नूंह: KMP एक्सप्रेसवे पर पांच वाहन आपस में भिड़े, ट्रेलर में लगी भीषण आग, ड्राइवर-हेल्पर जिंदा जले

नूंह में कुंडली–मानेसर–पलवल एक्सप्रेसवे पर कंटेनर में लगी आग।
हरियाणा के नूंह जिले में कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे पर रविवार की सुबह मोहम्मदपुर अहीर थाना क्षेत्र के तहत सबरस और गुरुग्राम के समीप एक के बाद एक पांच भारी वाहन आपस में टकरा गए। इस भीषण टक्कर के बाद ट्रेलर के केबिन में लगी आग ने ड्राइवर-हेल्पर को संभलने का मौका तक नहीं दिया और दोनों की जिंदा जलकर मौके पर ही मौत हो गई।
अचानक ब्रेक लगाने से हुआ हादसा
रविवार सुबह लगभग 8:30 बजे एक्सप्रेसवे पर यातायात सामान्य रूप से चल रहा था। तभी अचानक आगे चल रहे दो ट्रेलरों ने तेज रफ्तार में अचानक ब्रेक लगा दिए। इसके पीछे आ रहा एक कंटेनर और दो अन्य ट्रक खुद को नियंत्रित नहीं कर पाए और एक-दूसरे से जा भिड़े। टक्कर इतनी भीषण थी कि खनन सामग्री से भरा एक ट्रक पूरी तरह से पिचक गया, जबकि ट्रेलरों के केबिन में तत्काल आग लग गई।
आग की लपटों में घिरे ड्राइवर-हेल्पर
जैसे ही ट्रेलरों में आग लगी, लपटों ने केबिन को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक केबिन के भीतर फंसे ड्राइवर-हेल्पर को बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं मिला। आग इतनी विकराल थी कि जब तक बचाव कार्य शुरू हो पाता, तब तक दोनों की जलकर मौत हो चुकी थी। मौके पर पहुंची पुलिस और दमकल विभाग की टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है, हालांकि मृतकों की पहचान फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है।
एक्सप्रेसवे पर लगा लंबा जाम
इस बहु-वाहन दुर्घटना (Multi-vehicle collision) के कारण केएमपी एक्सप्रेसवे पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों के सड़क पर फंसे होने से कई किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यात्रियों को घंटों जाम में फंसना पड़ा, जिससे उन्हें भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। पुलिस प्रशासन ने क्रेन और हाइड्रा मशीनों की सहायता से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाने का प्रयास किया, लेकिन संसाधनों के देरी से पहुंचने से जाम खुलवाने में काफी समय लगा।
टोल प्रबंधन और राहत कार्यों पर उठे सवाल
हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने राहत एवं बचाव कार्यों में हुई देरी को लेकर गहरा रोष प्रकट किया है। लोगों का आरोप है कि इतने बड़े एक्सप्रेसवे पर आपातकालीन सेवाएं समय पर उपलब्ध नहीं हो सकीं। स्थानीय नागरिकों के अनुसार हाइड्रा मशीनें और अन्य आवश्यक उपकरण काफी देर बाद मौके पर पहुंचे। इसके साथ ही टोल प्रबंधन की ओर से भी ट्रैफिक डायवर्जन या जाम कम करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए, जिसके कारण यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गईं।
अचानक ब्रेक लगाने वाले दोनों ड्राइवर भाग निकले
मोहम्मदपुर अहीर थाना पुलिस ने इस हादसे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक जिन दो ट्रेलर चालकों के अचानक ब्रेक लगाने से यह पूरी दुर्घटना हुई, वे हादसे के तुरंत बाद मौके से भाग निकले। पुलिस उनकी तलाश में छापेमारी कर रही है। दुर्घटना के पीछे ओवरलोडिंग, लेन अनुशासन का पालन न करना और अचानक ब्रेक लगाना माना जा रहा है।
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