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मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शुक्रवार को वर्ष 2024-25 का विधानसभा में पेश कर दिया। बजट में बताया गया कि हरियाणा की जीएसडीपी में हिस्सेदारी 2014-15 की 3.5 प्रतिशत से बढकर 2023-24 में बढ़कर  3.7 प्रतिशत तथा प्रतिव्यक्ति आय 1,85,854 प्रतिशत रहने का अनुमान है। जो 2014-15 की 86,647 के  मुकाबले 115 प्रतिशत अधिक है।

चंडीगढ़। हरियाणा में इस साल सकल घरेलू उत्पादन की वार्षिक दर 6.1 प्रतिशत रही है। जो वर्ष  वर्ष 2023-24 के 3,70,535 से बढ़कर 6,34027 करोड़ रहने का अनुमान है। हरियाणा की जीएसडीपी 3.5 से बढ़कर 3.7 प्रतिशत तथा प्रतिव्यक्ति आय 185,854 लाख और सकल घरेलू उत्पाद 7.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है। प्रदेश का राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 3.5 प्रतिशत से घटाकर 2.80 प्रतिशत तक सीमित किया गया है। 2013-14 के मुकाबले सार्वजनिक उपक्रमों की संख्या 13 से बढ़कर 20 हुई है। पहले 13 उपक्रमों से 804 करोड़ रुपये रुपये मिलने वाले लाभ बढ़कर 1767 करोड़ रुपये रहा। जिसमें 963 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। इस अवधि में कृषि उत्पादन 8.1 प्रतिशत की दर से बढ़ा है। प्रदेश का पूरा बजट को कुछ इस प्रकार से समझा जा सकता है।

वृहद आर्थिक मानदंड

वर्ष 2014-15 से वर्ष 2023-24 की अवधि में, सकल राज्य घरेलू उत्पाद की वार्षिक चक्रवृद्धि दर स्थिर मूल्यों (2011 के मूल्यों) पर 6.1 प्रतिशत रही है, जो वर्ष 2014-15 के 3,70,535 करोड़ से वर्ष 2023-24 में बढ़कर 6,34,027 करोड़ होने का अनुमान है। अखिल भारतीय सकल घरेलू उत्पाद में हरियाणा की जी.एस.डी.पी. की हिस्सेदारी वर्ष 2014-15 में 3.5 प्रतिशत से बढ़कर वर्ष 2023-24 में 3.7 प्रतिशत होने का अनुमान है, जो हरियाणा की जनसंख्या के भारत की जनसंख्या में अनुपात से कहीं अधिक है। हरियाणा के सकल राज्य घरेलू उत्पाद में वर्ष 2023-24 में 8.0 प्रतिशत की वृद्धि अनुमानित है, जबकि इसी अवधि में अखिल भारतीय सकल घरेलू उत्पाद में 7.3 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान है। वर्तमान कीमतों पर राष्ट्रीय प्रति व्यक्ति आय वर्ष 2014-15 में 86,647 रुपये से वर्ष 2023-24 में बढ़कर 1,85,854 रुपये अनुमानित है, जो 114 प्रतिशत अधिक है। हरियाणा में राज्य प्रति व्यक्ति आय वर्ष 2014-15 में 1,47,382 रुपये से वर्ष 2023-24 में बढ़कर 3,25,759 रुपये होने का अनुमान है, जो कि 121 प्रतिशत की वृद्धि है।

राजकोषीय मानक

हरियाणा के बजट में संशोधित अनुमान 2023-24 में राजकोषीय घाटे को जी.एस.डी.पी. के 3.5 प्रतिशत की अनुमेय सीमा के मुकाबले जी.एस.डी.पी. के 2.80 प्रतिशत पर सीमित किया गया है। 2024-25 के लिए सकल राज्य घरेलू उत्पाद के 2.77 प्रतिशत राजकोषीय घाटा है, जो कि 3.5 प्रतिशत की अनुमेय सीमा के अंदर है। संशोधित अनुमान 2023-24 में ऋण और सकल राज्य घरेलू उत्पाद का अनुपात 26 प्रतिशत है, जो कि 33.10 प्रतिशत के नार्मस की निर्धारित सीमा में है। वर्ष 2024-25 के लिए ऋण, स्टॉक सकल राज्य घरेलू उत्पाद का 26.15 प्रतिशत अनुमानित है, जो 32.80 प्रतिशत के निर्धारित मानदंडों से कम है।

सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम

हरियाणा में 2013-14 के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों में से केवल 13 उपक्रमों ने 804 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया था। 2022-23 के दौरान लाभ कमाने वाले सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की संख्या बढ़कर 20 हो गई, जिनका कुल लाभ 1767 करोड़ रुपये रहा। इस तरह से 963 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। सार्वजनिक क्षेत्र के सभी उपक्रमों का संयुक्त ऋण मार्च, 2014 में 60,576 करोड़ रुपये से 27.4 प्रतिशत कम होकर मार्च, 2023 में 43,955 करोड रुपये हो गया है।

अन्नदाता- किसान

हरियाणा में 2023-24 में कृषि उत्पादन 8.1 प्रतिशत की दर से बढ़ा है, जो कि देश में सर्वाधिक में से एक है। मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर हर सीजन में लगभग 10 लाख किसान अपनी फसल का विवरण उपलब्ध करवाते हैं, जिससे सरकार को बाजार हस्तक्षेप के लिए रणनीति बनाने के लिए उपयोगी जानकारी मिलती है। सरकार ने खरीफ और रबी सीजन-2023 में 29,876 करोड़ रुपये का भुगतान सीधे किसानों के खातों में जमा किया है। भावांतर सहायता की 178 करोड़ रुपये की राशि सीधे किसानों के खातों में डाली गई है। ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल के माध्यम से वित्त वर्ष 2023-24 में मुआवजे के रूप में अब तक 297.58 करोड़ रुपये की राशि सीधे किसानों के खातों में जमा करवाई गई है। वर्ष 2023-24 के दौरान 50,000 एकड़ लवणीय व जलभराव वाले क्षेत्र का सुधार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। सब-सर्फेस एवं वर्टिकल ड्रेनेज टेक्नोलॉजी का प्रयोग करके 52,695 एकड़ क्षेत्र का सुधार किया गया है और इस कार्य पर 80.40 करोड़ रुपये की राशि खर्च की गई है। 2024-25 में गंभीर रूप से लवणीय और जल भराव वाली 62,000 एकड़ भूमि का सुधार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उर्वरकों और कीटनाशकों के छिड़काव में किसान ड्रोन को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार की पहल के अनुरूप, राज्य सरकार के उपक्रम 'दृश्या' के माध्यम से ड्रोन संचालन के लिए 500 युवा किसानों को ड्रोन संचालन में प्रशिक्षण प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू की है। अब तक 100 किसानों को प्रशिक्षित किया गया है और उन्हें ड्रोन पायलट लाइसेंस प्रदान किया गया है। पराली जलाने की रोकथाम और प्रदूषण को कम करने की योजना के तहत, 14 लाख एकड़ के प्रबंधन के लिए 1 लाख 56 हजार किसानों ने पंजीकरण कराया और वर्ष 2023-24 के दौरान 139 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि किसानों को प्रदान की गई। वर्ष 2023-24 में, पिछले दो वर्षों में पराली जलाने के मामले 67 प्रतिशत कम होकर 2,303 हो गए, जबकि 2021-22 में 6,987 दर्ज किए गए थे। सरकार ने किसानों के ऋण पर ब्याज व पैलन्टी माफ करने तथा एक अप्रैल से आबियाना बंद करने निर्णय लिया है। 

पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग

हरियाणा में पशुधन मालिकों को उनके घरद्वार पर पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए, ऐसे जिलों, जहां पशु चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता क्षेत्र की पशुधन संख्या के अनुपात में कम है, में 8 नए राजकीय पशु अस्पताल और 18 नए राजकीय पशु औषधालय खोले जाएंगे। घरद्वार पर पशु चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के लिए, पहले से ही 21 मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयां कार्यरत हैं। जिसे सुदृढ़ करने के लिए सरकार ने 70 मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों के लिए अनुबंध किया है और इनकी सेवाएं शीघ्र ही शुरू होने की उम्मीद है।

सहकारिता

हरियाणा में 2024-25 में कम से कम 500 नए सी.एम. पैक्स स्थापित किये जाएंगे। मुझे उम्मीद है कि सी.एम. पैक्स से ग्रामीण क्षेत्रों में समृद्धि के नए द्वार खुलेंगे और सहकारी आंदोलन को फलने-फूलने के लिए एक मंच मिलेगा।

