छात्रवृत्ति राशि में बढ़ोतरी: हरियाणा में अब शहीदों के बच्चों को मिलेगी 96,000 रुपये तक की सालाना स्कॉलरशिप

Haryana Martyr Scholarship Scheme
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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी। 
इस नई योजना के तहत सशस्त्र बलों और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (CAPF) के शहीदों व हताहत सैनिकों के बच्चों को अब 5,000 से 8,000 रुपये प्रति माह तक की आर्थिक सहायता मिलेगी।

हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार ने शहीद परिवारों के लिए छात्रवृत्ति राशि में ऐतिहासिक बढ़ोतरी करते हुए एक बड़ा संबल प्रदान किया है। इस नई योजना के तहत सशस्त्र बलों और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (CAPF) के शहीदों व हताहत सैनिकों के बच्चों को अब 5,000 से 8,000 रुपये प्रति माह तक की आर्थिक सहायता मिलेगी। गौरतलब है कि साल 2006-07 में शुरू हुई पुरानी योजनाओं में यह राशि बेहद कम थी, जिसे 2019-20 में बढ़ाकर अधिकतम 3,000 रुपये किया गया था। अब सरकार ने इसे सीधे 8,000 रुपये मासिक तक पहुंचा दिया है, जो पूर्व की तुलना में अब तक की सबसे बड़ी वृद्धि है।

मुख्यमंत्री के चुनावी वादे पर मुहर

सैनिक और अर्धसैनिक कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेंद्र कुमार की ओर से इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा चुनावों से पहले अपने संकल्प पत्र में इसका वादा किया था। जून 2025 की कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी, जिसे अब धरातल पर उतारते हुए लागू कर दिया गया है।

कक्षा के आधार पर तय की गई छात्रवृत्ति राशि

• कक्षा 6वीं से 12वीं तक : इस श्रेणी के विद्यार्थियों को हर साल 60,000 रुपये की सहायता मिलेगी (यानी ₹5,000 प्रति माह)।

• स्नातक (Graduation): कॉलेज में पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए सालाना 72,000 रुपये का प्रावधान है।

• स्नातकोत्तर (Post Graduation): उच्च शिक्षा हासिल कर रहे युवाओं को हर साल 96,000 रुपये की सबसे बड़ी राशि दी जाएगी (यानी ₹8,000 प्रति माह)।

ये लोग आएंगे योजना के दायरे में

अधिसूचना के मुताबिक यह लाभ केवल युद्ध में शहीद हुए सैनिकों तक सीमित नहीं है। इसमें आईईडी ब्लास्ट, आतंकी हमले, सीमा पर झड़प, हवाई दुर्घटना, समुद्री आपदा, आंतरिक सुरक्षा ड्यूटी के दौरान मृत्यु और बचाव अभियानों जैसे जोखिम भरे कार्यों में जान गंवाने वाले सैनिकों के बच्चों को भी शामिल किया गया है। सरकार ने साफ किया है कि भले ही परिवार का कोई अन्य सदस्य सरकारी सेवा में हो, तब भी पात्र बच्चों को यह स्कॉलरशिप दी जाएगी।

पात्रता और निवास की शर्तें

इस योजना का लाभ उठाने के लिए सैनिक का हरियाणा का मूल निवासी होना अनिवार्य है। नियम के अनुसार सैनिक ने जिस समय सेवा ज्वाइन की थी, उस वक्त उसका स्थायी पता हरियाणा का होना चाहिए। यदि तैनाती के कारण उस समय पता अस्थायी था, तो उनके पिता के स्थायी घर के पते को आधार मानकर निवास का निर्धारण किया जाएगा।

इन बलों के बच्चों को मिलेगा लाभ

योजना के दायरे में रक्षा मंत्रालय के अधीन आने वाले सभी सशस्त्र बलों के साथ-साथ गृह मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले अर्द्धसैनिक बल भी शामिल हैं। इनमें प्रमुख रूप से सीमा सुरक्षा बल (BSF), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), असम राइफल्स, CISF, ITBP, NSG और सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवानों के परिवारों को लाभ मिलेगा।

पिछले वर्षों के मुकाबले बड़ी बढ़ोतरी

शहीदों के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति की राशि में यह अब तक का सबसे बड़ा बदलाव है। साल 2006-07 में शुरू हुई पुरानी छात्रवृत्ति योजनाओं में राशि काफी कम थी, जिसे 2019-20 में बढ़ाकर ₹2,500 और ₹3,000 किया गया था। अब सैनी सरकार ने इसे सीधे ₹8,000 प्रति माह तक पहुंचाकर शहीद परिवारों को एक बड़ा संबल प्रदान किया है।

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