हरियाणा के मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री नायब सिंह सैनी कल, यानी 2 मार्च को अपनी सरकार का दूसरा बजट पेश करने जा रहे हैं। चुनावी आहट और विकास की गति को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार के बजट में पिछले वर्ष के मुकाबले 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाएगी, जिससे कुल बजट का आकार 2.15 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। इस बजट में सरकार का मुख्य जोर इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीक और ग्रामीण विकास पर रहने की संभावना है।
कर्ज का बोझ और युवाओं की उम्मीदें
एक ओर जहां बजट का आकार बढ़ रहा है, वहीं प्रदेश पर बढ़ता हुआ 3,52,819 करोड़ रुपये का कर्ज सरकार के लिए चिंता का विषय है। इसी वित्तीय दबाव के कारण कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) पास करने वाले बेरोजगार युवाओं को झटका लग सकता है। मुख्यमंत्री ने पूर्व में वादा किया था कि CET पास युवाओं को 9,000 रुपये मासिक भत्ता दिया जाएगा, लेकिन सूत्रों की मानें तो बढ़ते कर्ज के चलते इस घोषणा को बजट में अमलीजामा पहनाना मुश्किल लग रहा है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा क्षेत्र को मिलेगी नई रफ्तार
मुख्यमंत्री के प्राथमिकता वाले 10 क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा सबसे ऊपर है। इस बार इस विभाग के बजट में 25% की भारी वृद्धि की उम्मीद है, जिससे यह आंकड़ा 6,500 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। वहीं, अनिल विज के नेतृत्व वाले ऊर्जा विभाग में भी 25 से 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने के आसार हैं, ताकि आम जनता को दी जाने वाली बिजली सब्सिडी को सुचारू रूप से जारी रखा जा सके।
बेड़े में नई बसें जोड़ी जाएंगी
हरियाणा सरकार अपने बेड़े में 5000 बसों की संख्या बढ़ाने और जिला स्तर पर इलेक्ट्रिक बसें चलाने की योजना पर काम कर रही है, जिसके लिए परिवहन बजट में इजाफा तय है। कृषि क्षेत्र की बात करें तो हरियाणा देश का इकलौता राज्य है जो 24 फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद रहा है। इस सेक्टर को लगभग 1500 करोड़ रुपये आवंटित किए जा सकते हैं, जो पिछले साल से 15% अधिक होगा।
AI और कैंसर केयर पर जोर
सरकार अपने बजट का सबसे बड़ा हिस्सा शिक्षा पर खर्च करती है। इस बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रावधान किए जाएंगे। साथ ही पीएम श्री स्कूलों के विस्तार के लिए शिक्षा बजट 22 हजार करोड़ के पार जा सकता है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में सरकार हर जिले में कैंसर केयर यूनिट और मेडिकल कॉलेज बनाने के लक्ष्य के साथ बजट में 20% की वृद्धि कर सकती है, जिससे स्वास्थ्य बजट 12,500 करोड़ रुपये होने का अनुमान है।
पंचायत और शहरी विकास पर मेहरबानी
प्रदेश में आगामी निकाय और पंचायत चुनावों को देखते हुए मुख्यमंत्री ग्रामीण और शहरी विकास पर खजाना खोल सकते हैं। ग्रामीण विकास और पंचायती राज के लिए 7,500 करोड़ रुपये का प्रावधान संभव है। वहीं, शहरी विकास में 20% की बढ़ोतरी कर इसे ₹6,800 करोड़ के आसपास रखा जा सकता है। मुख्यमंत्री पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि शहरों के साथ-साथ गांवों का आधुनिकीकरण उनकी प्राथमिकता है।
ATS का गठन और पेंशन योजनाएं
गृह विभाग खुद मुख्यमंत्री के पास है। इस बार प्रदेश में आतंकवाद विरोधी दस्ता (ATS) बनाने की तैयारी है, जिस पर सालाना ₹35 करोड़ का अतिरिक्त खर्च आएगा। वहीं, समाज कल्याण विभाग के जरिए 34 लाख से अधिक लोगों को पेंशन दी जा रही है। वृद्धावस्था और विधवा पेंशन जैसी 13 श्रेणियों के लिए सरकार बजट में 20% की वृद्धि कर सकती है।
प्रमुख योजनाओं का स्टेट्स और बजट उपयोग
हरियाणा सरकार के अनुसार, घोषणा पत्र के 217 संकल्पों में से 60 पूरे हो चुके हैं। पिछले बजट का लगभग 98 प्रतिशत हिस्सा 31 मार्च तक खर्च होने की उम्मीद है।
• लाडो लक्ष्मी योजना: 9.22 लाख महिलाओं को ₹2100 प्रतिमाह मिल रहे हैं।
• गैस सब्सिडी: 1.80 लाख से कम आय वाले 12.62 लाख परिवारों को ₹500 में सिलेंडर दिया जा रहा है।
नायब सैनी सरकार का यह बजट 'सबका साथ-सबका विकास' के नारे को मजबूती देने वाला हो सकता है, लेकिन कर्ज के बोझ के बीच लोकलुभावन वादों और वित्तीय अनुशासन के बीच संतुलन बनाना मुख्यमंत्री के लिए बड़ी चुनौती होगी।
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