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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने चर्चित विकास उर्फ दूधिया हत्याकांड में सहआरोपी इंस्पेक्टर की जमानत याचिका रद कर दी है। विकास की 11 मार्च को कोर्ट ले जाते समय गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी।

सोनीपत। गन्नौर में 11 मार्च 2016 को गन्नौर कोर्ट में गोलियों से भूनकर कुख्यात बदमाश विकास उर्फ दूधिया की हत्या कर दी गई थी। पानीपत के सिवाह गांव निवासी विकास उर्फ दूधिया पर कई अपराधिक केस दर्ज थे। इसके बाद गैंगवारी की घटना में दूधिया गैंग ने तिहरे हत्याकांड को अंजाम दिया था। जिसके बाद यह मामला सूर्खियां में आया था। दूधिया हत्याकांड में तत्कालीन इंस्पेक्टर को सहआरोपी बनाया था। अपने खिलाफ दर्ज मुकदमें में गिरफ़्तारी से बचने के लिए सहआरोपी इंस्पेक्टर ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी। जिसे सुनवाई के बाद कोर्ट ने खारिज कर दिया। 

संदीप बड़वासनी की हत्या से खुला था राज

विकास उर्फ दूधिया की हत्या के 10 दिन बाद दूधिया गैंग ने तिहरे हत्याकांड को अंजाम दिया। जिसकी किसी को कानों कान खबर नहीं लग पाई। संदीप बड़वासनी की हत्या के बाद तिहरे हत्याकांड का राज खुला तथा इस हत्याकांड को दूधिया की मौत का बदला लेने के लिए विजय फरमाणा, विक्की चिटाना व अनिल उर्फ नान्हा ने अपने साथियों के साथ मिलकर अंजाम दिया था।

शक में दिया था तिहरे हत्याकांड को अंजाम 

गिरफ्तारी के बाद आरोपी अनिल उर्फ नान्हा ने बताया था कि उन्हें राहुल जाजी, आशीष बडवासनी व दीपक ककरोला पर दूधिया की हत्या करने का शक था। जिसके बाद उन्होंने तीनों का रोहतक से अहपरण किया और हत्या के बाद शव पंजाब में भाखड़ा नहर में फेंक दिए। दीपक गुहणा से भी इस मामले में कुछ जानकारी हाथ लगी थी।

आठ मार्च 2017 को दर्ज हुआ था केस

विकास उर्फ दूधिया की हत्या मार्च 2016 में कर दी थी। इस वारदात के 10 दिन बाद ही दूधिया गैंग के सदस्यों ने 3 हत्याएं की थी। लेकिन मृतकों के परिजनों को एक साल तक यह भी पता नहीं चला कि उनके बेटे कहां है। 8 मार्च 2017 को बड़वासनी के पुष्पेंद्र ने थाना सदर सोनीपत में शिकायत दी थी कि उसका बेटा आशीष घर से बाइक पर सोनीपत गया था। जो वापस नहीं आया। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। जिसके बाद अब पुलिस ने खुलासा किया है कि आशीष सहित उसके तीन साथियों की गैंगवार के कारण हत्या की गई।

गैंगवारी में हो चुके 6 मर्डर 

सोनीपत में दो बड़े गैंगस्टर लंबे समय से सक्रिय है। जिनमें एक गैंग में बडवासनी, आशीष, राहुल जाजी, दीपक ककरोला और दूसरे गैंग में रामकरण, विक्की चिटाना, संदीप चिटाना,  विकास उर्फ दूधिया के नाम शामिल रहे हैं। संदीप चिटाना के एनकाउंटर के बाद दूसरे गैंग ने विकास उर्फ दूधिया की हत्या की थी। दो हत्याओं का बदला लेने के लिए दोनों गैंगों ने 6 मर्डर किए। जिनमें तिहरे हत्याकांड का शिकार हुए आशीष, राहुल जाजी व दीपक ककरोला की हत्या भी शामिल हैं।

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