दृष्टिबाधित शिक्षकों को राहत: ऑनलाइन अटेंडेंस से मिली छूट, अब छुट्टी के लिए जरूरी होगा ऑनलाइन आवेदन

MP Education Department blind Teachers Online Attendance Exemption
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मध्यप्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग ने दृष्टिबाधित शिक्षकों को एक बड़ी राहत देते हुए ऑनलाइन अटेंडेंस लगाने से छूट देने का फैसला किया है।

मध्यप्रदेश में दृष्टिबाधित शिक्षकों को ऑनलाइन अटेंडेंस से छूट दी गई है, जबकि अब सभी शिक्षकों और कर्मचारियों को अवकाश के लिए केवल ऑनलाइन आवेदन करना होगा। स्कूल शिक्षा विभाग के नए आदेश से शिक्षकों की व्यवस्था में बड़ा बदलाव आया है।

भोपाल। मध्यप्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग ने दृष्टिबाधित शिक्षकों को एक बड़ी राहत देते हुए ऑनलाइन अटेंडेंस लगाने से छूट देने का फैसला किया है। लंबे समय से दृष्टिबाधित शिक्षकों को हमारे शिक्षक ऐप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करने में तकनीकी और व्यवहारिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए लोक शिक्षण संचालनालय ने नियमों में यह महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब दृष्टिबाधित शिक्षकों की दैनिक उपस्थिति उनके स्कूल या संस्था के लॉग-इन से संस्था प्रमुख द्वारा दर्ज की जाएगी।

इस संबंध में संचालक लोक शिक्षण केके द्विवेदी ने आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि एजुकेशन पोर्टल पर ई-सेवा पुस्तिका में जिन शिक्षकों को दृष्टिबाधित दिव्यांग के रूप में दर्ज किया गया है, उनकी सूची संबंधित विद्यालय के लॉग-इन पर स्वतः प्रदर्शित होगी।

पांच जनवरी से आगामी आदेश तक इन शिक्षकों की अटेंडेंस संस्था प्रमुख द्वारा ही दर्ज की जाएगी। इससे न केवल दृष्टिबाधित शिक्षकों की परेशानी कम होगी, बल्कि उनकी उपस्थिति को लेकर होने वाली तकनीकी दिक्कतों का भी समाधान हो सकेगा। दूसरी ओर, स्कूल शिक्षा विभाग ने अवकाश व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल करने का फैसला किया है। अब विभाग में कार्यरत सभी लोक सेवकों, को छुट्टी के लिए केवल हमारे शिक्षक ऐप के माध्यम से ही आवेदन करना होगा। इसमें द्वितीय श्रेणी तक के अकादमिक, लिपिकीय और प्रशासनिक अमला शामिल है। ऑफलाइन अवकाश आवेदन अब स्वीकार नहीं किए जाएंगे। यह व्यवस्था 1 जनवरी से लागू कर दी गई है।

विभाग का कहना है कि हमारे शिक्षक ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म को शिक्षकों की सुविधा और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। इस प्लेटफॉर्म पर शिक्षकों का सेवा रिकॉर्ड, स्वत्वों से जुड़े आवेदन और अन्य विभागीय समस्याओं से संबंधित जानकारी एक ही जगह उपलब्ध कराई जा रही है। अवकाश आवेदन को ऑनलाइन करने से प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और अनावश्यक देरी या भ्रम की स्थिति खत्म होगी। कुल मिलाकर, यह फैसला जहां एक ओर दृष्टिबाधित शिक्षकों के लिए संवेदनशील और व्यावहारिक कदम माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर पूरे शिक्षा विभाग को डिजिटल और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में एक अहम प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

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