सोनीपत में गरजे सीएम योगी: बोले- सनातन और भारत एक-दूसरे के पर्याय, अवैध धर्मांतरण को रोकना समय की मांग

योगी आदित्यनाथ सोनीपत दौरा।
हरियाणा के सोनीपत स्थित मुरथल में गुरुवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक भव्य आध्यात्मिक समागम को संबोधित किया। अवसर था सिद्ध नागे बाबा मंदिर में आयोजित मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा समारोह का, जहां उन्होंने न केवल धार्मिक महत्व पर प्रकाश डाला, बल्कि राष्ट्रवाद और सनातन धर्म के अंतर्संबंधों को भी रेखांकित किया।
सनातन और राष्ट्रहित, एक ही सिक्के के दो पहलू
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत और सनातन धर्म को एक-दूसरे से अलग करके नहीं देखा जा सकता। उन्होंने कहा कि जब भारत का हित सुरक्षित रहेगा, तभी सनातन धर्म की शक्ति अक्षुण्ण रहेगी। योगी ने नाथ संप्रदाय की महिमा का गुणगान कर इसे भारत की सबसे प्राचीन और प्रभावी सांस्कृतिक विरासत बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह संप्रदाय न केवल धर्म को मजबूती देता है, बल्कि मनुष्य को जीवन जीने की सही कला और संस्कार भी सिखाता है।
धर्म थोपने की चीज नहीं
धार्मिक स्वतंत्रता और आस्था के विषय पर बात करते हुए सीएम योगी ने कहा कि उपासना एक व्यक्तिगत विषय है और इसे किसी भी व्यक्ति पर जबरन थोपा नहीं जा सकता। उन्होंने हरियाणा की ऐतिहासिक महत्ता का जिक्र कर कहा कि इसी पावन धरा पर भगवान श्रीकृष्ण ने गीता का अमर संदेश दिया था, जिसमें 'कर्म' को ही प्रधान बताया गया है। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि नेक कर्मों से ही हम राष्ट्र और समाज को प्रगति के पथ पर ले जा सकते हैं।
धर्मांतरण के मुद्दे पर भी कड़ा रुख अपनाया
भाषण के दौरान योगी आदित्यनाथ ने धर्मांतरण के मुद्दे पर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने केरल उच्च न्यायालय के एक हालिया फैसले का हवाला देते हुए कहा कि अवैध धर्मांतरण को रोकना समय की मांग है। उन्होंने चेतावनी दी कि सनातन धर्म को कमजोर करने की कोशिश करने वाली ताकतों के खिलाफ अब मोर्चा खोलने का समय आ गया है।
विदेशी मानसिकता का अंत
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि देश अब गुलामी की बेड़ियों और विदेशी ताकतों की संकुचित मानसिकता से मुक्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि एक समय था जब अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण महज एक कल्पना माना जाता था, लेकिन एक सशक्त इच्छाशक्ति वाली सरकार ने इस सपने को धरातल पर उतारा।
उन्होंने बताया कि अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा के बाद से अब तक लगभग 45 करोड़ श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। काशी विश्वनाथ धाम और अयोध्या की सफलता का उदाहरण देते हुए उन्होंने आह्वान किया कि अब हमारा संकल्प हर मंदिर को एक भव्य 'धाम' के रूप में विकसित करने का होना चाहिए।
शताब्दी महोत्सव केवल उत्सव नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का संकल्प
योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि नागे बाबा मंदिर का यह शताब्दी महोत्सव केवल एक धार्मिक उत्सव मात्र नहीं है, बल्कि यह देश के सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय विकास का एक साझा लक्ष्य है। उन्होंने विश्वास जताया कि संत समाज और आम जनता के सहयोग से इस सांस्कृतिक पुनर्जागरण को पूरा किया जाएगा।
प्रशासनिक मुस्तैदी और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए सोनीपत जिला प्रशासन ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए थे। मुरथल और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। जिला कलेक्टर (DC) ने स्वयं कार्यक्रम स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष रूट डायवर्जन प्लान लागू किया गया। मंदिर परिसर को स्वच्छता और सौंदर्यीकरण के साथ दुल्हन की तरह सजाया गया था। इस अवसर पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली, कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा और स्थानीय विधायक समेत कई गणमान्य संत और नेता मंच पर उपस्थित रहे।
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