गरीब और अंत्योदय 

प्रदेश में वृद्धावस्था सम्मान भत्ता और संबंधित पेंशन अब बढ़कर 3000 रुपये प्रति माह हो गई है, जो दिसम्बर, 2014 में 1000 रुपये मासिक थी। 2013-14 में सामाजिक सुरक्षा पेंशनों के लिए 1753 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था, जो कुल बजट परिव्यय का 3.2 प्रतिशत था। यह वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ाकर 11,271 करोड़ रुपये प्रक्षेपित है, जो कुल बजट परिव्यय का 5.93 प्रतिशत है। दिसंबर 2014 में लाभार्थियों की संख्या 22.64 लाख से बढ़कर 31.51 लाख हो गई है। जहां ईपीएफ पेंशन 3000 रुपये मासिक से कम है, उनके लिए वृद्धावस्था सम्मान भत्ता योजना में संशोधन किया जाएगा, ताकि सरकार द्वारा दिए भत्ते और ईपीएफ पेंशन का कुल योग 3000 रुपये प्रति माह या समय-समय पर संशोधित वृद्धावस्था सम्मान भत्ते के बराबर हो। दयालु योजना के शुभारंभ के बाद वित्त वर्ष 2023-24 में अब तक 8,087 लाभार्थी परिवारों को 310 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के तहत मेलों के पांच दौर आयोजित किए गए हैं और कुल 89,387 आवेदन सैद्धांतिक रूप से स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 50,036 ऋण आवेदन स्वीकृत किए गए हैं और 38,568 ऋण वितरित किए गए हैं। हरियाणा अंत्योदय परिवार परिवहन योजना में गरीब परिवारों को हरियाणा रोडवेज की बसों में सालाना 1000 किलोमीटर तक मुफ्त यात्रा का लाभ दिया जाएगा। इस योजना के तहत मुफ्त यात्रा का लाभ एक लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले 22.89 लाख परिवारों को मिलेगा, जिनमें लगभग 84 लाख लोग शामिल हैं। हरियाणा रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा करने के लिए ई-टिकटिंग प्रणाली से जुड़ा एक स्मार्ट कार्ड जारी किया जाएगा। इस योजना पर लगभग 600 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है। 45 लाख से अधिक परिवार आयुष्मान भारत के लाभार्थी हैं और 1.11 करोड़ आयुष्मान भारत कार्ड उपलब्ध कराए गए हैं। वर्ष 2023-24 में 2.67 लाख लाभार्थियों को 385 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करने के विरुद्ध आवश्यकता वाले 5.21 लाख से अधिक व्यक्तियों को 765 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।

सब्सिडी के लिए टॉप अप सहायता योजना

केंद्र सरकार द्वारा 2 किलोवाट के पैनल के लिए 60,000 रुपये की सब्सिडी प्रदान की जाती है। ऐसे गरीब परिवार, जिनकी औसत मासिक बिजली खपत 200 यूनिट तक है और जिनकी परिवार पहचान पत्र में वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये तक है, के लिए 50,000 रुपये तक के ऋण और सब्सिडी के रूप में टॉप-अप सहायता योजना शुरू की जाएगी। डिफॉल्टर बिजली उपभोक्ताओं के लिए शुरू की गई योजना के तहत जनवरी 2024 तक, 15,476 उपभोक्ताओं को लाभ मिला है, जिनकी कुल 74 करोड़ रुपये की राशि माफ की गई है। प्रदेश में हर हित स्टोर्स के माध्यम से कुल लगभग 435 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित हुआ है और इन स्टोर्स को संचालित करने वाले युवाओं को आय का एक स्थाई स्रोत मिला है। वर्ष 2024-25 में अतिरिक्त 1000 हर-हित स्टोर खोले जाएंगे।

सीवरेज 

प्रदेश सरकार ने बढ़ती आबादी को देखते हुए फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण अगले पांच वर्षों में 3400 करोड़ रुपये के अनुमानित परिव्यय के साथ जल आपूर्ति और सीवरेज प्रणाली का विस्तार करेगा। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण इसी अवधि में 1200 करोड़ रुपये के अनुमानित परिव्यय के साथ सड़क नेटवर्क और 900 करोड़ रुपये के अनुमानित परिव्यय के साथ जल आपूर्ति और सीवरेज नेटवर्क को बढ़ाने की दिशा में काम करेगा। सोनीपत और पंचकूला महानगर विकास प्राधिकरणों ने हाल ही में काम करना शुरू कर दिया है और उम्मीद है कि हिसार महानगर प्राधिकरण शीघ्र ही काम करना शुरू कर देगा। सोनीपत, पंचकूला और हिसार प्राधिकरणों को 100-100 करोड़ रुपये का विशेष अनुदान प्रदान किया जाएगा, ताकि ये राजस्व का स्थाई स्रोत उपलब्ध होने तक विकास गतिविधियां चला सकें।

