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बावल/रेवाड़ी: ललिता हत्याकांड में गिरफ्तार किए गए दामाद और उसके दोस्त को पुलिस ने मंगलवार कोर्ट में पेश करने के बाद दो दिन के रिमांड पर लिया। आरंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई कि ससुर की मौत के बाद से ही वह अपनी सास के घर रहता था। वह पूरी तरह बेरोजगार था और सास ही उसका खर्च उठा रही थी। नौकरी नहीं करने पर सास उसे अपनी बेटी से तलाक दिलाने की धमकी दे रही थी, जिस कारण उसने सास की हत्या को अंजाम दे दिया।

पति की बीमा राशि लेने निकली थी महिला

जानकारी अनुसार ललिता के पास 12 जून को फोन आया था। उसे पति के बीमा क्लेम का चेक लेने के लिए रेवाड़ी आने को कहा गया था। वह घर से ऑटो में सवार होकर रेवाड़ी के लिए निकली। इसके बाद वह घर नहीं लौटी। काफी तलाश करने के बाद भी उसका कोई पता नहीं चल सका। उसके भतीजे ने 13 जून को बावल पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। उसी दिन शाम को ललिता का शव एग्रीकल्चर कॉलेज के पास सड़क के गड्ढों में मिला। एसपी शशांक कुमार सावन ने बावल एसएचओ को निर्देश दिए कि इस ब्लाइंड मर्डर को जल्द ट्रेस आउट किया जाए। पुलिस ने जांच के बाद ललिता के दामाद चरखी दादरी के खोरड़ा निवासी संदीप और उसके दोस्त आशीष को गिरफ्तार कर लिया।

पत्नी को ले जाने का बना रहा था दबाव

पूछताछ के दौरान इस बात का खुलासा हुआ कि संदीप अपने ससुर की मौत के बाद ससुराल में ही रहता था। वह कुछ भी कमाता नहीं था। उसकी सास ही पति-पत्नी का खर्च उठाती थी। अब उसने दामाद को खर्चा देना बंद कर दिया था। सास पर दबाव बनाने के लिए संदीप ने 8 जून को अपनी पत्नी साथ ले जाने को कहा, लेकिन ललिता ने मना कर दिया। इसके बाद ही दोनों के बीच झगड़ा हो गया। संदीप ने दोस्त के साथ मिलकर रेवाड़ी के लिए निकली ललिता को बनीपुर चौक पर ही ऑटो से उतारकर बाइक पर बैठा लिया। कॉलेज के पास सड़क के गड्डों में गिराकर उसने आशीष के साथ मिलकर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।