तड़के 4 बजे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बनाने वाली फैक्ट्री में लगी भयानक आग, तेज हवाओं के कारण आग ने विकराल रूप ले लिया। हादसे के समय फैक्ट्री में कूलर, पंखे और जूसर-मिक्सर बनाने का काम चल रहा था।

हरियाणा के सोनीपत जिले में शुक्रवार तड़के कुंडली औद्योगिक क्षेत्र (KIAs) में स्थित इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के विनिर्माण परिसर में भयंकर आग लग गई। इस हादसे ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और एक के बाद एक चार फैक्ट्रियां इसकी चपेट में आ गईं। पिछले सात घंटों से दमकल विभाग की टीमें आग बुझाने के लिए संघर्ष कर रही हैं, लेकिन ज्वलनशील पदार्थों की मौजूदगी के कारण स्थिति पर काबू पाना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

तड़के 4 बजे भड़की आग 
कुंडली इंडस्ट्रियल एरिया के प्लॉट नंबर 56 में स्थित एक फैक्ट्री, जहां कूलर, पंखे और जूसर-मिक्सर बनाए जाते हैं, वहां शुक्रवार सुबह करीब 4:00 बजे अचानक आग लग गई। उस समय फैक्ट्री में कर्मचारी मौजूद थे। जैसे ही धुआं और लपटें दिखाई दीं, कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। उन्होंने शुरुआती तौर पर आग को रोकने की कोशिश की, लेकिन लपटें इतनी तेज थीं कि उन्हें अपनी जान बचाकर बाहर भागना पड़ा।

तेज हवाओं ने आग को और भड़का दिया 
इस अग्निकांड के भयानक होने का एक मुख्य कारण मौसम भी रहा। शुक्रवार सुबह चल रही तेज हवाओं ने आग की लपटों को पंख दे दिए। हवा के झोंकों के कारण आग ने पड़ोस की तीन अन्य औद्योगिक इकाइयों को भी अपनी गिरफ्त में ले लिया। आसमान में काले धुएं का ऐसा गुबार उठा कि कई किलोमीटर दूर से ही तबाही का मंजर साफ दिखाई दे रहा था। आग की तीव्रता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि फैक्ट्री परिसर में खड़ी एक कार भी पूरी तरह जलकर लोहे का ढांचा बन गई। 

तीन जिलों से बुलाई गईं दमकल की गाड़ियां
हादसे की गंभीरता को देखते हुए सोनीपत प्रशासन ने तुरंत मोर्चा संभाला। स्थानीय दमकल केंद्रों के अलावा आसपास के तीन जिलों से भी मदद मांगी गई। घटनास्थल पर सोनीपत, राई, गन्नौर और गोहाना से फायर टेंडर पहुंचे हैं। पानीपत और बहादुरगढ़ (झज्जर) से भी विशेष गाड़ियां तैनात की गई हैं। नरेला (दिल्ली) के दमकल विभाग को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त मदद ली जा सके। अब तक 18 से अधिक दमकल की गाड़ियां और दर्जनों फायर फाइटर्स मौके पर तैनात हैं, जो निरंतर पानी की बौछार कर रहे हैं।

बेसमेंट में मौजूद केमिकल बना सबसे बड़ी बाधा
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, रेस्क्यू ऑपरेशन में सबसे बड़ी चुनौती फैक्ट्री का बेसमेंट बना हुआ है। फैक्ट्री में कूलर-पंखों की पेंटिंग और अन्य प्रक्रियाओं के लिए भारी मात्रा में प्लास्टिक, बिजली के तार और ज्वलनशील केमिकल रखे हुए थे। बेसमेंट में जमा इस केमिकल ने आग को और अधिक भड़का दिया है। जैसे ही दमकल कर्मी आग पर थोड़ा काबू पाते हैं, अंदर मौजूद ज्वलनशील सामग्री दोबारा सुलग उठती है। जहरीले धुएं के कारण फायर फाइटर्स को अंदर घुसने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।

चार फैक्ट्रियों में भारी नुकसान, जांच जारी
अग्निशमन विभाग के अधिकारी रामेश्वर ने बताया कि उन्हें सुबह 4 बजे सूचना मिली थी। उनके अनुसार, जिन चार फैक्ट्रियों में आग लगी है, उनमें से तीन (प्लॉट नंबर सी-56, सी-57 और सी-62) एक ही मालिक की बताई जा रही हैं, जबकि चौथी फैक्ट्री किसी अन्य उद्यमी की है। चारों ही इकाइयों में होम अप्लायंसेज का काम होता था। 
फैक्ट्रियों में रखा करोड़ों रुपये का तैयार माल और कच्चा सामान पूरी तरह जलकर राख हो चुका है। गनीमत यह रही कि कर्मचारियों ने समय रहते परिसर खाली कर दिया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। 

पुलिस ने खाली कराया इलाका 
कुंडली थाना पुलिस भी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद है। एहतियात के तौर पर आसपास की अन्य फैक्ट्रियों और रिहायशी इलाकों को खाली करा लिया गया है। पुलिस ने चारों ओर घेराबंदी कर दी है ताकि सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे और राहत कार्य में कोई बाधा न आए।
फिलहाल, पहली प्राथमिकता आग को पूरी तरह बुझाने की है। आग शांत होने के बाद ही फॉरेंसिक टीम और दमकल विभाग यह जांच करेगा कि इस भीषण अग्निकांड की मुख्य वजह शॉर्ट सर्किट थी या कोई अन्य तकनीकी खामी। औद्योगिक संघों ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है, क्योंकि इस हादसे में भारी आर्थिक क्षति का अनुमान लगाया जा रहा है।

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