इंदौर दूषित जल कांड: CM मोहन यादव सख्त, अपर आयुक्त हटाए गए; कमिश्नर को नोटिस जारी

CM मोहन यादव सख्त: इंदौर नगर निगम के अपर आयुक्त (रोहित सिसोनिया) को तत्काल प्रभाव से पद से हटाने के निर्देश दिए
इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से हुई मौतों का आंकड़ा ने हिलाकर रख दिया है। इस गंभीर घटना को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कड़ा रुख अपनाते हुए शुक्रवार को उच्च स्तरीय बैठक की और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने इसे सीधी प्रशासनिक विफलता मानते हुए स्पष्ट कहा कि जनस्वास्थ्य से जुड़ी लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। अपर मुख्य सचिव (नगरीय प्रशासन एवं विकास) की रिपोर्ट के आधार पर कई अहम फैसले लिए गए हैं।
लापरवाह अधिकारियों पर गिरी गाज
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर इंदौर नगर निगम के अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया गया है। नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा और अपर आयुक्त को इस गंभीर लापरवाही पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जल वितरण कार्य से जुड़े प्रभारी अधीक्षण यंत्री से तत्काल प्रभार वापस लेने के आदेश दिए गए हैं। इसके साथ ही नगर निगम में रिक्त आवश्यक पदों पर तुरंत नियुक्ति के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि व्यवस्था में सुधार हो सके।
कैसे फैला संक्रमण?
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि भागीरथपुरा इलाके में सार्वजनिक शौचालय के नीचे से गुजर रही पेयजल पाइपलाइन में लीकेज था। इसी लीकेज के कारण सीवर का पानी पीने के पानी में मिल गया, जिससे इलाके में गंभीर संक्रमण फैल गया।
अब तक इस घटना में 15 लोगों की मौत की खबरें सामने आई हैं, हालांकि आधिकारिक आंकड़ा 4 से 10 के बीच बताया जा रहा है। वहीं 272 से अधिक लोग अस्पताल में भर्ती कराए गए हैं, जिनका इलाज जारी है।
NHRC ने भी लिया संज्ञान
इस पूरे मामले पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी संज्ञान लिया है और मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव से दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर हालात की समीक्षा की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
