यदि सोमवार को देरी होती है, तो बुधवार तक तारीखें आना तय है। वार्डबंदी को लेकर हाई कोर्ट के आदेश के बाद शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने अनुसूचित जाति के लिए आरक्षण की नई अधिसूचना पहले ही जारी कर दी है।

हरियाणा के नगर निगम चुनावों को लेकर लंबे समय से जारी इंतजार अब समाप्त होने वाला है। हरियाणा राज्य निर्वाचन आयोग कल 13 अप्रैल को एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकता है, जिसमें चुनावी कार्यक्रम और तारीखों का आधिकारिक ऐलान होने की पूरी संभावना है। यदि किन्हीं तकनीकी कारणों से सोमवार को यह घोषणा नहीं हो पाती है, तो बुधवार को आयोग की ओर से शेड्यूल जारी कर दिया जाएगा। 

वार्डबंदी का विवाद सुलझा, अब चुनाव की तैयारी
नगर निगम चुनावों की वार्डबंदी को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चल रहा कानूनी गतिरोध अब समाप्त हो चुका है। न्यायालय के दिशा-निर्देशों का पालन कर शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने 10 अप्रैल को एक नई अधिसूचना जारी की है। इस अधिसूचना के तहत वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर अनुसूचित जाति (SC) के लिए सीटों का आरक्षण फिर से निर्धारित कर दिया गया है। इस कदम के साथ ही चुनाव आयोग ने अपनी मशीनरी को सक्रिय कर दिया है। 

कांग्रेस ने EVM के साथ VVPAT को जोड़ने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की 
जहां एक ओर प्रशासन चुनाव की तैयारी में है, वहीं मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस कानूनी मोर्चे पर डटी हुई है। कांग्रेस ने ईवीएम (EVM) के साथ वीवीपीएटी (VVPAT) मशीनों को जोड़ने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की है, जिस पर 20 अप्रैल को सुनवाई होनी है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि चूंकि अदालत ने अभी तक चुनावी प्रक्रिया पर कोई स्थगन आदेश (Stay Order) नहीं दिया है, इसलिए आयोग के तय कार्यक्रम में किसी बाधा की उम्मीद कम है। 

मेयर का पद बीसी-बी श्रेणी की महिला के लिए आरक्षित
इस बार के चुनाव कई मायनों में ऐतिहासिक होने जा रहे हैं। हरियाणा के चुनावी इतिहास में पहली बार मेयर का पद बीसी-बी (BC-B) श्रेणी की महिला के लिए आरक्षित किया गया है। 
• रेवाड़ी और सांपला का समीकरण : रेवाड़ी नगर परिषद में अध्यक्ष का पद अनुसूचित जाति की महिला के लिए सुरक्षित रखा गया है। यह निर्णय रोटेशन प्रणाली और आबादी के प्रतिशत को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
• नगर पालिका आरक्षण: सांपला, धारूहेड़ा और उकलाना में ड्रा के माध्यम से आरक्षण तय किया गया है, जिसमें उकलाना नगर पालिका के अध्यक्ष पद को महिला के लिए आरक्षित किया गया है। 
• उपचुनाव : मुख्य चुनावों के साथ-साथ टोहाना, झज्जर, करनाल और कनीना सहित छह निकायों के रिक्त वार्डों में भी पार्षद पदों के लिए वोट डाले जाएंगे। 

तीन प्रमुख निगमों की वर्तमान स्थिति 
अंबाला, पंचकूला और सोनीपत नगर निगमों के पिछले चुनावी परिणाम बेहद रोचक रहे हैं, जिसका प्रभाव आगामी चुनाव पर भी दिखेगा। 
1. पंचकूला : वर्ष 2020 में हुए मेयर चुनाव में भाजपा के कुलभूषण गोयल ने कांग्रेस की उपेंद्र कौर अहलूवालिया को एक कड़े मुकाबले में करीब 2,000 वोटों से शिकस्त दी थी।
2. अंबाला : मार्च के चुनाव में भाजपा की शैलजा संदीप सचदेवा ने प्रचंड जीत हासिल की थी। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी को 20,000 से अधिक मतों के अंतर से पराजित कर अपनी ताकत दिखाई थी। 
3. सोनीपत : मार्च 2025 में हुए मेयर उपचुनाव में भाजपा के राजीव जैन ने कांग्रेस के कमल दिवान को 34,749 वोटों के भारी अंतर से हराकर कांग्रेस के गढ़ में सेंध लगाई थी।

प्रदेश के अन्य निगमों में आरक्षण की स्थिति  
हरियाणा के कुल 11 नगर निगमों में से 8 में पहले ही चुनावी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। वर्तमान में आरक्षण की स्थिति इस प्रकार है। 
• गुरुग्राम और फरीदाबाद: गुरुग्राम में मेयर पद बीसी-ए महिला और फरीदाबाद में सामान्य महिला के लिए आरक्षित है।
• रोहतक और यमुनानगर: रोहतक में एससी पुरुष और यमुनानगर में एससी महिला के लिए मेयर पद आरक्षित है।
• सामान्य श्रेणी: करनाल, पानीपत, हिसार और मानेसर जैसे निगम फिलहाल सामान्य वर्ग के अंतर्गत आते हैं।

अगले 24 से 48 घंटे होने वाले हैं अत्यंत निर्णायक 
नगर निगम चुनावों की तारीखों का ऐलान होते ही हरियाणा के शहरी क्षेत्रों में राजनीतिक पारा चढ़ना तय है। भाजपा जहां अपने विजय रथ को बरकरार रखने की कोशिश करेगी, वहीं कांग्रेस अपनी कानूनी आपत्तियों और जमीनी पकड़ के जरिए सत्ता पक्ष को चुनौती देने के लिए तैयार है। अगले 24 से 48 घंटे हरियाणा की स्थानीय सरकार के भविष्य के लिए अत्यंत निर्णायक होने वाले हैं। 

(हरियाणा के जिले, कस्बे और गांवों की खबरों के लिए हरिभूमि का "ई-पेपर" पढ़ें।  यहां क्लिक करें epaper haribhoomi या प्लेस्टोर से "हरिभूमि हिंदी न्यूज़" App डाउनलोड करें। )