गुरुग्राम: 5 मासूमों को बंधक बनाकर दी तालिबानी सजा, सरिया चोर बताकर प्राइवेट पार्ट पर डाला पेट्रोल, गर्म चम्मच से जलाया

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हरियाणा क्राइम न्यूज। 

6 लोगों ने 5 मासूम बच्चों को अगवा कर पीजी में बंधक बना लिया। आरोपियों ने शराब के नशे में बच्चों को अमानवीय यातनाएं दीं। जब बच्चों की माताएं उन्हें तलाशते हुए वहां पहुंचीं, तो आरोपियों ने उन्हें भी बंधक बनाकर उनके साथ मारपीट की।

हरियाणा की साइबर सिटी गुरुग्राम के एक पॉश इलाके से रूह कपा देने वाली खबर सामने आई है। यहां डीएलएफ फेज-3 जैसे वीआईपी क्षेत्र में पांच नाबालिग बच्चों के साथ ऐसी हैवानियत की गई, जिसे सुनकर किसी का भी कलेजा कांप जाए। महज सरिया चोरी के शक में छह लोगों ने मासूम बच्चों को बंधक बनाया और घंटों तक उन पर अमानवीय अत्याचार किए। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई कर मुख्य आरोपियों की पहचान कर ली है।

सरिया चोरी का आरोप लगाकर पीजी में कैद किया

यह खौफनाक वारदात डीएलएफ फेज-3 के यू-ब्लॉक में घटित हुई। यहां एक निर्माणाधीन इमारत के पास कुछ युवक अक्सर हुक्का पीते थे। आरोप है कि 2 फरवरी को इन युवकों ने वहां खेल रहे पांच मासूम बच्चों को पकड़ा और उन पर कंस्ट्रक्शन साइट से सरिया चोरी करने का झूठा आरोप मढ़ दिया। इसके बाद आरोपी बच्चों को जबरन अपने एक दोस्त के पीजी (पेइंग गेस्ट) कमरे में ले गए, जहां उन्हें बंधक बना लिया गया।

शराब के नशे में बर्बरता की हदें पार कीं

बंधक बनाए गए बच्चों के साथ आरोपियों ने जो सलूक किया, वह किसी भी सभ्य समाज के लिए कलंक है। पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने पहले शराब पी और फिर नशे में धुत होकर बच्चों की बेरहमी से पिटाई की। क्रूरता यहीं नहीं रुकी, आरोपियों ने गर्म चम्मच से बच्चों के शरीर को कई जगह दागा। इसके बाद उन्होंने मासूमों के प्राइवेट पार्ट पर पेट्रोल छिड़क दिया, जिससे बच्चे दर्द से चीखने-चिल्लाने लगे, लेकिन शराब के नशे में चूर आरोपियों को जरा भी तरस नहीं आया।

बच्चों को बचाने पहुंची मां के साथ भी बदसलूकी

जब काफी देर तक बच्चे घर नहीं लौटे, तो उनकी तलाश शुरू हुई। एक 12 वर्षीय बच्चे की मां जब काम से लौटी, तो उसे पता चला कि उसके अलावा एक अन्य महिला के भी दो बच्चे गायब हैं। तलाश करते हुए जब महिलाएं उस पीजी तक पहुंचीं, तो वहां का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।

आरोपियों ने बच्चों को छुड़ाने आई महिलाओं को भी बंधक बना लिया और उनके साथ गाली-गलौज व मारपीट की। पीड़ित महिलाओं ने बताया कि वे करीब 5 घंटों तक दरिंदों के सामने हाथ-पांव जोड़ती रहीं और बच्चों को छोड़ने की भीख मांगती रहीं। काफी मिन्नतों के बाद आरोपियों ने उन्हें वहां से जाने दिया।

6 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

मामले की गंभीरता को देखते हुए नाथूपुर पुलिस चौकी और डीएलएफ फेज-3 थाना पुलिस ने तुरंत संज्ञान लिया। पुलिस ने इस मामले में 6 आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 35 वर्षीय हरेंद्र (निवासी गुरुग्राम) और 26 वर्षीय फिरोज (निवासी उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। फिरोज की अपनी बर्तनों की दुकान है, जबकि हरेंद्र आटा चक्की चलाता है और मकान किराए पर देने का काम करता है। पुलिस अब अन्य चार फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।

मानवीय संवेदनाओं पर खड़े हुए गहरे सवाल

गुरुग्राम जैसे विकसित और पॉश इलाके में बच्चों के साथ हुई इस तरह की 'तालिबानी सजा' ने सुरक्षा व्यवस्था और मानवीय संवेदनाओं पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग इस घटना से आक्रोश में हैं और आरोपियों के लिए सख्त से सख्त सजा की मांग कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि बाकी आरोपियों को भी जल्द ही सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।

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