Indore Bhagirathpura Case: दूषित पानी से 33वीं मौत, पत्नी के बाद पति की भी गई जान; बेटे का दावा- कोई बीमारी नहीं थी

Indore ke Bhagirathpura area me contaminated water ke chalte hospital me bharti buzurg patient ka ilaj karte doctor.
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इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से बीमार हुए लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। (प्रतीत्मक तस्वीर-AI)

Indore Bhagirathpura Case में दूषित पानी से मौतों का सिलसिला जारी है। 70 वर्षीय अलगूराम यादव की मौत के बाद आंकड़ा 33 पहुंच गया है। इससे पहले 65 वर्षीय अनीता कुशवाहा की भी जान गई थी, जिनके परिजनों ने किसी पुरानी बीमारी से इनकार किया था।

गुरजीत कौर की रिपोर्ट: मध्यप्रदेश के इंदौर स्थित भगीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से जुड़ी मौतों का आंकड़ा बढ़कर 33 हो गया है। 70 वर्षीय अलगूराम यादव की मौत के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। परिजनों का कहना है कि अलगूराम को पहले से कोई गंभीर बीमारी नहीं थी और वे पूरी तरह स्वस्थ थे।

अलगूराम यादव को 9 जनवरी को सांस लेने में तकलीफ के बाद अरविंदो अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इससे करीब एक महीने पहले उनकी पत्नी की भी उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद अस्पताल में इलाज के दौरान जान चली गई थी। परिवार का आरोप है कि दोनों की तबीयत खराब होने की वजह इलाके में सप्लाई हो रहा दूषित पानी था।

इलाज के दौरान दम तोड़ा
मृतक के बेटे का कहना है कि पिता को उल्टी-दस्त की शिकायत होने पर अस्पताल ले जाया गया था। डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका। परिजनों ने साफ कहा कि अलगूराम को पहले से कोई पुरानी या गंभीर बीमारी नहीं थी।

उल्टी-दस्त के चलते कई मौतें
इससे पहले 65 वर्षीय अनीता कुशवाहा की भी मौत हो चुकी है। अनीता को उल्टी-दस्त की गंभीर शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। अनीता के बेटे ने भी बताया था कि उनकी मां को पहले से कोई बीमारी नहीं थी, लेकिन इलाज के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका।

400 से ज्यादा लोग हो चुके हैं बीमार
दूषित पानी के चलते भगीरथपुरा इलाके में 400 से अधिक लोग बीमार हुए थे, जिनमें से अधिकांश इलाज के बाद घर लौट चुके हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक फिलहाल तीन मरीज अब भी अस्पताल में भर्ती हैं और उनका इलाज जारी है।

मामले की जांच के लिए कमीशन गठित
भगीरथपुरा मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने एक पूर्व हाई कोर्ट जज की अध्यक्षता में जांच आयोग गठित करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि मामले की जांच एक स्वतंत्र और भरोसेमंद अथॉरिटी से कराई जानी चाहिए। आयोग को जांच शुरू होने की तारीख से चार सप्ताह के भीतर अंतरिम रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

यह आदेश जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और आलोक अवस्थी की डिवीजन बेंच ने 27 जनवरी 2026 को पारित किया। कोर्ट भगीरथपुरा में खराब पानी पीने से हुई मौतों को लेकर एक साथ दायर कई जनहित याचिकाओं (PIL) पर सुनवाई कर रहा था।

सरकार की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
राज्य सरकार ने हाई कोर्ट को बताया कि भगीरथपुरा इलाके में फैली गैस्ट्रोएंटेराइटिस बीमारी के चलते अब तक कई मौतें हुई हैं। सरकार ने शहर के महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज के पांच विशेषज्ञों की समिति द्वारा तैयार ऑडिट रिपोर्ट पेश की, जिसमें कहा गया है कि 23 मौतों में से 16 मौतें दूषित पेयजल से जुड़ी उल्टी-दस्त की बीमारी के कारण हो सकती हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक चार लोगों की मौत बीमारी से जुड़ी नहीं पाई गई, जबकि तीन अन्य मामलों में मौत के कारण को लेकर कोई स्पष्ट निष्कर्ष नहीं निकाला जा सका।

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