इलेक्ट्रिक स्कूटी में ब्लास्ट से एक की मौत: नारनौल में चार्जिंग के दौरान बम की तरह फटी, पलभर में बिखरा हंसता-खेलता परिवार

Battery Explosion
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ब्लास्ट के बाद घर के अंदर पड़ा जला हुआ मलबा। 

धमाका इतना जोरदार था कि पूरे घर में आग लग गई, जिससे फर्नीचर, बेड और अन्य कीमती सामान जल गया। शोर सुनकर पहुंचे पड़ोसियों ने तुरंत दमकल और पुलिस को सूचित किया।

हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल की रामनगर कॉलोनी में चार्जिंग पर लगी इलेक्ट्रिक स्कूटी अचानक बम की तरह फट गई। धमाके के बाद लगी भीषण आग की चपेट में आने से 55 वर्षीय व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना इतनी भयानक थी कि देखते ही देखते हंसता-खेलता परिवार बिखर गया और घर का सारा सामान जल गया।

रात 9 : 30 बजे हुआ धमाका

इस हादसे में जान गंवाने वाले व्यक्ति की पहचान शिव कुमार के रूप में हुई है। वह मूलतः बड़कोदा गांव के निवासी थे और लंबे समय से नारनौल की रामनगर कॉलोनी में रह रहे थे। शिव कुमार मजदूरी कर जीवन यापन करते थे। शनिवार रात वह इलेक्ट्रिक स्कूटी को घर के भीतर चार्जिंग पर लगाकर पास के कमरे में आराम करने चले गए थे। रात करीब साढ़े नौ बजे जब पूरा मोहल्ला खामोश था, तभी अचानक स्कूटी की बैटरी में जोरदार धमाका हुआ। इस विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कमरे की दीवारें दहल गईं और पूरे घर में आग की लपटें फैल गईं।

धमाके की आवाज सुनते ही लोग घरों से बाहर निकले

धमाके की आवाज सुनते ही आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए। शिव कुमार के घर से धुआं और आग की लपटें उठती देख स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस, फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस को दी। मौके पर पहुंची दमकल विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया। आग बुझाने के बाद जब टीम कमरे के भीतर दाखिल हुई, तो वहां शिव कुमार अचेत अवस्था में मिले। उन्हें आनन-फानन में एम्बुलेंस के जरिए नागरिक अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे के वक्त परिवार के अन्य सदस्य दूसरे कमरे में होने के कारण बच गए।

एक साल पहले ही खरीदी थी स्कूटी

शिव कुमार ने यह लाल रंग की स्कूटी एक साल पहले नसीबपुर स्थित एक अधिकृत शोरूम से खरीदी थी। यह वाहन टॉक्समो कंपनी का राइनो प्लस मॉडल था। इस स्कूटी की तकनीकी विशेषता यह थी कि कम रफ्तार होने के कारण इसके लिए किसी कानूनी पंजीकरण या ड्राइविंग लाइसेंस की अनिवार्यता नहीं थी। किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि कम दूरी के सफर के लिए ली गई यह स्कूटी एक दिन जानलेवा साबित होगी।

आग बुझाने में लगा आधे घंटे का समय

विस्फोट के बाद लगी आग ने घर में रखे फर्नीचर, बेड, सोफा, खिड़कियों और अन्य कीमती सामान को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों के अनुसार आग को बुझाने में लगभग आधे घंटे का समय लगा। इस घटना ने एक बार फिर बिजली से चलने वाले वाहनों की सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है कि आखिर चार्जिंग के दौरान बैटरी फटने का मुख्य कारण क्या था। शिव कुमार अपने पीछे दो बेटियों और एक बेटे का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं, जो इस हादसे के बाद गहरे सदमे में हैं।

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