पिता को कैंसर में खोया तो चुनी 'जहर मुक्त' खेती की राह: गणतंत्र दिवस पर अब राष्ट्रपति भवन के खास मेहमान बनेंगे रेवाड़ी के किसान यशपाल

President House Guest Farmer
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रेवाड़ी के प्रगतिशील किसान यशपाल खोला को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गणतंत्र दिवस पर विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया। 

गांव कंवाली के किसान को देश के 77वें गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है। यशपाल उन 6 चुनिंदा किसानों में शामिल हैं, जो 25 से 28 जनवरी तक राष्ट्रपति भवन के राजकीय मेहमान रहेंगे।

हरियाणा के रेवाड़ी जिले का एक साधारण सा गांव 'कंवाली' आज पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। यहां के प्रगतिशील किसान यशपाल खोला को भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गणतंत्र दिवस पर विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है। देश के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में सम्मानित होने वाले देश के चुनिंदा 6 किसानों में यशपाल का नाम शामिल होना न केवल हरियाणा बल्कि पूरे कृषि जगत के लिए गौरव की बात है।

राष्ट्रपति भवन में तीन दिनों तक रहेंगे राजकीय अतिथि

यशपाल खोला को राष्ट्रपति भवन से आधिकारिक बुलावा मिला है। तय कार्यक्रम के अनुसार वह 25 जनवरी को अपनी पत्नी अनीता कुमारी के साथ दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे। वह 28 जनवरी तक राष्ट्रपति भवन के राजकीय मेहमान के रूप में वहां प्रवास करेंगे। जिला प्रशासन के अनुसार किसानों को दिल्ली स्थित आईसीएआर (ICAR) तक स्वयं पहुंचना होगा, जिसके बाद राष्ट्रपति भवन तक ले जाने और वहां ठहरने की पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।

दुखद अतीत ने बदली जीवन की राह

यशपाल की इस सफलता के पीछे एक संघर्षपूर्ण और भावुक कहानी छिपी है। उन्होंने साल 2014 में ही प्राकृतिक खेती की ओर कदम बढ़ा दिए थे, लेकिन जीवन में बड़ा बदलाव साल 2018 में आया। यशपाल ने अपने पिता को कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी के कारण खो दिया। पिता की मृत्यु ने उन्हें झकझोर कर रख दिया और उन्होंने महसूस किया कि रासायनिक खाद और कीटनाशकों का बढ़ता प्रयोग मानव स्वास्थ्य के लिए कितना घातक है। उसी समय उन्होंने संकल्प लिया कि वे अब पूरी तरह से 'जहर मुक्त' खेती करेंगे और समाज को स्वस्थ अन्न प्रदान करेंगे।

प्राकृतिक खेती का 'रिटेल मार्केटिंग मॉडल' बना मिसाल

यशपाल खोला ने न केवल अपनी जमीन को रसायनों से मुक्त किया, बल्कि एक ऐसा सफल 'रिटेल मार्केटिंग मॉडल' तैयार किया जो आज देशभर के किसानों के लिए नजीर बन गया है। उन्होंने बिचौलियों को हटाकर सीधे उपभोक्ताओं तक अपनी शुद्ध उपज पहुंचाने की व्यवस्था की। इससे उन्हें फसल का उचित मूल्य मिलता है और लोगों को सुरक्षित खाद्यान्न।

उनकी उपलब्धियां

• अरावली किसान क्लब के अध्यक्ष: वह इस क्लब के माध्यम से सैकड़ों किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रशिक्षित कर रहे हैं।

• उच्च शिक्षा: यशपाल ने स्नातक के साथ-साथ हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU) से दो वर्ष का विशेष डिप्लोमा भी प्राप्त किया है।

• विविध उत्पाद: वह अपने खेतों में प्राकृतिक तरीके से गेहूं, सब्जियां और विभिन्न फलों की पैदावार करते हैं।

मिट्टी की सेहत और राष्ट्र निर्माण में योगदान

रेवाड़ी के जिला उपायुक्त (DC) ने यशपाल के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके कार्य केवल खेती तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण की एक सशक्त पहल है। प्राकृतिक खेती से न केवल मिट्टी की उर्वरक शक्ति लौट रही है, बल्कि जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा में भी बड़ा योगदान मिल रहा है। प्रशासन का मानना है कि यशपाल ने जिस बड़े रकबे को रासायनिक खेती से प्राकृतिक खेती में बदला है, वह एक क्रांतिकारी कदम है।

डाक विभाग के अधिकारियों ने सौंपा निमंत्रण पत्र

राष्ट्रपति भवन का यह प्रतिष्ठित निमंत्रण पत्र विशेष रूप से डाक विभाग के अधिकारियों द्वारा यशपाल के घर पहुंचाया गया। निमंत्रण पत्र सौंपने वाली टीम में सहायक अधीक्षक चरणजीत यादव, पोस्टमास्टर रामेहर शर्मा और अन्य कर्मी शामिल रहे। इस सम्मान से यशपाल का पूरा परिवार, जिसमें उनकी मां सुशीला देवी, बेटी फलक राव और बेटा आरव शामिल हैं, बेहद उत्साहित हैं।

यह सम्मान मेरा नहीं, हर उस किसान का है जो मिट्टी से प्यार करता है

इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर कर यशपाल खोला ने कहा कि देश की प्रथम नागरिक की ओर से बुलावा आना मेरे लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। राष्ट्रपति भवन में तीन दिन बिताने का सम्मान मुझे भविष्य में और भी ऊर्जा के साथ काम करने की प्रेरणा देगा। मेरा लक्ष्य है कि मैं अधिक से अधिक किसानों को इस जहर मुक्त खेती की मुहिम से जोड़ सकूं ताकि आने वाली पीढ़ियां स्वस्थ रह सकें। यशपाल की यह यात्रा साबित करती है कि यदि संकल्प दृढ़ हो और उद्देश्य नेक तो एक किसान भी देश के सर्वोच्च सदन तक अपनी पहचान बना सकता है।

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