हरियाणा के हिसार जिले के अग्रोहा ब्लॉक के गांव जगान स्थित एक सरकारी उच्च विद्यालय में छात्राओं को कथित तौर पर 'मुर्गा' बनाकर पूरे परिसर में घुमाने का शर्मनाक मामला सामने आया है। इस घटना के वीडियो वायरल होने के बाद हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने कड़ा संज्ञान लिया है।आयोग ने इसे छात्राओं की गरिमा और मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा आघात बताते हुए शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन को तलब किया है।
अनुशासन के नाम पर मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न
आयोग के अध्यक्ष जस्टिस ललित बत्रा ने स्पष्ट किया कि अनुशासन के नाम पर बच्चों का इस तरह सार्वजनिक अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आयोग ने टिप्पणी की कि इस प्रकार की घटनाएं "बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ" जैसे राष्ट्रीय अभियानों की मूल भावना के विपरीत हैं।
घटना का पूरा विवरण
- तारीख: यह घटना 7 मार्च 2026 की बताई जा रही है।
- साक्ष्य: घटना के तीन वीडियो सामने आए हैं, जिनमें छात्राओं को अपमानजनक स्थिति में स्कूल परिसर के चक्कर काटते देखा जा सकता है।
- जांच: जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच समिति का गठन कर दिया है।
कानून की नजर में अपराध
मानवाधिकार आयोग ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि बच्चों को शारीरिक दंड देना कानूनी रूप से वर्जित है:
RTE अधिनियम 2009 (धारा 17): स्कूल में किसी भी प्रकार के शारीरिक या मानसिक दंड पर पूर्ण रोक।
किशोर न्याय अधिनियम 2015 (धारा 75 व 82): बच्चों के प्रति क्रूरता और शारीरिक दंड को दंडनीय अपराध माना गया है।
इन अधिकारियों से मांगी गई जवाबदेही
आयोग ने मामले की गहन जांच के लिए 4 प्रमुख अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है-उपायुक्त हिसार,पुलिस अधीक्षक हिसार,जिला शिक्षा अधिकारी ,स्कूल के प्रिंसिपल।आयोग ने निर्देश दिए हैं कि 12 मई 2026 को होने वाली अगली सुनवाई से एक सप्ताह पहले सभी अधिकारी अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
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