे बड़े Honesty Boxes रखे जाएंगे। जांच शुरू होने से पहले छात्र बिना अपनी पहचान बताए इनमें कोई भी प्रतिबंधित वस्तु जमा कर सकेंगे। एक बार सामान जमा करने के बाद उस छात्र के खिलाफ नकल का कोई मामला दर्ज नहीं किया जाएगा।
सेंटर सुपरिटेंडेंट देंगे जानकारी
परीक्षा से पहले सेंटर सुपरिटेंडेंट सभी छात्रों को इस व्यवस्था के बारे में स्पष्ट जानकारी देंगे, ताकि कोई भी छात्र डर या भ्रम में न रहे। शिक्षा विभाग का मानना है कि भरोसे पर आधारित यह व्यवस्था छात्रों में ईमानदारी को बढ़ावा देगी और परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सहज बनाएगी।
कड़ी निगरानी भी रहेगी जारी
इस नई व्यवस्था के साथ-साथ परीक्षा की सुरक्षा में कोई ढील नहीं दी जाएगी। पूरे प्रदेश में एक मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए परीक्षाओं की निगरानी की जाएगी। संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर CCTV कैमरों से नजर रखी जाएगी, जबकि फ्लाइंग स्क्वॉड अचानक निरीक्षण कर नकल और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्त नजर रखेगा।
10 फरवरी से शुरू होंगी MP बोर्ड परीक्षाएं
मध्यप्रदेश में कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 10 फरवरी से शुरू होंगी, जबकि कक्षा 10वीं की परीक्षाएं 13 फरवरी से आयोजित की जाएंगी। इस साल पूरे राज्य में कुल 3,856 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें से 488 केंद्रों को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। इंदौर जिले में अकेले 138 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
छात्रों को राहत, व्यवस्था पर भरोसा
शिक्षा विभाग का कहना है कि ‘Honesty Boxes’ जैसी पहल छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ परीक्षा को डर-मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विभाग को उम्मीद है कि इससे नकल की घटनाओं में कमी आएगी और परीक्षा प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी।
