Crime News: जबलपुर में स्पेशल आर्म्ड फोर्स की 6वीं बटालियन में टीए घोटाला, करोड़ों की गड़बड़ी उजागर

Investigation into a multi-crore travel allowance scam in the 6th Battalion of the Special Armed Force in Jabalpur, Madhya Pradesh.
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जबलपुर में स्पेशल आर्म्ड फोर्स की 6वीं बटालियन में यात्रा भत्ता से जुड़ा करोड़ों रुपये का घोटाला। (Image-AI) 

जबलपुर में स्पेशल आर्म्ड फोर्स की 6वीं बटालियन में यात्रा भत्ता से जुड़ा करोड़ों रुपये का घोटाला सामने आया है। दो अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज की गई है, जबकि अन्य जवानों की भूमिका की जांच जारी है।

गुरजीत कौर की रिपोर्ट: जबलपुर में स्पेशल आर्म्ड फोर्स (SAF) की 6वीं बटालियन में यात्रा भत्ता (TA) से जुड़ा बड़ा घोटाला सामने आया है। विभागीय जांच में करीब 3 करोड़ रुपये के फर्जी भुगतान का खुलासा हुआ है। यह मामला पुलिस विभाग के लिए गंभीर माना जा रहा है।

इस घोटाले की जांच एसएएफ की 6वीं बटालियन की चार सदस्यीय टीम द्वारा की गई थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आरक्षक अभिषेक और एएसआई सत्यम शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

जांच में क्या सामने आया

  • जांच के दौरान सामने आया कि यात्रा भत्ता के नाम पर फर्जी टीए बिल लगाए गए।
  • एक ही समयावधि में कई बार भुगतान किया गया।
  • दस्तावेज सत्यापन के लिए पोर्टल पर ब्लैक-एंड-व्हाइट फोटो अपलोड की गई।
  • फर्जी क्लेम पास कराने के लिए अधिकारियों से धोखे से ओटीपी प्राप्त किए गए।
  • यह फर्जीवाड़ा वर्ष 2022 से 2025 के बीच का बताया जा रहा है।

निलंबन और अन्य संदिग्ध

घोटाले के सामने आने के बाद आरक्षक अभिषेक और एएसआई सत्यम शर्मा को पहले ही निलंबित किया जा चुका था। इसके अलावा 12 अन्य जवानों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है, जिनकी जांच की जा रही है।

आत्महत्या का मामला

इस प्रकरण के सामने आने के बाद आरक्षक अभिषेक ने ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस मामले की हत्या के एंगल से भी जांच की गई, लेकिन जांच में आत्महत्या की पुष्टि हुई है। पुलिस का कहना है कि जांच के दबाव में यह कदम उठाया गया।

कानूनी कार्रवाई

इस मामले में आरोपियों के खिलाफ IPC की धारा 420, 467, 468, 471, 120B और 109 के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच एजेंसियां घोटाले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आगे की जांच में और भी अहम तथ्य सामने आ सकते हैं।

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