मध्यप्रदेश स्टार्टअप समिट-2026: सीएम डॉ. मोहन यादव ने स्टार्टअप्स को दी करोड़ों की सौगात, बोले- 'नवाचार हमारे संस्कारों में'

सीएम डॉ. मोहन यादव ने स्टार्टअप्स को दी करोड़ों की सौगात, बोले- नवाचार हमारे संस्कारों में
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सीएम ने कार्यक्रम में 'मध्यप्रदेश स्टार्टअप राज्य स्तरीय अवॉर्ड' से प्रतिभाशाली युवाओं को सम्मानित किया।

इस अवसर पर उन्होंने 170 से अधिक स्टार्टअप्स को 10 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन और ऋण राशि वितरित की

भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वामी विवेकानंद जयंती के पावन अवसर पर भोपाल के रवीन्द्र भवन में 'मध्यप्रदेश स्टार्टअप समिट-2026' का भव्य शुभारंभ किया।

इस ऐतिहासिक आयोजन में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के युवाओं को नवाचार और स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करते हुए 170 से अधिक स्टार्टअप्स को करोड़ों रुपये की आर्थिक सहायता और ऋण राशि प्रदान की।

इस समिट का उद्देश्य मध्यप्रदेश को देश के प्रमुख स्टार्टअप हब के रूप में स्थापित करना और युवाओं के नए विचारों को वैश्विक मंच प्रदान करना है।

युवा उद्यमियों को 10 करोड़ से अधिक की वित्तीय मदद

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्टार्टअप्स को आर्थिक रूप से मजबूती प्रदान करने के लिए बड़ी राशि का वितरण किया। उन्होंने 156 स्टार्टअप्स को 2.5 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि और मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत 21 स्टार्टअप्स को 8.17 करोड़ रुपये से अधिक की ऋण राशि अंतरित की।

मुख्यमंत्री ने स्वयं अपने हाथों से स्टार्टअप फाउंडर्स को निवेश सहायता राशि के चेक सौंपे और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

उद्यमिता और व्यापार भारतीयों का मूल स्वभाव

संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापार और नवाचार भारतीयों के संस्कारों में रचे-बसे हैं। उन्होंने प्राचीन काल के व्यापारिक कौशल का उल्लेख करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश नए अवसरों का केंद्र बन चुका है। युवा शक्ति ही देश को नई दिशा दे सकती है और उनके नवाचार ही विकास का मुख्य आधार हैं।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार युवाओं के हर नए आइडिया को सफल बनाने के लिए संकल्पित है।

अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहा है एमएसएमई सेक्टर

डॉ. यादव ने भारतीय अर्थव्यवस्था में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि देश में 6 करोड़ से अधिक एमएसएमई इकाइयां जीडीपी में 30 प्रतिशत से ज्यादा का योगदान दे रही हैं।

उन्होंने बताया कि भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इको-सिस्टम बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के साथ मिलकर भारत जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर अग्रसर है।

चार प्रमुख संस्थाओं के साथ विकास के लिए एमओयू

प्रदेश के औद्योगिक विकास को गति देने के लिए समिट में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग और चार प्रमुख संस्थाओं के बीच दीर्घकालिक समझौते किए गए।

इनमें फेडरेशन ऑफ इंडिया एक्सपोर्ट आर्गेनाइजेशन, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, कार्वी स्टार्टअप लैब्स और स्टार्टअप मिडिल ईस्ट के साथ महत्वपूर्ण अनुबंध हुए। ये समझौते प्रदेश के स्टार्टअप्स को वैश्विक बाजार और बेहतर बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहायक होंगे।

सफल स्टार्टअप्स की गाथा और पुरस्कार वितरण

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में 'मध्यप्रदेश स्टार्टअप राज्य स्तरीय अवॉर्ड' से प्रतिभाशाली युवाओं को सम्मानित किया। इसके साथ ही मध्यप्रदेश में स्थापित सफल स्टार्टअप्स पर आधारित एक विशेष बुकलेट का विमोचन भी किया गया।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न इंक्यूबेटर्स और फाउंडर्स से संवाद कर उनके अनुभवों को जाना और युवाओं को स्टार्टअप नीति-2025 के लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।


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