शीतलहर का कहर: हरियाणा के कई शहरों में पारा शून्य के करीब, गुरुग्राम में जमी बर्फ और सोनीपत रहा सबसे ठंडा

Cold Wave Alert
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हरियाणा में छाई धुंध। 

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 16 जनवरी तक उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं का दौर जारी रहेगा, हालांकि 18 और 19 जनवरी को पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से हल्की बारिश की संभावना है, जिससे तापमान में मामूली बढ़ोतरी होगी।

हरियाणा में मकर संक्रांति पर ठंड ने अपने तेवर और तीखे कर लिए हैं। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हाड़ कंपाने वाली शीतलहर का प्रकोप जारी है, जिसके चलते जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त है। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के 14 जिलों में 'ऑरेंज अलर्ट' घोषित किया है। इन जिलों में सिरसा, हिसार, जींद और सोनीपत जैसे प्रमुख इलाके शामिल हैं, जहां अगले कुछ दिनों तक भीषण ठंड रहने की संभावना है।

सोनीपत का न्यूनतम तापमान 0.4 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़का

बुधवार की सुबह सोनीपत जिला पूरे प्रदेश में सबसे ठंडा दर्ज किया गया, जहां न्यूनतम तापमान 0.4 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। इसके साथ ही हिसार में 0.5 और गुरुग्राम में 0.8 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। ठंड की तीव्रता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि गुरुग्राम के मानेसर में खड़ी कारों की छतों पर बर्फ की सफेद परत जम गई, जिसका वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है।

घने कोहरे से यातायात प्रभावित

सिर्फ ठंड ही नहीं, बल्कि घने कोहरे ने भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सिरसा में बुधवार सुबह दृश्यता (विजिबिलिटी) घटकर मात्र 10 मीटर रह गई, जिससे सड़कों पर वाहनों की आवाजाही लगभग थम गई। जींद, कैथल और भिवानी जैसे जिलों में भी धुंध के कारण सुबह के समय भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, हालांकि औसत तापमान में मामूली सुधार हुआ है, लेकिन यह अभी भी सामान्य से 3.2 डिग्री नीचे बना हुआ है।

अगले चार दिनों का पूर्वानुमान

मौसम विभाग के अनुसार 16 जनवरी तक उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं का प्रभाव बना रहेगा, जिससे रात के तापमान में और गिरावट आ सकती है। हालांकि, 17 जनवरी से मौसम में आंशिक बदलाव की उम्मीद है, 18 और 19 जनवरी को एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। कृषि विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों का मानना है कि 19 जनवरी के बाद होने वाली बारिश से न्यूनतम तापमान में 3 से 4 डिग्री की वृद्धि होगी, जिससे कड़ाके की ठंड से कुछ राहत मिल सकती है।

फसलों को बचाने के लिए विशेष एडवाइजरी जारी

ठंड और पाले की मार से फसलों को बचाने के लिए वैज्ञानिकों ने विशेष एडवाइजरी जारी की है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे गेहूं और सरसों की फसलों में पाले के असर को कम करने के लिए दोपहर के समय हल्की सिंचाई करें। सरसों में सफेद रतुआ रोग के खतरे को देखते हुए दवाई के छिड़काव के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, सब्जियों और चारे की कटाई धूप निकलने के बाद ही करने को कहा गया है ताकि फसल गलने से बची रहे।

पशुओं को केवल गुनगुना पानी ही पिलाएं

कड़ाके की इस ठंड में पशुओं का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। पशुपालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पशुओं को ढके हुए शेड में रखें और उन्हें केवल गुनगुना पानी ही पिलाएं। पशुओं को ठंडी हवा के सीधे संपर्क से बचाना अनिवार्य है। स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए उनके नियमित आहार में 50 ग्राम आयोडाइज्ड नमक और खनिज मिश्रण (मिनरल मिक्सचर) शामिल करने की सलाह दी गई है।

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