केंद्रीय बजट 2026: हरियाणा के 7 जिलों की चमकेगी किस्मत, सी-प्लेन से लेकर सस्ती दवाओं तक का मिला तोहफा

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पंचकूला में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण का बजट भाषण सुनते मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी व अन्य मंत्री। 

बजट के तहत अंबाला, हिसार और करनाल की हवाई पट्टियों को अब सी-प्लेन के संचालन के लिए आधुनिक बनाया जाएगा। साथ ही, हिसार एयरपोर्ट को विमानों के कलपुर्जे बनाने और मरम्मत के बड़े केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

केंद्र सरकार की ओर से पेश किए गए बजट-2026 ने हरियाणा के औद्योगिक और ढांचागत विकास को एक नई संजीवनी दी है। इस बजट के दूरगामी प्रावधानों से हरियाणा के सात प्रमुख जिलों—अंबाला, हिसार, करनाल, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला और सोनीपत—को सीधा लाभ मिलने वाला है। विमानन क्षेत्र से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं तक, हरियाणा अब विकास की नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार है।

सी-प्लेन के लिए तैयार होंगी हवाई पट्टियां

बजट में हरियाणा के नागरिक उड्डयन क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया गया है। अंबाला, हिसार और करनाल में स्थित हवाई पट्टियों को 'सी-प्लेन' (Sea-plane) के संचालन के लिए उन्नत बनाया जाएगा। इसके अलावा, हिसार हवाई अड्डे को एक बड़े 'एविएशन हब' के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां न केवल विमानों की मरम्मत (MRO) होगी, बल्कि हवाई जहाजों के कलपुर्जे भी बनाए जाएंगे। केंद्र सरकार द्वारा विमान के पुर्जों पर टैक्स घटाने के फैसले से हिसार की वैश्विक पहचान बढ़ेगी।

पंचकूला बनेगा फार्मा हब

हरियाणा के पंचकूला जिले को 'बायोफार्मा शक्ति' अभियान के तहत विकसित किया जाएगा। बजट में इस क्षेत्र के लिए 10,000 करोड़ रुपये के निवेश का प्रावधान है। पंचकूला में स्थित फार्मा कंपनियां अब विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मानकों के अनुरूप उच्च गुणवत्ता वाली टैबलेट, कैप्सूल और सिरप का बड़े पैमाने पर उत्पादन करेंगी। इस पहल का सबसे बड़ा लाभ मरीजों को मिलेगा, क्योंकि यहां कैंसर और मधुमेह (शुगर) जैसी गंभीर बीमारियों की सस्ती जेनेरिक और बायोफार्मा दवाएं तैयार की जाएंगी।

गुरुग्राम और फरीदाबाद में MSME को नई ताकत

गुरुग्राम और फरीदाबाद अब केवल ऑटोमोबाइल हब नहीं रहेंगे, बल्कि इन्हें विमानन क्षेत्र के पुर्जे बनाने वाले MSME केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा। केंद्र सरकार के सहयोग से यहां छोटे और मध्यम उद्योगों को तकनीक और निवेश उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही, 'इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0' के तहत गुरुग्राम को 'ग्लोबल टेक हब' के रूप में मजबूती दी जाएगी, जिससे इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी सेक्टर में रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।

बुनियादी ढांचा मजबूत कर युवाओं को मिलेगा रोजगार

हरियाणा में दिल्ली-गुरुग्राम-फरीदाबाद कॉरिडोर जैसे RRTS प्रोजेक्ट्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) चार्जिंग स्टेशनों के जाल बिछाने के लिए विशेष फंडिंग की घोषणा की गई है। सरकार के 12.2 लाख करोड़ रुपये के विशाल पूंजीगत व्यय (Capex) से राज्य के इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (IMT), विशेष रूप से खरखौदा और मानेसर के विस्तार को गति मिलेगी। इससे न केवल बुनियादी ढांचा मजबूत होगा, बल्कि लाखों युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलेगा।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया ऐतिहासिक बजट

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस बजट को ऐतिहासिक करार देते हुए कहा कि वित्त वर्ष 2027 के लिए निर्धारित किया गया पूंजीगत व्यय हरियाणा जैसे औद्योगिक राज्य को नई उड़ान देगा। उन्होंने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र के लिए 10,000 करोड़ का प्रावधान और राखीगढ़ी जैसे ऐतिहासिक स्थलों को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर लाने का फैसला राज्य की प्रगति में मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री के अनुसार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्वांटम मिशन में निवेश से हरियाणा के औद्योगिक विकास की रफ्तार कई गुना बढ़ जाएगी।

हरियाणा आने वाले समय में देश का सबसे बड़ा मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी हब बनेगा

मुख्यमंत्री की सिफारिश पर RIDF (ग्रामीण बुनियादी ढांचा विकास कोष) और UIDF (शहरी बुनियादी ढांचा विकास कोष) में की गई बढ़ोतरी से हरियाणा के गांवों और शहरों में सड़कों, पुलों और अन्य सुविधाओं का स्तर सुधरेगा। बजट के इन प्रावधानों से साफ है कि हरियाणा आने वाले समय में देश के सबसे बड़े मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी हब के रूप में उभरने वाला है।

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