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गुरुग्राम: बिलासपुर एरिया में नाबालिक से कुकर्म करने व खुदकुशी के लिए मजबूर करने के मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया। अदालत ने दोषी को उम्र कैद व 75 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। एडीजे अश्वनी कुमार की अदालत ने इस केस में अपना फैसला सुनाते हुए आरोपी की सजा में कोई नरमी नहीं बरती। अदालत ने पॉक्सो एक्ट के तहत उम्र कैद व 25 हजार रुपए जुर्माने की सजा तथा धारा 306 के तहत 10 वर्ष कैद व 50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।

कुकर्म पीड़ित ने लगाया था फांसी का फंदा

26 जुलाई 2021 को थाना बिलासपुर पुलिस को सूचना मिली कि बिलासपुर चौक पर एक दुकान में युवक ने फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। बिलासपुर थाना पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस टीम द्वारा सीन ऑफ क्राइम, फिंगर प्रिंट टीमों से घटनास्थल का निरीक्षण करवाया गया तथा शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के भाई ने पुलिस को बताया कि उसके भाई के साथ कुकर्म किया गया है, जिसके चलते उसने आत्महत्या कर ली। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट तथा शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया।

अदालत ने सुनाई दोषी को सजा

पुलिस ने मामले में कार्यवाही करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया, जिसकी पहचान नूंह के छोटी बाई निवासी सोयब के रूप में हुई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सभी आवश्यक साक्ष्य व गवाह एकत्रित करके अदालत में पेश किए। अदालत में दाखिल की गई चार्जशीट व पुलिस द्वारा एकत्रित किए गए साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर एडीजे अश्वनी कुमार की अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए पॉक्सो एक्ट के तहत उम्र कैद व 25 हजार रुपए जुर्माने की सजा तथा धारा 306 के तहत 10 वर्ष कैद व 50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना राशि जमा न करने पर दोषी को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।