IIT दिल्ली से DGP तक का सफर: अजय सिंघल ने संभाला हरियाणा पुलिस का प्रभार, बोले- रंगदारी मांगने वाले अपराधी नहीं, आतंकवादी हैं

हरियाणा के डीजीपी अजय सिंघल।
हरियाणा पुलिस के नए मुखिया के तौर पर 1992 बैच के IPS अधिकारी अजय सिंघल ने कमान संभाल ली है। पंचकूला मुख्यालय में उनका भव्य स्वागत हुआ और जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। पदभार ग्रहण करते ही उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया। प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने अपराधियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कानून-व्यवस्था पर अपना दृष्टिकोण साझा किया। DGP सिंघल ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था बल्कि पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए भी अपना विजन रखा। तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल और आधुनिक चुनौतियों से निपटने के लिए उन्होंने पुलिस को और अधिक मुस्तैद बनाने का संकल्प जताया।
रंगदारी या फिरौती मांगने वाले लोग समाज के लिए नासूर
डीजीपी सिंघल ने अपराध के प्रति अपनी शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance) की नीति को स्पष्ट करते हुए कहा कि रंगदारी या फिरौती मांगने वाले लोग समाज के लिए नासूर हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि कानून की धाराओं में चाहे जो भी प्रावधान हो, लेकिन मेरी नजर में रंगदारी मांगने वाला हर शख्स एक आतंकवादी के समान है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे तत्वों से निपटने के लिए हरियाणा पुलिस बेहद सख्त रुख अख्तियार करेगी।
प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था पर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष का काम आलोचना करना है, यह उनकी राजनीतिक मजबूरी हो सकती है। लेकिन धरातल पर हरियाणा की कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है और पुलिस को सरकार का पूर्ण समर्थन प्राप्त है।
जवानों के लिए बनेंगे बैंक्वेट हॉल
नए डीजीपी ने केवल जनता की सुरक्षा ही नहीं, बल्कि पुलिसकर्मियों के कल्याण (Welfare) पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने एक व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि हाल ही में उनकी बेटी की शादी के लिए एक बैंक्वेट हॉल की बुकिंग में 5 लाख रुपये खर्च हुए। उन्होंने सवाल उठाया कि एक सामान्य पुलिस कर्मचारी इतना पैसा कहां से लाएगा?
इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने घोषणा की कि राज्य की हर पुलिस लाइन में आधुनिक बैंक्वेट हॉल और अतिथि गृह (Guest Rooms) बनाए जाएंगे। इसके अलावा, पुलिसकर्मियों के बच्चों की शिक्षा के लिए वेलफेयर फंड से वित्तीय सहायता प्रदान करने और पुलिसकर्मियों की बेटी की शादी में 5 लाख रुपये तक की मदद देने की योजना पर भी काम किया जाएगा।
30 वर्षों में पुलिसिंग का स्वरूप पूरी तरह बदल चुका
अजय सिंघल ने बताया कि पिछले 30 वर्षों में पुलिसिंग का स्वरूप पूरी तरह बदल चुका है, 1992 के मुकाबले आज टेक्नोलॉजी ने अपराध के तरीकों को बदल दिया है, जिससे अपराधियों को पकड़ना चुनौतीपूर्ण हो गया है। उन्होंने कहा कि क्रिमिनल स्मार्ट हो गए हैं, इसलिए पुलिस को और अधिक मॉडर्न होना पड़ेगा। उन्होंने भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए 8-9 पृष्ठों का एक विस्तृत कार्ययोजना (Idea Draft) तैयार किया है। इसके मुख्य बिंदु हैं।
• STF का पुनर्गठन: संगठित अपराध को जड़ से मिटाने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स को नए सिरे से तैयार किया जाएगा।
• महिला और दलित सुरक्षा: महिलाओं और कमजोर वर्गों के खिलाफ होने वाले अपराधों को रोकने के लिए विशेष रणनीति।
• स्वास्थ्य जांच: 35 वर्ष से अधिक आयु के पुलिसकर्मियों के लिए अनिवार्य हेल्थ चेकअप और मानसिक स्वास्थ्य के लिए 'मैंडेटरी लीव' (अनिवार्य अवकाश) योजना।
• गन कल्चर पर रोक: हथियारों का प्रदर्शन करने वाले गानों और प्रवृत्तियों पर सख्ती जारी रहेगी।
आगामी 5 वर्षों का रोडमैप
डीजीपी ने कहा कि वे केवल तात्कालिक समस्याओं का समाधान नहीं चाहते, बल्कि आने वाले 5 वर्षों के लिए एक ठोस रोडमैप तैयार कर रहे हैं। हरियाणा पुलिस का 'डायल 112' प्रोजेक्ट वर्तमान में देशभर में दूसरे स्थान पर है, जिसे और बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार जताते हुए विश्वास दिलाया कि पुलिस विभाग सरकार की उम्मीदों पर पूरी तरह खरा उतरेगा।
अजय सिंघल का परिचय
हरियाणा के नए पुलिस मुखिया मूल रूप से रेवाड़ी जिले से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता सैन्य इंजीनियरिंग सेवा (MES) में अधिकारी रहे हैं। अजय सिंघल की शैक्षणिक पृष्ठभूमि काफी प्रभावशाली है। उन्होंने IIT दिल्ली से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है।
सुर्खियों से दूर रहकर काम करने वाले सिंघल को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए 2008 में 'पुलिस पदक' और 2017 में 'राष्ट्रपति पुलिस पदक' से नवाजा जा चुका है। वे केंद्रीय वित्त मंत्रालय के अधीन 'डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस' (DRI) जैसे प्रतिष्ठित विभागों में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
