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हरियाणा के रेवाड़ी में शेयर मार्केट में पैसा लगाकर मोटा मुनाफा कमाने के चक्कर में एक व्यक्ति अपनी जमा पूंजी से ही साढ़ चार लाख रुपये गवा बढ़ा। ठगी का अहसास हुआ तो मोटी कमाई के लिए इंस्टाल किया एप स्वयं बंद हो गया।

रेवाड़ी। शेयर मार्केट में पैसा लगाकर मोटा मुनाफा कमाने के चक्कर में इंस्टाल की गई एप ने 4.5 लाख रुपये जमा होने के बाद काम करना बंद कर दिया। ठगी का पता चलने के बाद पीड़ित ने साउथ रेंज साइबर थाना पुलिस को शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने केस दर्ज करने के बाद आरोपियों का पता लगाने के प्रयास शुरू कर दिए। साइबर थाना पुलिस को दर्ज शिकायत में बीएमजी एलीगेंट सिटी में रहने वाले ललित कुमार ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर शेयर मार्केट में पैसा लगाकर मोटा मुनाफा कमाने का विज्ञापन देखा था।

लिंक क्लिक करते ही व्हाट्सअप ग्रुप से जुड़ा

विज्ञापन के नीचे एक लिंक दिया हुआ था, जिस पर क्लिक करने के बाद वह एक व्हाट्सएप गु्रप से जुड़ गया। गु्रप  से जुड़े लोगों के साथ उसकी चेटिंग होने लगी। शेयर मार्केट में पैसा लगाने की बात कहने के बाद उसके पास एक लिंक आया, जिस पर क्लिक करने के बाद एप डाउनलोड हो गई। उसका पैन व आधार कार्ड नंबर ले लिया गया। इसके बाद वह एप के जरिए पैसे इन्वेस्ट करता रहा। 6 बार में 4.5 लाख रुपये इन्वेंस्ट करने के बाद उसका प्रोफिट 36752 रुपये दिखाया गया।

प्रॉफिट लेने की रिक्वस्ट डालने पर मांगें एक लाख 

उसने प्रोफिट निकलाने के लिए रिक्वेस्ट डाली, तो व्हाट्सएप  ग्रुप पर सर्वर डाउन होने की बात कहते हुए 1 लाख रुपये और जमा कराने को कहा। इसके बाद उसने पैसे जमा नहीं कराए। जब वह गु्रप पर पैसे वापस करने के मैसेज भेजने लगा, तो उसके मोबाइल फोन से एप खुद डिलीट हो गई। पुलिस ने उसकी शिकायत पर केस दर्ज करने के बाद उन खातों का पता लगाने के प्रयास शुरू कर दिए, जिनमें उसकी रकम ट्रांसफर हुई है।

महिला भी हुई साइबर ठगी की शिकार

व्हाट्सएप गु्रप से जुड़ने के बाद विशाल कॉलोनी निवासी मितलेश देवी 3.65 लाख रुपये की ठगी का शिकार हो गई। उसने गु्रप एडमिन रवि तोमर के कहने पर स्टॉक खरीदने का कार्य शुरू किया। छोटी रकम उसे वापस मिल गई, लेकिन बाद में आईपीओ खरीदने के लिए उससे 3.65 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। जब उसे यह रकम वापस नहीं मिली, तो ठगी का पता चला। साइबर थाना पुलिस ने उसकी शिकायत पर केस दर्ज करने के बाद जांच शुरू कर दी।

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