सिरसा में 'बिच्छू गैंग' की फिर आहट: दहशत में ग्रामीण, जमानत पर आए युवाओं ने मचाया उत्पात, पुलिस तैनात

Bicchu Gang
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बिच्छू गैंग पर कार्रवाई नहीं होने पर एसपी ऑफिस पर नारेबाजी करते ग्रामीण। 

ग्रामीणों के भारी विरोध के बाद आरोपियों को पकड़ने के लिए CIA और पुलिस की विशेष टीमें गठित कर दी हैं। पुलिस ने कहा कि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।

हरियाणा के सीमावर्ती जिले सिरसा में कुख्यात 'बिच्छू गैंग' एक बार फिर बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। जेल से जमानत पर छूटकर आए कुछ लोगों ने ग्रामीण इलाकों में आतंक का माहौल बना दिया है। गैंग का खौफ दिखाकर ये युवक न केवल सरेआम लूटपाट कर रहे हैं, बल्कि विरोध करने वालों पर जानलेवा हमले भी कर रहे हैं।

धोतड़ गांव में दहशत

पहले इस गिरोह का गढ़ खारिया गांव माना जाता था, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों से पास के धोतड़ गांव में इनकी सक्रियता अचानक बढ़ गई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि गैंग का सरगना भले ही जेल में है, लेकिन जमानत पर बाहर आए 4-5 युवक उसके नाम का इस्तेमाल कर अपना वर्चस्व कायम करने की कोशिश कर रहे हैं। इन बदमाशों की कार्यप्रणाली ऐसी है कि एक सदस्य से विवाद होने पर पूरा गुट हथियारों के साथ वहां पहुंच जाता है, जिससे ग्रामीणों में सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता है।

महिलाओं से बदसलूकी और खुलेआम फायरिंग

ग्रामीणों ने पुलिस मुख्यालय पहुंचकर आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि पिछले दो महीनों में इन लोगों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि इन्होंने एक किसान पर लोहे की रॉड से हमला किया और एक घर में घुसकर महिलाओं के साथ अभद्रता की। महज दो दिन पहले गांव में हुई फायरिंग ने लोगों की नींद उड़ा दी है। नशे के आदी ये युवक शाम ढलते ही राहगीरों से मारपीट कर उनकी गाड़ियां और कीमती सामान छीन लेते हैं, जिस कारण शाम 6 बजे के बाद गांव की गलियों में सन्नाटा पसर जाता है।

आतंकी संगठनों और सीमा पार से कनेक्शन

'बिच्छू गैंग' का इतिहास बेहद संदेहास्पद रहा है। नवंबर 2025 में सिरसा के महिला थाने के बाहर हुए शक्तिशाली धमाके में इस गैंग के सदस्यों की संलिप्तता पाई गई थी। जांच के दौरान इनके संबंधों के तार 'खालिस्तानी लिबरेशन आर्मी' और पाकिस्तान स्थित गैंगस्टर शहजाद भट्टी से जुड़े होने के सबूत मिले थे। देशविरोधी ताकतों से जुड़ाव होने के कारण पुलिस इन पर विशेष नजर रख रही है।

गठित हुई सीआईए की टीमें

बढ़ते जन आक्रोश को देखते हुए सिरसा के पुलिस अधीक्षक (SP) दीपक सहारण ने मोर्चा संभाल लिया है। ग्रामीणों से मुलाकात के बाद उन्होंने सीआईए (CIA) और रानियां पुलिस की संयुक्त टीमें गठित कर दी हैं। एसपी ने स्पष्ट किया कि आरोपियों का पिछला आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है और उनकी जमानत रद्द करवाने के लिए भी कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी उपद्रवी सलाखों के पीछे होंगे।

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