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हरियाणा के रेवाड़ी में आसमान में बादल छाने से एक बार फिर ठंड का अहसास हुआ। मौसम में घुली ठंडक फसल के लिए लाभदायक साबित होगी। वहीं, किसानों को बरसात के साथ ओलावृष्टि की चिंता सता रही है।

Rewari: ठंड जाने से पहले एक बार फिर अपना अहसास कराने लगी है। आसमान में बादल छाने के बाद पारा गिरने से मौसम का मिजाज एक बार फिर से ठंडा हो गया है। इस सप्ताह मौसम परिवर्तनशील बना रहेगा। सप्ताह के अंत में बरसात की संभावना भी जताई जा रही है। मौसम ठंडा होने का गेहूं की फसल को पूरा फायदा मिलेगा। गत वर्ष की तुलना में इस बार फरवरी के अंत तक मौसम का मिजाज ज्यादा गर्म नहीं हुआ है। गत वर्ष 26 फरवरी को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। इस बार 20 फरवरी को पहली बार अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचा था। उसके बाद तापमान में निरंतर कमी आ रही है।

आसमान में छाए रहे आंशिक बादल

आसमान में सुबह से ही आंशिक बादल छाए रहे। दोपहर बाद बादल गहराने से बौछारें गिरने की संभावना नजर आने लगी। हवा की गति 12 किलोमीटर प्रति घंटा के आसपास रही, जबकि नमी का स्तर 48 फीसदी तक दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को भी आंशिक बादल छाए रह सकते हैं। बुधवार को मौसम साफ रहने की संभावना है। इसके बाद फिर से बादल छाने का सिलसिला जारी रहेगा। 1 से 3 मार्च के बीच पश्चिम विक्षोभ की सक्रियता बरसात का कारण बन सकती है। इस दौरान ओलावृष्टि की आशंका भी बनी रहेगी।

गेहूं की फसल के लिए फायदा

मौसम के तेवर ठंडे पड़ने से गेहूं की फसल को अच्छा फायदा होने की संभावना है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार इस समय तापमान में कमी से गेहूं का पकाव काफी अच्छा होगा। फसल दीमक के प्रकोप से भी बची रहेगी। मार्च के पहले सप्ताह तक तापमान में अगर कमी रहती है, तो इससे गेहूं का उत्पादन काफी अच्छा होने की संभावना रहेगी। तेजी से बढ़ता हुआ तापमान फसल को नुकसान पहुंचा सकता है। आसमान में बादल छाने के बाद किसानों ने सरसों की कटाई का कार्य तेज किया हुआ है। बादलों के साथ उन्हें बारिश और ओलावृष्टि की चिंता लगातार परेशान कर रही है।

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