हिसार से नांदेड़ साहिब की पहली हवाई उड़ान रवाना: हरियाणा सरकार ने दी 60% किराए में छूट, 72 की जगह 3 घंटे का सफर

हिसार एयरपोर्ट पर पहुंचे सिख श्रद्धालु।
हरियाणा के धार्मिक और नागरिक उड्डयन इतिहास में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है। हिसार के महाराजा अग्रसेन हवाई अड्डे से महाराष्ट्र के नांदेड़ स्थित तख्त श्री हजूर साहिब के लिए पहली विशेष उड़ान ने प्रस्थान किया। श्री गुरु तेग बहादुर साहिब के 350वें शहीदी शताब्दी समारोह के पावन अवसर पर शुरू की गई इस हवाई सेवा का उद्देश्य सिख श्रद्धालुओं की यात्रा को सुगम और किफायती बनाना है।
कुरुक्षेत्र के 61 श्रद्धालुओं का पहला जत्था रवाना
रविवार शाम करीब पौने पांच बजे महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट से इस ऐतिहासिक उड़ान ने उड़ान भरी। इस पहली फ्लाइट में कुरुक्षेत्र से आए 61 सिख श्रद्धालुओं का जत्था शामिल था। एयरपोर्ट पहुंचने पर प्रशासन और आयोजकों द्वारा संगत का भव्य स्वागत किया गया। इस मौके पर आयोजित विशेष कार्यक्रम की अध्यक्षता हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (HSGPC) के संस्थापक और वरिष्ठ नेता जगदीश सिंह झींडा ने की। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नायब सैनी का एक रिकॉर्डेड संदेश भी सुनाया गया, जिसमें उन्होंने श्रद्धालुओं को इस मंगलमय यात्रा की बधाई दी।
किराये में भारी कटौती, 19 हजार की टिकट अब मात्र 5 हजार में
श्रद्धालुओं के लिए सबसे बड़ी राहत की बात सरकार द्वारा दी गई सब्सिडी है। जगदीश सिंह झींडा ने बताया कि हरियाणा सरकार ने प्रत्येक टिकट पर 60 प्रतिशत तक की छूट दी है। उन्होंने जानकारी दी कि सामान्यतः नांदेड़ साहिब जाने का हवाई किराया करीब 19,000 रुपये तक पड़ता है, लेकिन राज्य सरकार के सहयोग से श्रद्धालुओं को यह टिकट मात्र 5,000 रुपये में उपलब्ध कराई गई है।
सिख संगत ने सरकार के इस कदम की सराहना की है। हालांकि, कुरुक्षेत्र से हिसार तक के सफर का खर्च संगत ने स्वयं वहन किया है, लेकिन हवाई यात्रा में मिली यह बड़ी रियायत बुजुर्गों और जरूरतमंद श्रद्धालुओं के लिए मील का पत्थर साबित होगी।
3 दिन की थकान अब 3 घंटे में होगी खत्म
यात्रा के महत्व पर जोर देते हुए जगदीश सिंह झींडा ने कहा कि यह दिन हमारे लिए ऐतिहासिक है। नांदेड़ साहिब जाने के लिए पहले श्रद्धालुओं को रेल या सड़क मार्ग से 3-3 दिन का समय लग जाता था, जिससे काफी असुविधा होती थी। अब हिसार एयरपोर्ट से यह दूरी महज 3 घंटे में तय हो जाएगी। HSGPC और सिख संगत ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस सेवा को स्थायी बनाया जाए और सप्ताह में कम से कम 3 दिन या संभव हो तो रोजाना संचालित किया जाए।
तख्त श्री हजूर साहिब का धार्मिक महत्व
नांदेड़ स्थित तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब सिख धर्म के पांच प्रमुख तख्तों में से एक है। यह वही पावन भूमि है जहां सिखों के 10वें गुरु, श्री गुरु गोविंद सिंह जी ने 1708 ईस्वी में अपने प्राण त्यागे थे। आध्यात्मिक और ऐतिहासिक रूप से समृद्ध इस स्थान को "दक्षिण की काशी" भी कहा जाता है। देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु यहां गुरु गोविंद सिंह जी की स्मृति में बने भव्य गुरुद्वारे में मत्था टेकने पहुंचते हैं।
हरियाणा और महाराष्ट्र के बीच की दूरी कम
हिसार एयरपोर्ट से शुरू हुई इस सेवा ने न केवल हरियाणा और महाराष्ट्र के बीच की दूरी कम की है, बल्कि धार्मिक पर्यटन को भी एक नई दिशा दी है। सरकार की इस पहल से उन श्रद्धालुओं का सपना साकार हो रहा है जो आर्थिक या शारीरिक कारणों से इतनी लंबी यात्रा करने में असमर्थ थे। अब संगत को उम्मीद है कि सरकार जल्द ही अन्य पवित्र स्थलों के लिए भी इसी तरह की हवाई सेवाएं शुरू करेगी।
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