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Nuh: हरियाणा के सबसे पिछड़े नूंह जिले में भले ही यूपीएससी की परीक्षा कोई भी छात्र - छात्रा पास नहीं कर पाया हो, लेकिन खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी नगीना अर्जुन सिंह मनराल ने यूपीएससी की परीक्षा में 553 रैंक हासिल की है। तकरीबन 11 महीने पहले नगीना खंड में खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी के रूप में कार्यरत हुए अर्जुन सिंह मनराल ने सरकारी व पब्लिक डीलिंग से जुड़ी हुई पोस्ट होने के बावजूद पढ़ाई के लिए समय निकाला और नामुमकिन को मुमकिन कर दिया। रोजाना करीब 3 - 4 घण्टे पढ़ाई की और सोशल मीडिया इत्यादि से दूर रहे। पूरी ईमानदारी के साथ बीडीपीओ के पद पर अपनी सेवाएं देते रहे।

पांचवे प्रयास में अर्जुन सिंह मनराल ने पास की परीक्षा

अर्जुन सिंह मनराल को पांचवें प्रयास में सफलता प्राप्त हुई, लेकिन इससे पहले उन्होंने यूपीपीसीएस की परीक्षा भी पास कर ली थी। 2022 में उन्होंने हरियाणा में एचसीएस की परीक्षा पास की और उसी के आधार पर बीडीपीओ नगीना के रूप में नियुक्ति मिली। अर्जुन ने उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा तथा जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी नवनीत कौर की जमकर सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने भरपूर सहयोग किया, जिसकी बदौलत यूपीएससी की परीक्षा पास की है। नगीना बीडीपीओ को बधाई देने वाले सरपंचों व अन्य लोगों का तांता लगा हुआ है। उनके पिता - माता व बहन ने उन्हें परीक्षा में उत्तीर्ण होने की जानकारी दी थी। इस जानकारी से परिवार व इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई।

उत्तराखंड अल्मोड़ा के रहने वाले हैं अर्जुन सिंह

अर्जुन सिंह मनराल परिणाम आने के बाद गाजियाबाद स्थित घर पर गए। हालांकि वह उत्तराखंड के अल्मोड़ा के रहने वाले हैं। ग्रामीणों के भी लगातार फोन आ रहे हैं। अर्जुन ने कहा कि उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों -  कर्मचारियों ने भी यूपीएससी की परीक्षा पास करने पर उन्हें बधाई दी। अर्जुन की प्रारंभिक शिक्षा उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के गांव से हुई और उसके बाद परिवार गाजियाबाद उत्तर प्रदेश में शिफ्ट हो गया। गाजियाबाद में स्कूली शिक्षा के बाद कॉलेज की शिक्षा दिल्ली विश्वविद्यालय से प्राप्त की। लगातार वो परीक्षा दे रहे थे, लेकिन अब उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा क्लियर कर ली है।

मेवात को लेकर लोगों की धारणा के विपरीत है क्षेत्र

अर्जुन सिंह मनराल ने कहा कि मेवात को लेकर जिस तरह की लोगों की धारणा है, मेवात उस तरह का बिल्कुल नहीं है। यहां अमन व भाईचारा कायम है। अधिकारियों को बेहद इज्जत दी जाती है। नूंह हिंसा के बारे में कहा कि वह काला अध्याय इस जिले के इतिहास में जुड़ा, लेकिन उससे पहले देश में कहीं भी सांप्रदायिक झगड़े हुए हो, यह इलाका हमेशा शांत रहा है। इस इलाके की जितनी तारीफ की जाए, उतनी कम है। जब यहां पर आया था तो इलाके के बारे में सुनकर डरा व सहमा हुआ था, लेकिन 11 महीने में जो मान- सम्मान और भाईचारा यहां पर देखने को मिला, वह कहीं देखने को नहीं मिला। कुल मिलाकर उन्होंने मेवात क्षेत्र की तारीफ करते हुए कहा कि जैसा इस इलाके के बारे में बताया जाता है, वैसा यह इलाका बिल्कुल भी नहीं है।