साइबर सिटी गुरुग्राम के सेक्टर-69 के एक पीजी में रह रही 19 वर्षीय छात्रा के साथ उसके लिव-इन पार्टनर ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। आरोपी ने न केवल युवती को बेरहमी से पीटा, बल्कि उसके प्राइवेट पार्ट पर सैनिटाइजर डालकर उसे आग के हवाले कर दिया। पुलिस ने इस मामले के मुख्य आरोपी शिवम को गिरफ्तार कर लिया है।
दोस्ती से शुरू हुआ टॉर्चर का सिलसिला
पीड़ित युवती मूल रूप से त्रिपुरा की रहने वाली है और गुरुग्राम की जीडी गोयनका यूनिवर्सिटी से बीएससी की पढ़ाई कर रही है। युवती और आरोपी शिवम की मुलाकात एक ऑनलाइन मोबाइल ऐप के जरिए हुई थी। सितंबर 2025 में शुरू हुई यह बातचीत धीरे-धीरे मुलाकातों में बदल गई। दिल्ली के नरेला निवासी शिवम ने युवती को शादी का झांसा दिया और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। कुछ समय बाद दोनों गुरुग्राम के सेक्टर-69 स्थित एक पीजी में लिव-इन में रहने लगे।
युवती के चरित्र पर संदेह करने लगा था आरोपी
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि कुछ समय साथ रहने के बाद शिवम युवती के चरित्र पर संदेह करने लगा था। इसी शक के चलते उसने युवती पर अत्याचार शुरू कर दिए। आरोपी ने युवती को बंधक बनाकर उसके पैरों पर चाकू से वार किए। दरिंदगी यहीं नहीं रुकी, आरोपी ने पीड़िता का न्यूड वीडियो रिकॉर्ड किया और उसके सिर पर स्टील की बोतल से हमला कर उसका सिर दीवार पर पटक दिया। सबसे भयानक कृत्य तब हुआ जब आरोपी ने युवती के प्राइवेट पार्ट पर सैनिटाइजर छिड़क कर उसे आग लगा दी। इस हमले में युवती गंभीर रूप से झुलस गई।
युवती ने मां को दी जानकारी
18 फरवरी की रात जब आरोपी की प्रताड़ना असहनीय हो गई, तो युवती ने साहस जुटाकर उसके चंगुल से बचते हुए अपनी मां को फोन किया। पीड़िता की मां त्रिपुरा पुलिस में अधिकारी हैं। आरोपी को भनक न लगे, इसलिए युवती ने अपनी स्थानीय भाषा में अपनी मां को पूरी आपबीती सुनाई।
बेटी की हालत जानकर मां ने तत्काल गुरुग्राम पुलिस की हेल्पलाइन नंबर 112 पर सूचना दी। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर छात्रा को रेस्क्यू किया और उसे सेक्टर-10 के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। युवती की हालत नाजुक देखते हुए उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया गया।
शरीर को जगह-जगह दागा
इस मामले में पीड़िता की वकील रीना रॉय ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि घटना से तीन दिन पहले ही युवती ने अपने पिता को फोन कर अपनी जान का खतरा बताया था। उसने कहा था कि अगर आप मुझे जीवित देखना चाहते हैं, तो गुरुग्राम आकर मुझे ढूंढ लीजिए। वकील के अनुसार आरोपी ने केवल सैनिटाइजर से ही नहीं जलाया, बल्कि लाइटर और अन्य साधनों से युवती के शरीर के कई हिस्सों को दागा था। पीड़िता के हाथ और पैरों पर गहरे जख्म के निशान हैं, जो उसकी आपबीती बयां कर रहे हैं।
पुलिस ने बयान दर्ज किए
शुरुआत में युवती की हालत इतनी खराब थी कि डॉक्टरों ने उसे बयान देने के लिए अयोग्य (Unfit) घोषित कर दिया था। सफदरजंग अस्पताल में इलाज के बाद जब उसकी स्थिति में थोड़ा सुधार हुआ, तब पुलिस ने उसके विस्तृत बयान दर्ज किए। इन्हीं बयानों के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर आरोपी शिवम को धर दबोचा। गुरुग्राम पुलिस अब इस मामले में वीडियो साक्ष्य और अन्य फॉरेंसिक सबूत जुटा रही है ताकि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।
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