लाडो लक्ष्मी योजना का दायरा बढ़ाया: हरियाणा के मेधावी बच्चों की माताओं को नए साल का तोहफा, हर महीने मिलेंगे 2100 रुपये

मुख्यमंत्री ने लाडो लक्ष्मी योजना का विस्तार किया।
नए साल 2026 के पहले ही दिन हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार ने प्रदेश की महिलाओं के लिए खुशियों का पिटारा खोल दिया है। चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में 'दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना' के विस्तार को मंजूरी दी गई। सरकार ने इस योजना में नई श्रेणियों को जोड़ते हुए शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर काम करने वाली माताओं को भी आर्थिक सहायता देने का फैसला किया है। यह निर्णय न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएगा, बल्कि समाज में बच्चों की शिक्षा और सेहत के प्रति जागरूकता भी पैदा करेगा।
होनहार बच्चों की सफलता पर माताओं का सम्मान
कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि अब लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ उन महिलाओं को भी दिया जाएगा जिनके बच्चों ने दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं में 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक बच्चे की कामयाबी के पीछे उसकी मां का सबसे बड़ा योगदान होता है, इसलिए सरकार ने तय किया है कि ऐसी माताओं को हर महीने 2100 रुपये की सम्मान राशि दी जाएगी। यह योजना अब तक की अपनी तरह की पहली पहल है जो सीधे तौर पर मेधावी छात्रों के अभिभावकों को प्रोत्साहित करती है।
कुपोषण मुक्त हरियाणा के लिए अनोखी पहलशिक्षा के साथ-साथ सरकार ने स्वास्थ्य को भी इस योजना का आधार बनाया है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि वे माताएं जिन्होंने अपने बच्चों को कुपोषण और एनीमिया जैसी बीमारियों की गिरफ्त से बाहर निकालने में कामयाबी पाई है, उन्हें भी लाडो लक्ष्मी योजना के तहत पात्र माना जाएगा। ऐसी माताओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए प्रतिमाह 2100 रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। सरकार का यह कदम प्रदेश में शिशु स्वास्थ्य और पोषण स्तर को सुधारने में एक मील का पत्थर साबित होगा।
महिला के नाम पर बैंक में जमा की जाएगी
इस योजना के तहत मिलने वाली 2100 रुपये की राशि को दो भागों में व्यवस्थित किया गया है। लाभार्थी महिला को 1100 रुपये की राशि सीधे उसके बैंक खाते में नकद हस्तांतरित की जाएगी, जबकि शेष 1000 रुपये की राशि सरकार द्वारा महिला के नाम पर बैंक में जमा की जाएगी। यह जमा राशि ब्याज सहित बढ़ती रहेगी और भविष्य में महिला को एकमुश्त प्राप्त होगी। इसके अलावा, सुरक्षा के लिहाज से यह प्रावधान भी किया गया है कि यदि किसी कारणवश लाभार्थी की असामयिक मृत्यु हो जाती है, तो जमा की गई पूरी राशि ब्याज सहित उसके नामांकित व्यक्ति को तुरंत सौंप दी जाएगी।
कर्मचारियों और शहीद परिवारों के लिए राहत भरे फैसले
कैबिनेट बैठक में केवल महिलाओं के लिए ही नहीं, बल्कि कर्मचारियों के हित में भी बड़े फैसले लिए गए। मुख्यमंत्री ने बताया कि परिवहन विभाग में वर्ष 2002 से अनुबंध के आधार पर काम कर रहे ड्राइवरों को अब नियमित माना जाएगा और उन्हें सभी वित्तीय लाभ दिए जाएंगे। इसके साथ ही, शहीद एएसआई संदीप लाठर की पत्नी संतोष कुमारी को उनकी योग्यता के अनुसार एमडीयू कैंपस स्कूल में पीजीटी गणित के पद पर सरकारी नौकरी देने का निर्णय लिया गया है। सरकार ने इसे एक मानवीय और नीतिगत कदम बताया है।
10 लाख से अधिक महिलाओं ने आवेदन किया
दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना को सितंबर 2025 में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर लॉन्च किया गया था। अब तक इस योजना के लिए प्रदेश की 10 लाख से अधिक महिलाओं ने आवेदन किया है, जिनमें से 8 लाख महिलाओं को नियमित रूप से सहायता राशि प्राप्त हो रही है। सरकार अब तक डीबीटी के माध्यम से 250 करोड़ रुपये की सहायता राशि दो किस्तों में जारी कर चुकी है। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में यह राशि प्रत्येक तीन महीने के अंतराल पर सीधे लाभार्थियों के खातों में जमा की जाएगी।
