CM मोहन यादव ने सुनी अनामिका की गुहार: अधिकारियों को दिए निर्देश, Doctor बनने का सपना अब होगा पूरा

“मैं गरीब बैगा आदिवासी हूं, मुझे डॉक्टर बनना है…”यह शब्द थे मध्य प्रदेश के सीधी जिले की आदिवासी बेटी अनामिका बैगा के, जिनकी आंखों में आंसू और दिल में बड़ा सपना था। आर्थिक तंगी के कारण NEET की तैयारी, कोचिंग और छात्रावास का खर्च उठा पाना उनके परिवार के लिए मुश्किल हो गया था। लेकिन अब अनामिका का डॉक्टर बनने का सपना हकीकत की ओर बढ़ रहा है।
सीधी दौरे के दौरान जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से अनामिका ने अपनी पीड़ा साझा की, तो मुख्यमंत्री ने न केवल उसकी बात ध्यान से सुनी, बल्कि तुरंत मदद के निर्देश भी दिए। बैगा जनजाति से आने वाली इस होनहार छात्रा ने भावुक होकर बताया कि उसके पिता के पास पढ़ाई के लिए पर्याप्त पैसे नहीं हैं। उसने विधायक, सांसद और कलेक्टर से भी मदद मांगी थी, लेकिन कहीं से समाधान नहीं मिला।
कल सीधी प्रवास के दौरान बिटिया सुश्री अनामिका बैगा ने पढ़ाई में मदद हेतु अनुरोध किया था। जानकारी प्राप्त करने पर यह संज्ञान में आया कि अनामिका अभी NEET की तैयारी कर रही है और कोचिंग की पढ़ाई तथा छात्रावास के लिए मदद चाहती है। अभी तक उसने NEET की परीक्षा दी नहीं है।
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) January 10, 2026
यह संज्ञान…
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अपने आधिकारिक X (ट्विटर) अकाउंट पर पोस्ट कर जानकारी दी कि अनामिका NEET की तैयारी कर रही है और कोचिंग व छात्रावास के लिए सहायता चाहती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि उसकी पढ़ाई के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही यह भी आश्वासन दिया कि मेडिकल कॉलेज में प्रवेश मिलने पर राज्य सरकार उसे हर संभव सहायता देगी।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि एक दिन अनामिका बैगा एक सफल और विख्यात चिकित्सक बनकर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे मध्य प्रदेश का नाम रोशन करेगी। मुख्यमंत्री की इस संवेदनशील पहल से यह संदेश गया है कि राज्य में किसी भी प्रतिभाशाली छात्र का सपना सिर्फ गरीबी की वजह से अधूरा नहीं रहने दिया जाएगा।