सभी के लिए आवास

हरियाणा में मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना में 2.89 लाख परिवार पंजीकृत हैं। इसमें 14 कस्बों और शहरों में भूमि की पहचान कर ली गई है और पंजीकृत लाभार्थियों को भूखंड आवंटन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अगले 6 महीनों में इसका लाभ हरियाणा के सभी कस्बों और शहरों तक पहुंचा दिया जाएगा। चालू वित्त वर्ष 2024-25 में ऐसे लाभार्थियों को प्लॉट या फ्लैट उपलब्ध कराने के लिए 1000 करोड़ रुपये की राशि अलग रखी जाएगी। मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना की तर्ज पर, मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना शुरू की जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिन लाभार्थियों को महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना के तहत भूखंड आवंटित किए गए थे, लेकिन पिछले 15 वर्षों में उन्हें भूखंडों का कब्जा नहीं दिया गया है. वे भी अपने मकान बनाने में सक्षम हो सकें। ऐसे 20,391 लाभार्थियों को सितंबर, 2024 तक कब्जा देने की समय सीमा तय की जाएगी। यदि पात्र लाभार्थियों को कब्जा नहीं दिया जा सका तो सरकार मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के माध्यम से लाभार्थी परिवार को 1 लाख रुपये की राशि का लाभ देगी ताकि वह अपना मकान बनाने के लिए अपनी पसंद की जगह पर गांव में भूखंड खरीद सके।

खेल

प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए गत वर्ष 1100 खेल नर्सरियां आंवटित की गई थी इस साल 400 और खेल नर्सरियां स्थापित की जाएंगी। 2024-25 में मुक्केबाजी और कुश्ती में दो उच्च प्रदर्शन केंद्र क्रमशः पानीपत और सोनीपत में स्थापित किए जाएंगे। इन उच्च प्रदर्शन केन्द्रों का नाम उस क्षेत्र के प्रमुख खिलाड़ियों के नाम पर रखा जाएगा, जिन्होंने अतीत में राज्य को गौरवान्वित किया है।

शिक्षा

हरियाणा सरकार ने निपुण हरियाणा मिशन का उद्देश्य नवीन शिक्षण-अध्ययन सामग्री का उपयोग करके सभी छात्रों को ग्रेड 3 तक सक्षम बनाना है। मिशन को ग्रेड 3 स्तर पर लागू किया गया है। शैक्षणिक सत्र 2024-25 से इसमें ग्रेड 4 और 5 को शामिल करके इसका विस्तार किया जाएगा। गुरुग्राम में फ्लाइट सिम्युलेटर प्रशिक्षण केंद्र स्थापित हो रहा है, जिससे हरियाणा उड्डयन प्रशिक्षण के केंद्र के रूप में उभरेगा। हिसार में एक उड्डयन के सभी तत्वों के साथ उच्च शिक्षा के लिए हिसार में एक उड्डयन महाविद्यालय स्थापित किया जाएगा। यह कॉलेज गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय के सम्बद्ध होगा और महाराजा अग्रसेन हिसार हवाई अड्डे के पास स्थित होगा। 16 जनवरी, 2024 से मुफ्त छात्र परिवहन सुरक्षा योजना का कार्यान्वयन शुरू कर दिया है। यह योजना कक्षा 1 से 12 तक के सभी विद्यालयों के लिए उपलब्ध है, जहां उनके घर से स्कूल की दूरी एक किलोमीटर से अधिक है। यह योजना प्रारंभ में प्रत्येक जिले के एक खण्ड में लागू की जा रही है और फिर इसका विस्तार सभी खण्डों तक किया जाएगा।

स्वास्थ्य

प्रदेश में पिछले साल चिरायु-आयुष्मान भारत का लाभ उन परिवारों को देना शुरू किया गया था, जिनकी परिवार पहचान पत्र में वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये से 3 लाख रुपये तक थी। इसके लिए उन्हें 1500 रुपये का मामूली वार्षिक भुगतान करना होता है। अब चिरायु-आयुष्मान भारत का लाभ उन परिवारों तक बढ़ाया जाएगा, जिनकी वार्षिक आय 3 लाख रुपये से अधिक है। अब 3-6 लाख रुपये की वार्षिक आय वर्ग वाले लोग 4000 रुपये के वार्षिक योगदान का भुगतान करके और 6-10 लाख रुपये की वार्षिक आय वर्ग वाले लोग 5000 रुपये के वार्षिक योगदान का भुगतान करके लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इससे हरियाणा दो साल की छोटी सी अवधि में सार्वभौमिक स्वास्थ्य बीमा कवरेज के लक्ष्य तक लगभग पहुंच जाएगा। स्वास्थ्य सुविवधाओं को बेतहर बनाने के लिए हर जिले में मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं।

