हरियाणा के करनाल जिले के घरौंडा खंड के गांव मुंडोगढ़ी में गुरुवार को जमीन के मालिकाना हक को लेकर विवाद इस कदर बढ़ा कि उसने भीषण हिंसा का रूप ले लिया। खेतों पर कब्जे की जिद ने दो पक्षों के बीच तनाव बढ़ा दिया। इस हिंसक झड़प में बुजुर्ग समेत दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दोनों गुटों के 12 लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
खेतों में कब्जे को लेकर आमने-सामने आए दो गुट
घटना की शुरुआत गांव सदरपुर और मुंडोगढ़ी के बीच स्थित विवादित कृषि भूमि पर कब्जे को लेकर हुई। मुंडोगढ़ी निवासी आलीशान और सुलेमान के पक्षों के बीच लंबे समय से तनातनी चल रही थी। गुरुवार को विवाद गहरा गया और दोनों तरफ से भारी संख्या में लोग हथियारों के साथ एकत्र हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार स्थिति तब बिगड़ गई जब मारपीट के बीच अंधाधुंध फायरिंग शुरू हो गई। हालांकि गोलियों की तड़तड़ाहट से किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन लाठी-डंडों और ट्रैक्टर के इस्तेमाल ने मामले को जानलेवा बना दिया।
बुजुर्ग के ऊपर चढ़ाया ट्रैक्टर
इस रोंगटे खड़े कर देने वाले संघर्ष में 65 वर्षीय बुजुर्ग हाजी वाहिद की मौत हो गई। मृतक के पुत्र अशरद ने बताया कि उनके पिता केवल झगड़ा शांत कराने और दोनों पक्षों को समझाने की कोशिश कर रहे थे। इसी बीच आरोपियों ने उन पर लाठियों से हमला कर दिया और बेरहमी से उनके ऊपर ट्रैक्टर चढ़ा दिया। उन्हें तुरंत घरौंडा के नागरिक अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं, इलाज के दौरान एक अन्य घायल ने भी दम तोड़ दिया, जिससे मरने वालों की संख्या दो हो गई है।
देसी पिस्तौल और तेजधार हथियारों से हमला
दूसरे पक्ष से घायल इल्ताफ ने आरोप लगाया कि जब वे यमुना बेल्ट के पास खेतों में सिंचाई कर रहे थे, तभी आलीशान पक्ष के 20 से 25 लोग ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में सवार होकर आए। हमलावरों के पास लाठी-डंडों के अलावा देसी पिस्तौल और लाइसेंसी हथियार भी थे। आरोप है कि आते ही हमलावरों ने फायरिंग शुरू कर दी और तेजधार हथियारों से वार करना शुरू कर दिया। इस खूनी खेल में तालीम, मंसूद, गुलजार, वाजिद, जुनेद, मेहताब, मनवर और सबिरा समेत करीब 12 लोग लहूलुहान हो गए। इनमें से कुछ की हालत नाजुक देखते हुए उन्हें करनाल रेफर किया गया है।
भारी पुलिस बल तैनात
खूनी संघर्ष की सूचना मिलते ही घरौंडा के डीएसपी मनोज कुमार, सीआईए-वन की टीम और थाना प्रभारी इंद्र सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लिया और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए करनाल के शवगृह भिजवाया। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और मामले की गंभीरता को देखकर कुछ लोगों को हिरासत में लिया है।
कानून को हाथ में लेने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा
जांच अधिकारी एएसआई प्रवीन कुमार ने बताया कि यह पूरी घटना प्राथमिक रूप से जमीन के पुराने विवाद का परिणाम है। पुलिस ने गांव में सुरक्षा बढ़ा दी है ताकि हिंसा दोबारा न भड़के। डीएसपी घरौंडा ने स्पष्ट किया है कि कानून को हाथ में लेने वालों के खिलाफ कड़ी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। अस्पताल में घायलों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और जल्द ही मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी। इस घटना के बाद से मुंडोगढ़ी और आसपास के गांवों में सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग दहशत में हैं। प्रशासन ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
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