एक्सक्लूसिव इंटरव्यू: MP की बेरोजगारी, आय और निवेश पर CM मोहन यादव का बड़ा दावा, बोले- “अगले 5 साल में दोगुना होगा बजट”
‘हरिभूिम व आईएनएच न्यूज चैनल’ के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी का सीएम डॉ. मोहन यादव से ‘सार्थक संवाद’
सीएम डॉ. मोहन यादव का कहना है कि प्रदेश बीते दो सालों में बहुत तेजी से आगे बढ़ा है। आप चैटजीपीटी खोलकर देखें। बहुत कुछ पता चल जाएगा। राज्य में जहां प्रति व्यक्ति आय 1 लाख 42 हजार रुपए थी, अब बढ़कर 1 लाख 56 हजार हो गई है।
कुछ राज्यों को छोड़ दें, तो आज मध्यप्रदेश की बेरोजगारी दर सबसे कम रही है । कह सकते हैं कि मात्र एक से डेढ़ प्रतिशत ही बेरोजगारी दर बची है। आने वाले पांच सालों में भी प्रदेश का बजट दो गुना होने वाला है। जिस राज्य में जीआईएस 30 प्रतिशत जमीन पर उतर जाए वो बड़ी कामयाबी के तौर पर देखी जा सकती है। साढ़े 8 लाख करोड़ के निवेश जमीन पर उतरे हैं।
डॉ. यादव ने यह बातें ‘हरिभूमि व आईएनएच न्यूज चैनल’ के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी से विशेष साक्षात्कार कार्यक्रम ‘सार्थक संवाद’ में कहीं।
सीएम डॉ. मोहन यादव का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू।
बीते दो साल डेढ़ माह में डॉ. मोहन यादव कितने बदले हैं?
आज से 40 साल पहले भोपाल की पहचान यूनियन कार्बाइड की एक भीषण त्रासदी से होती थी। हजारों लोग मारे गए और उसके जिम्मेदार एंडरसन को भगाने में कांग्रेस के सिर पर उसका पाप रहा है। यहां तक कि सालों साल उसका कचरा हमारे यहां पड़ा रहा। न्यायिक प्रक्रिया के चलते बीस साल तक हमारी सरकारें भी परेशान रहीं। इस कचरे के निष्पादन में एमपी को कामयाबी मिली है।
कॉन्क्लेव बहुत होती हैं पर निवेश नहीं होता है आपका अनुभव क्या कहता है?
जिस राज्य में जीआईएस 30 प्रतिशत जमीन पर उतर जाए, वो बड़ी कामयाबी के तौर पर देखी जा सकती है। आपको कभी समय मिले तो भोपाल के गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र में चले जाइए। साढ़े 8 लाख करोड़ के निवेश जमीन पर उतरे हैं आप प्रदेश में जाकर तो देखिए।
माइनिंग सेक्टर में बेहतर काम करने के लिए पहला पुरस्कार एमपी को मिला है। गृहमंत्री अमित शाह खुले मंच से तारीफ कर चुके हैं। प्रगति के पथ पर तेजी से बढ़ते एमपी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कुशल मार्गदर्शन मिला, जिसकी वजह से प्रदेश आगे बढ़ रहा है।
मेडिकल की पढ़ाई हिंदी में होगी इस प्रयास को हम कहां तक सफल मान रहे हैं ?
2023 में हमारे यहां कितने मेडिकल कॉलेज थे और आज कितने हैं। तब आपको ध्यान में आ जाएगा। वर्ष 2002 में मात्र 5 मेडिकल कॉलेज थे। ये आंकड़ा एमपी के गठन से यानी 46 साल में मात्र 5 मेडिकल कॉलेज खुल पाए।
हमारी सरकार ने मात्र दो साल में 6 मेडिकल खोल दिए। जबकि पीपीपी मोड के तहत 14 मेडिकल कॉलेज के लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं। जहां बड़ी संख्या में डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और तमाम सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। इससे प्रदेश की जनता को बेहतर इलाज मिलना आसान हो जाएगा।
हमारे इस पीपीपी मॉडल की सराहना केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने की है। उन्होंने कहा है कि दूसरे राज्यों में भी इसे लागू होना चाहिए। हमने शर्त रखी है जिसे 300 बेड का अस्पताल चलाने का अनुभव हो और 500 करोड़ की बैलेंस शीट हो उसी को मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए पात्र माना जा रहा है। इससे किसी तरह से राज्य का मजाक नहीं बनेगा।
ज्यादातर शिकायतें रहती हैं कि भवन होता है पर स्टाफ नहीं होता है। कई बार मेडिकल कॉलेज में पढ़ाने वाले शिक्षक या योग्य शिक्षका नहीं मिलते?
