हरियाणा में संपत्ति खरीदना अब होगा महंगा: 46 शहरों में विकास शुल्क 10% बढ़ा, गुरुग्राम-फरीदाबाद पर पड़ेगा भारी वित्तीय असर

हरियाणा में संपत्ति खरीदना हो गया महंगा।
हरियाणा में अपने घर का सपना देख रहे आम लोगों और रियल एस्टेट निवेशकों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री नायब सैनी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने प्रदेश के 46 प्रमुख शहरों में बाह्य विकास शुल्क यानी ईडीसी (EDC) की दरों में 10 प्रतिशत का इजाफा कर दिया है। प्रशासन ने साफ किया है कि ये नई दरें 1 जनवरी 2026 से ही प्रभावी रूप से लागू मानी जाएंगी। इस फैसले का सीधा असर न केवल नए रिहायशी प्रोजेक्ट्स पर पड़ेगा, बल्कि औद्योगिक और वाणिज्यिक संपत्तियों की कीमतों में भी भारी उछाल आने की संभावना है। विशेष रूप से गुरुग्राम, फरीदाबाद और पंचकूला जैसे हाई-डिमांड शहरों में रहने वाले लोगों की जेब पर अब अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ना तय है।
सर्कल रेट के बाद ईडीसी ने बढ़ाई खरीदारों की चिंता
बाह्य विकास शुल्क (EDC) वह राशि होती है जो राज्य सरकार बिल्डरों और डेवलपर्स से उस क्षेत्र में सड़कें, बिजली, पानी की पाइपलाइन और सीवरेज जैसी बुनियादी सुविधाएं तैयार करने के बदले वसूलती है, चूंकि बिल्डर इस लागत को अंततः ग्राहकों की कुल कीमत में जोड़ देते हैं, इसलिए ईडीसी बढ़ते ही घरों और प्लॉट की कीमतों में इजाफा हो जाता है। प्रदेश में हाल ही में सर्कल रेट बढ़ाए गए थे और अब विकास शुल्क में इस ताजा वृद्धि के बाद रियल एस्टेट बाजार में हलचल तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस दोहरी मार से मध्यम वर्ग के लिए घर खरीदना अब और भी चुनौतीपूर्ण हो जाएगा।
गुरुग्राम और ग्वाल पहाड़ी क्षेत्र में नई दरों का गणित
संशोधित नियमों के तहत गुरुग्राम जैसे अति-विकसित क्षेत्रों में प्लॉटेड कॉलोनियों के लिए अब लगभग 1.37 करोड़ रुपये प्रति एकड़ ईडीसी निर्धारित की गई है। वहीं, ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के लिए दरों को जनसंख्या घनत्व के आधार पर तय किया गया है। 400 व्यक्ति प्रति एकड़ वाली कॉलोनियों के लिए यह शुल्क 5.49 करोड़ रुपये और 300 व्यक्ति प्रति एकड़ वाली कॉलोनियों के लिए 4.12 करोड़ रुपये प्रति एकड़ फिक्स किया गया है। इसी तरह सोहना और ग्वाल पहाड़ी जैसे उच्च क्षमता वाले क्षेत्रों में प्लॉटेड कॉलोनियों के लिए विकास शुल्क 1.23 करोड़ रुपये प्रति एकड़ कर दिया गया है, जो सीधे तौर पर फ्लैट्स की लॉन्चिंग कीमतों को प्रभावित करेगा।
सोनीपत, पानीपत और पंचकूला में संपत्तियों के नए दाम
सोनीपत और पानीपत जैसे हाई-पोटेंशियल जोन के लिए भी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। यहां प्लॉटेड कॉलोनियों के लिए ईडीसी 96 लाख रुपये प्रति एकड़ तय की गई है, जबकि ग्रुप हाउसिंग के लिए आबादी के अनुपात में यह राशि 3.84 करोड़ तक पहुंच सकती है। पंचकूला में भी आवासीय कॉलोनियों के लिए 39 लाख रुपये और ग्रुप हाउसिंग के लिए 1.26 करोड़ रुपये प्रति एकड़ का शुल्क देना होगा। इसके अलावा अंबाला, कुरुक्षेत्र, हिसार, रोहतक और रेवाड़ी जैसे मध्यम क्षमता वाले शहरों में भी प्लॉटेड कॉलोनियों के लिए 82 लाख रुपये प्रति एकड़ का रेट लागू होगा, जिससे पूरे हरियाणा में जमीन के रेट बढ़ना तय है।
हर साल 10% वार्षिक वृद्धि का कड़ा प्रावधान
भविष्य के लिए भी सरकार ने स्पष्ट संकेत दे दिए हैं कि विकास शुल्क में यह बढ़ोत्तरी यहीं नहीं रुकेगी। सरकार ने नियम बनाया है कि जब तक किसी सलाहकार के माध्यम से नई दरें विधिवत रूप से निर्धारित नहीं हो जातीं, तब तक हर साल 1 अप्रैल को ईडीसी में 10 प्रतिशत की 'ईयरली इंक्रीमेंट' स्वतः लागू होती रहेगी। यह निर्णय मंत्रियों की एक उच्च-स्तरीय मंत्रिमंडलीय उपसमिति की सिफारिशों पर लिया गया है। उल्लेखनीय है कि 2018 में सरकार ने आईआईटी दिल्ली और रुड़की को दरों के निर्धारण का कार्य सौंपा था, लेकिन उनके इनकार के बाद से पुरानी इंडेक्सेशन नीति के तहत ही कीमतों को बढ़ाया जा रहा है। इसका सीधा मतलब है कि अब हरियाणा में प्रॉपर्टी के दाम हर साल एक निश्चित अनुपात में बढ़ते रहेंगे।
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