धर्मनगरी को ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने के लिए NHAI ने बाईपास प्रोजेक्ट की DPR तैयार कर ली है। पहले विकल्प के तहत दक्षिण दिशा में 36.9 किमी, दूसरे में उत्तर दिशा में 37.1 किमी, और तीसरे विकल्प में शहर के करीब से 35.2 किमी लंबा बाईपास बनाने का प्रस्ताव है।

धर्मनगरी कुरुक्षेत्र के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने प्रस्तावित बाईपास की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर ली है। इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से न केवल शहर के निवासियों को ट्रैफिक की समस्या से छुटकारा मिलेगा, बल्कि बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं का सफर भी सुगम होगा। हाल ही में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में NHAI ने बाईपास के निर्माण के लिए तीन महत्वपूर्ण रूट मैप पेश किए हैं।

रूट चयन के लिए तीन अहम विकल्प
NHAI की ओर से आयोजित 'पब्लिक कंसल्टेशन मीटिंग' में बाईपास के रास्तों को लेकर तीन विकल्पों पर चर्चा की गई, जिनमें अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने अपनी राय रखी। 
• विकल्प 1 (दक्षिण मार्ग): यह मार्ग शहर के दक्षिण हिस्से से गुजरेगा और इसकी अनुमानित लंबाई 36.9 किलोमीटर होगी।
• विकल्प 2 (उत्तर मार्ग): इस विकल्प में बाईपास को उत्तर दिशा की तरफ से निकाला जाएगा, जिसकी कुल दूरी 37.1 किलोमीटर होगी।
• विकल्प 3 (शहरी निकटता): यह मार्ग भी दक्षिण की ओर से प्रस्तावित है, लेकिन यह शहर के अधिक समीप से होकर निकलेगा। इसकी लंबाई सबसे कम 35.2 किलोमीटर रहने की उम्मीद है। इन तीनों विकल्पों में से सरकार अब जनसुविधा और तकनीकी पहलुओं को देखते हुए किसी एक को अंतिम रूप देगी।

सर्वे पूरा, 152D से मथाना तक बनेगा फोरलेन
NHAI की एजेंसी ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए ट्रैफिक सर्वे का काम पहले ही संपन्न कर लिया है। पिहोवा, मथाना और यमुनानगर के समीप दामला गांव में वाहनों के दबाव की बारीकी से जांच की गई है। योजना के पहले चरण में 152-D (पिहोवा) से लेकर मथाना के पास बीड़ सोंटी गांव तक फोरलेन मार्ग का निर्माण किया जाएगा।

यमुनानगर तक कनेक्टिविटी का विस्तार
पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा ने इस दौरान सुझाव दिया कि बाईपास को ज्योतिसर से उमरी या खानपुर कोलियां होते हुए मथाना तक निकाला जाए। उन्होंने जानकारी दी कि बाईपास को आगे चलकर यमुनानगर से जोड़ा जाएगा। इस मार्ग के विस्तार के दौरान लाडवा और रादौर कस्बों में भी नए बाईपास बनाए जाएंगे, जिससे यह पूरा स्ट्रेच यमुनानगर तक फोरलेन कनेक्टिविटी से जुड़ जाएगा।

20 साल आगे की सोच के साथ विकास
बैठक में उपस्थित स्थानीय विधायक अशोक अरोड़ा ने जोर दिया कि कुरुक्षेत्र एक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल है, इसलिए बाईपास का निर्माण केवल वर्तमान नहीं बल्कि आगामी 20 वर्षों की जनसंख्या और औद्योगिक विकास को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि बाईपास से जुड़ने वाले गांवों के लिए सड़क पर प्रवेश और निकास की सुगम व्यवस्था हो। 

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