इसका हमने बहुत आसान तरीका निकाला है। हम अपने ही मेडिकल कॉलेज में पढ़ाएंगे और उन्हीं को अपने अस्पताल में नौकरी देंगे। जहां तक पढ़ाई के लिए पैसा कहां से आएगा इसकी व्यवस्था भी सरकार करेगी। एक करोड़ का लोन देगी। जब लोन पट जाए, फिर उनकी मर्जी, जहां जो करना हो कर सकते हैं।

आरक्षण का द्वंद्व क्या है? इसका समाधान आप किस तरह से निकाल रहे हैं?
प्रदेश में साढ़े 3 लाख लोगों को प्रमोशन और 2 लाख लोगों को इसके माध्यम से नौकरियां मिलती हैें। मामला कोर्ट में है। इसका जल्द समाधान निकल आएगा।
देश और प्रदेश में नए भाजपा अध्यक्ष आए, आपकी सरकार पर कोई फर्क पड़ा क्या?
दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी भाजपा की यही तो खासियत है। नितिन नबीन जी को पूरी लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत अध्यक्ष बनाया गया। ये कांग्रेस को सीखना चाहिए कि इतनी बड़ी पार्टी आसानी से अपना अध्यक्ष चुन लेती है।
दूसरी भाजपा की खासियत है कि जिसे जो काम मिलता है वो उसे पूरी निपुणता से करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्तव्य पथ से लेकर राम मंदिर और ईयू के साथ समझौते जैसे कई काम किए हैं, जिससे देश गौरवान्वित हुआ है।
भोजशाला विवाद को आप किस तरह से देखते हैं उसका समाधान क्या राम मंदिर की तर्ज पर कर पाएंगे?
देखिए, हम लोग जो भी काम करते हैं वो सभी की राय से मिलजुलकर करते हैं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण अयोध्या का राम मंदिर है, जहां बिना किसी विवाद और झगड़े के सभी पक्षों ने मिलकर राममंदिर निर्माण कराने में योगदान दिया।
इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस तरह से देश का भरोसा जीता, वो पूरी दुनिया के लिए नजीर बन गया है। कुछ इसी तरह के प्रयासों और भरोसा जीतते हुए माननीय न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए उसका समाधान निकालेंगे।
नक्सलवाद का खात्मा कैसे किया?
इसके लिए पूरी रणनीति केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा तैयार की गई थी। इसके लिए काफी पहले से तैयारी की गई। जहां संचार साधन नहीं थे पहले उन्हें पूरा किया गया। उच्चाधिकारियों की नियुक्ति हो या भर्ती करना हो ये सभी जरूरतों को पूरा किया गया है। इसके अलावा स्थानीय लोगों को भरोसे में लिया गया और जो मुख्य धारा में आना चाहते थे उन्हें उसका पूरा मौका दिया गया। कुछ लोगों ने सरकार पर भरोसा किया और हथियार डाल दिए।
कैसा देखना चाहते हैं मध्यप्रदेश ?
प्रदेश बीते दो सालों में बहुत तेजी से आगे बढ़ा है आप चैटजीपीटी (ChatGPT) खोलकर देखें। बहुत कुछ पता चल जाएगा। राज्य में जहां प्रति व्यक्ति आय 1 लाख 42 हजार रुपए थी, अब बढ़कर 1 लाख 56 हजार हो गई है। कुछ राज्यों को छोड़ दें, तो आज मध्यप्रदेश की बेरोजगारी दर सबसे कम रही है। कह सकते हैं कि मात्र एक से डेढ़ प्रतिशत ही बेरोजगारी दर बची है। आने वाले पांच सालों में भी प्रदेश का बजट दो गुना होने वाला है।