महिला विकास

हरियाणा में वर्ष 2024-25 के दौरान ड्रोन संचालन और रखरखाव में 550 महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रशिक्षित करने और प्रशिक्षित ड्रोन दीदियों को ड्रोन के प्रावधान की सुविधा प्रदान की जाएगी, जिसे वे कृषि उद्देश्यों के लिए किसानों को किराए पर दे सकती हैं। योजना का विवरण युवा उद्यमिता और अधिकारिता विभाग द्वारा अलग से अधिसूचित किया जाएगा। पिछले वर्ष पानीपत में तीज महोत्सव में प्रत्येक जिला मुख्यालय पर सांझा बाजार की स्थापना की घोषणा की गई थी। हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और शहरी स्थानीय निकाय विभाग के सहयोग से इस पहल का उद्देश्य महिला स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों को अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने और बेचने के लिए दुकानें या पोर्टा केबिन प्रदान करना है। जगहों की पहचान कर ली गई है और पायलट आधार पर पांच जिलों करनाल, यमुनानगर, पंचकुला, फतेहाबाद और गुरुग्राम में काम शुरू हो गया है। सांझा बाजार में 10-15 दुकानें होंगी और स्वयं सहायता समूहों को रोटेशन के आधार पर ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से जगह आवंटित की जाएगी। सांझा बाजार स्वयं सहायता समूहों को अपनी उपज का विपणन करने व आजीविका कमाने का एक मंच देगा।

बाल विकास

हरियाणा सरकार ने वर्ष 2023-24 में, अगले 3 वर्षों में 6 वर्ष तक आयु वर्ग के बच्चों में बौनेपन, कद के अनुपात में वजन न होने और कम वजन की घटनाओं को 50 प्रतिशत तक कम करने का लक्ष्य रखा गया था। राष्ट्रीय परिवार सर्वेक्षण डाटा में दर्शाया गया है कि हरियाणा में 5 वर्ष तक की आयु वर्ग में 27.5 प्रतिशत बच्चे बौने, 11.5 प्रतिशत बच्चे कद के अनुपात में वजन न होने और 21.5 प्रतिशत बच्चे कम वजन के पाए गए हैं। इसके कार्यान्वयन की रणनीति के हिस्से के रूप में और कुपोषण को समाप्त करने के लिए पिछले साल बाल संवर्धन पोर्टल लॉन्च किया गया, जिसमें 21 लाख बच्चों में से 13.73 लाख बच्चों की मैपिंग की गई है।

श्रम

प्रदेश में सरकार एक ऐसी योजना शुरू की जाएगी, जिसमें गिग वर्क को इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने के लिए बिना किसी ब्याज के क्रेडिट गारंटी के साथ 45,000 रुपये की राशि या इलेक्ट्रिक स्कूटर की वास्तविक एक्स शोरूम कीमत, जो भी कम हो, के लिए ऋण के साथ 5,000 रुपये की सब्सिडी प्रदान की जाएगी। इसके लिए गिग वर्कर का परिवार पहचान पत्र तथा ई-श्रम पर पंजीकृत होना अनिवार्य है तथा वह ऐसे परिवार से हो, जिसकी वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये तक है। योजना का विवरण श्रम विभाग द्वारा अलग से अधिसूचित किया जाएगा।

सैनिक एवं अर्ध सैनिक कल्याण

हरियाणा सरकार ने युद्ध में शहीद हुए सैनिकों के परिजनों के लिए दी जा रही 50 लाख रुपये की अनुग्रह राशि को बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये किया जाएगा, चाहे वे किसी भी रक्षा सेवा या केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के हों। सशस्त्र बलों में और अधिक अधिकारियों और जवानों की भागीदारी बढ़ाने के लिए हरियाणा के निवासियों को रक्षा और अर्धसैनिक सेवाओं में सेवा के लिए तैयार करने हेतु राज्य में तीन सशस्त्र बल तैयारी संस्थान (एएफपीआई.) स्थापित किये जाएंगे। संस्थान में कक्षा 10 और स्नातक के बाद उम्मीदवारों को रक्षा और अर्धसैनिक सेवाओं में सेवा के लिए प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया में शामिल होने के लिए तैयार किया जाएगा।

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