हरियाणा में आज 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर प्रदेशव्यापी हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। अपनी मांगों को लेकर विभिन्न विभागों के कर्मचारी सड़कों पर उतरे हैं।

हरियाणा में गुरुवार को केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर जबरदस्त विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। अपनी मांगों को लेकर प्रदेश के कर्मचारी और मजदूर संगठन सड़कों पर उतरे हैं। हालांकि, सरकार ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रदेश भर के बस अड्डों पर धारा 163 लागू कर दी है, ताकि यातायात बाधित न हो सके। 

सोनीपत और झज्जर में हड़ताल का व्यापक असर 
हड़ताल का सबसे मुखर प्रभाव सोनीपत, हिसार और झज्जर जिलों में नजर आ रहा है। सोनीपत में बड़ी संख्या में कर्मचारी रोडवेज बस स्टैंड को घेरकर धरने पर बैठ गए हैं। वहीं झज्जर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च निकालकर अपनी नाराजगी जाहिर की। बहादुरगढ़ में भी नगर पालिका कर्मचारियों ने काम रोककर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके अतिरिक्त, सोनीपत के गोहाना में बिजली विभाग के कर्मचारियों ने भी 2 घंटे तक कामकाज ठप कर जमकर हंगामा किया।

रोडवेज परिचालन पर नहीं पड़ा खास प्रभाव 
भले ही यूनियनें सड़कों पर हों, लेकिन परिवहन व्यवस्था फिलहाल सुचारू बनी हुई है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, सुबह 8 बजे तक हरियाणा रोडवेज की बसों का संचालन 100 प्रतिशत रहा। प्रदेश के 23 जिलों और चंडीगढ़ को मिलाकर कुल 1651 बसें रूट पर निकलीं, जो सामान्य दिनों (1643 बसें) की तुलना में भी थोड़ी अधिक हैं। हांसी और रेवाड़ी जैसे इलाकों में हड़ताल का असर नगण्य रहा और यात्री बस अड्डों से तय समय पर अपनी मंजिल की ओर रवाना हुए। 

बिजली निगम का कड़ा रुख 
हड़ताल को देखते हुए हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम (HVPN) ने सख्त रुख अख्तियार किया है। निगम ने स्पष्ट तौर पर 'नो वर्क-नो वेज' का नियम लागू कर दिया है। 12 फरवरी के लिए कर्मचारियों की सभी सामान्य छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। केवल बेहद आपातकालीन परिस्थितियों में ही उच्च अधिकारियों की अनुमति से अवकाश मिल सकेगा। यह कदम बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। 

10 केंद्रीय यूनियनों का मिला समर्थन 
इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल का नेतृत्व देश की 10 प्रमुख केंद्रीय ट्रेड यूनियनें कर रही हैं। इसमें सीटू, इंटक, एटक और हिंद मजदूर सभा जैसे बड़े संगठन शामिल हैं। हड़ताल को सफल बनाने के लिए हरियाणा के सर्व कर्मचारी संघ और मजदूर संगठनों ने पिछले 10 दिनों से राज्य के सभी 23 जिलों में जनसभाएं की थीं। सात अलग-अलग जत्थों ने प्रदेश का दौरा कर कर्मचारियों और आम जनता को इस आंदोलन से जोड़ने का प्रयास किया है। 

ये संगठन हैं आंदोलन में शामिल 
हरियाणा में इस विरोध प्रदर्शन को व्यापक बनाने के लिए बैंक एम्पलाइज फेडरेशन, बीमा कर्मचारी संघ, पोस्टल और टेलीकॉम विभाग के कर्मचारी भी साथ आए हैं। हजारों की संख्या में स्वतंत्र औद्योगिक यूनियनें भी इस हड़ताल का हिस्सा बन रही हैं। हालांकि, मिड-डे मील वर्कर्स ने फिलहाल खुद को इस हड़ताल से अलग रखा है, जिसके कारण स्कूलों में दोपहर के भोजन की व्यवस्था प्रभावित नहीं हुई है। 

भिवानी, पंचकूला और रोहतक की ताजा स्थिति 
• भिवानी : नेहरू पार्क में विभिन्न विभागों के कर्मचारी बड़ी संख्या में एकत्रित हुए और अपनी मांगों का मांगपत्र तैयार किया।
• पंचकूला : धरना स्थल पर भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच कर्मचारी शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं।
• रोहतक : यहां यूनियन प्रतिनिधि पल-पल की जानकारी साझा कर रहे हैं और प्रदर्शन को तेज करने की रणनीति बना रहे हैं।

निजीकरण का विरोध, पुरानी पेंशन बहाली की मांग 
ट्रेड यूनियन नेताओं का कहना है कि यह हड़ताल केवल वेतन बढ़ोतरी के लिए नहीं, बल्कि निजीकरण के विरोध और पुरानी पेंशन बहाली जैसी बुनियादी मांगों को लेकर है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले घंटों में प्रदर्शन और भी उग्र हो सकता है। दूसरी ओर, प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी सूरत में कानून व्यवस्था और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

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