हाल ही में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है जहां एक स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 3 के पास हाई वोल्टेज पोल पर एक संदिग्ध खुफिया कैमरा लगा मिला जिसके बाद से NIA और IB अलर्ट पर है।

देश की सुरक्षा एजेंसियों ने सोनीपत रेलवे स्टेशन पर एक ऐसी साजिश का भंडाफोड़ किया है जिसने हड़कंप मचा दिया है। स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 3 के पास हाई वोल्टेज पोल (नंबर 42/27) पर एक संदिग्ध खुफिया कैमरा लगा मिला, जिसके तार सीधे पाकिस्तान से जुड़े होने की आशंका है।

18 दिनों तक होती रही 'लाइव जासूसी'
जांच में सामने आया है कि यह कैमरा 26 फरवरी को लगाया गया था और करीब 18 दिनों तक सक्रिय रहा। इस हाईटेक सोलर आईपी कैमरे के जरिए स्टेशन के सभी 5 प्लेटफार्म की गतिविधियों की लाइव फुटेज सीमा पार भेजे जाने का शक है। आरपीएफ और गाजियाबाद पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से इस कैमरे को पोल से उतार लिया है।

चांदनी चौक से खरीदा, ट्रेन से पहुंचे सोनीपत
पकड़े गए मुख्य आरोपी प्रवीण ने पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं:

  • पाकिस्तानी संपर्क: आरोपी करीब 10 दिन पहले एक पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में आए थे।
  • सस्ती डील: चांदनी चौक से सोलर बेस्ड आईपी कैमरा खरीदा गया और इसे लगाने के लिए आरोपियों को 10 हजार रुपये का लालच दिया गया था।
  • प्लानिंग: चार आरोपी दिल्ली से एक्सप्रेस ट्रेन के जरिए सोनीपत पहुंचे, रात के अंधेरे में 4-5 घंटे लगाकर कैमरा इंस्टॉल किया और फिर टैक्सी से फरार हो गए।

NIA और IB को किया गया अलर्ट
गाजियाबाद पुलिस ने इस मामले में एक महिला समेत कुल 6 लोगों (सुहेल मलिक उर्फ रोमियो, शाने करम, प्रवीण, राज, शिव और रितिक) को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पहचान छिपाने के लिए फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए NIA (नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी), आईबी (IB) और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने भी जांच शुरू कर दी है।

मामले की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस कैमरे का 'एक्सेस' किन-किन लोगों के पास था और क्या अन्य रेलवे स्टेशनों पर भी ऐसे कैमरे लगाने की योजना थी। जब्त किए गए कैमरे को फॉरेंसिक लैब भेजा गया है ताकि इसके तकनीकी डेटा को खंगाला जा सके।

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