झज्जर और यमुनानगर के दो जवान जम्मू-कश्मीर में शहीद: सेना का वाहन 400 फीट गहरी खाई में गिरा, 10 जवानों की जान गई

शहीद मोहित चौहान और खाई में गिरा सेना का वाहन।
देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए हरियाणा ने एक बार फिर अपना वीर सपूत खो दिया है। जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में हुए सड़क हादसे में सेना के 10 जवान वीरगति को प्राप्त हो गए, जिनमें हरियाणा ने अपने दो जांबाज सपूत खो दिए। शहीदों में झज्जर के मोहित चौहान (26) और यमुनानगर के सुधीर नरवाल (26) शामिल हैं। गुरुवार शाम शहादत की सूचना मिलते ही दोनों परिवारों में मातम पसर गया। मोहित की पत्नी गर्भवती हैं, वहीं सुधीर भी देश सेवा के प्रति समर्पित थे।
21 जवानों को लेकर जा रहा था वाहन
यह दुखद घटना गुरुवार को उस समय हुई जब सेना का वाहन 21 जवानों को लेकर डोडा की ऊंची पहाड़ियों पर स्थित एक पोस्ट की ओर जा रहा था। भद्रवाह-चंबा अंतर्राज्यीय मार्ग पर खन्नी टॉप के समीप अचानक सैन्य वाहन अनियंत्रित होकर लगभग 400 फीट गहरी खाई में जा गिरा।
डोडा के प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार समुद्र तल से 9000 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस क्षेत्र में भारी बर्फबारी हुई थी। सड़क पर जमी बर्फ के कारण वाहन फिसल गया और चालक का नियंत्रण हट गया। दुर्घटना में 10 जवानों ने अपनी जान गंवा दी, जबकि 11 घायल जवानों को सेना के हेलीकॉप्टर के जरिए उधमपुर के सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
शहीद मोहित चौहान परिवार का सहारा था
झज्जर के गिजाड़ौध गांव के रहने वाले 24 वर्षीय मोहित चौहान करीब 5 साल पहले सेना में सिपाही के तौर पर भर्ती हुए थे। मोहित अपने परिवार के बड़े बेटे थे। उनके पिता सतपाल किसान हैं और छोटा भाई जितेंद्र गांव में ही गाड़ी चलाकर परिवार की मदद करता है। मोहित ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से सेना में जगह बनाई थी, जबकि उनके परिवार का कोई पुराना सैन्य इतिहास नहीं था। उनकी शहादत की खबर मिलते ही गांव में चूल्हे नहीं जले और लोग अपने वीर नायक को श्रद्धांजलि देने के लिए उनके घर पर जुटने लगे।
एक साल पहले हुई थी शादी, पत्नी ढाई महीने की गर्भवती
मोहित के व्यक्तिगत जीवन की कहानी और भी भावुक कर देने वाली है। उनकी शादी करीब एक साल पहले ही हुई थी। शहीद मोहित की पत्नी वर्तमान में ढाई महीने की गर्भवती हैं, जिन्हें अब अपने पति की शहादत का गम उम्र भर सहना होगा। मोहित बीते नवंबर में अपनी शादी की सालगिरह मनाने के लिए छुट्टी पर घर आए थे। छुट्टियों के बाद जब वे ड्यूटी पर लौट रहे थे, तो उन्होंने परिजनों से वादा किया था कि वे जल्द ही वापस आएंगे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
सैन्य सम्मान के साथ आज होगा अंतिम संस्कार
गिजाड़ौध गांव के सरपंच नरेश कुमार ने बताया कि शहीद मोहित चौहान का पार्थिव शरीर आज शुक्रवार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव लाया जाएगा। सेना की टुकड़ी और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। ग्रामीण मोहित के बचपन के किस्से याद कर रहे हैं कि कैसे वे रोजाना गांव सिलानी के सरकारी स्कूल में पढ़ने के लिए 4 किलोमीटर पैदल जाते थे और सेना में भर्ती होने के लिए गांव की सड़कों पर पसीना बहाते थे।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री ने व्यक्त किया शोक
इस दुखद हादसे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने शहीद जवानों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर कहा कि राष्ट्र इन वीर सपूतों के बलिदान को हमेशा याद रखेगा। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने भी इस घटना को अत्यंत दुखद बताया है।
