बाल विवाह: जींद में मां ने भाइयों के साथ मिलकर 13 साल की बेटी की शादी करवाई, दूल्हे सहित कई लोग फंसे

जींद में बाल विवाह।
हरियाणा के जींद जिले से एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है जिसने इन तमाम दावों को झकझोर कर रख दिया है। एक महिला ने अपने सगे भाइयों के साथ मिलकर अपनी ही 13 वर्षीय मासूम बेटी का बाल विवाह करवा दिया। इस पूरी साजिश की भनक पिता को तब लगी जब शादी की रस्में पूरी हो चुकी थीं। अब पुलिस ने इस मामले में कड़ा संज्ञान लेते हुए मां, मामा और दूल्हे सहित कई लोगों पर मामला दर्ज किया है।
माता-पिता की कलह बनी मासूम के बचपन की दुश्मन
घटना की जड़ें पति-पत्नी के आपसी विवाद से जुड़ी हैं। गांव लुदाना के निवासी वीरेंद्र का अपनी पत्नी के साथ पिछले काफी समय से मनमुटाव चल रहा था। विवाद इतना गहरा गया कि पत्नी घर छोड़कर मायके चली गई। वह अपने साथ अपनी 13 साल की बेटी को भी ले गई थी। वीरेंद्र को लगा कि बेटी अपनी मां के पास सुरक्षित है, लेकिन उसे यह अंदाजा नहीं था कि वहां उसकी शादी करने की तैयारी चल रही है।
गुपचुप तरीके से रची गई शादी की साजिश
वीरेंद्र का आरोप है कि उसकी पत्नी ने अपने दो भाइयों के साथ मिलकर गुपचुप तरीके से बेटी के विवाह की योजना बनाई। बिना पिता को सूचना दिए या उसकी सहमति लिए बिना बच्ची को सफीदों की रामा कॉलोनी लाया गया। वहां गांव डिडवाड़ा के रहने वाले युवक के साथ बच्ची के सात फेरे करवा दिए गए। इस गैर-कानूनी कृत्य को अंजाम देने के लिए महिला और उसके भाइयों ने पूरी गोपनीयता बरती ताकि पिता को इसकी जानकारी न मिल सके।
पिता ने की पुलिस में शिकायत
जैसे ही वीरेंद्र को अपनी नाबालिग बेटी की शादी की खबर मिली, उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। उसने बिना वक्त गंवाए सफीदों सिटी थाना पहुंचकर पुलिस को आपबीती सुनाई। पिता की शिकायत मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया। प्रारंभिक जांच में यह पुष्टि हुई कि लड़की की उम्र शादी के योग्य नहीं है और कानूनन यह एक गंभीर अपराध (बाल विवाह) है। पुलिस जब तक कार्रवाई के लिए पहुंची, तब तक मासूम बच्ची को विदा कर उसके ससुराल भेजा जा चुका था।
दूल्हे और बिचौलियों पर भी कार्रवाईसफीदों सिटी पुलिस ने वीरेंद्र की शिकायत के आधार पर बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। नामजद आरोपियों में बच्ची की मां, उसके मामा और कथित दूल्हा शामिल हैं। पुलिस के अनुसार यह केवल एक सामाजिक बुराई नहीं बल्कि कानून का खुला उल्लंघन है।
पुलिस अब उन लोगों की भी शिनाख्त कर रही है जिन्होंने इस शादी में सहयोग दिया। जांच टीम उस पंडित की तलाश कर रही है जिसने मंत्रोच्चार कर इस अवैध विवाह को संपन्न कराया, साथ ही उन गवाहों और बिचौलियों पर भी गाज गिरनी तय है जिन्होंने एक नाबालिग के भविष्य को अंधकार में धकेलने में साथ दिया।
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी
यह मामला न केवल जींद बल्कि पूरे हरियाणा के लिए एक चेतावनी है, जहां सरकार 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' जैसे अभियान चला रही है। पारिवारिक झगड़ों की बलि एक मासूम का बचपन चढ़ जाए, यह प्रशासनिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर विफलता को दर्शाता है। फिलहाल पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है और बच्ची को संरक्षण में लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
अगर आपको यह खबर उपयोगी लगी हो, तो इसे सोशल मीडिया पर शेयर करना न भूलें और हर अपडेट के लिए जुड़े रहिए [haribhoomi.com] के साथ।
