फरीदाबाद: पुलिस थाने में व्यक्ति ने चूहे मारने की दवा निगली, भाई-भाभी ने की थी शिकायत, पत्नी बोली- पुलिस से डरा

चूहे मारने की दवा खाने के बाद पंकज को बादशाह खान सिविल अस्पताल लाया गया।
हरियाणा के फरीदाबाद के ओल्ड फरीदाबाद थाने में पूछताछ के लिए बुलाए गए एक व्यक्ति ने अपनी जेब से चूहे मारने की दवा निकालकर खा ली। जैसे ही पुलिसकर्मियों को इसकी भनक लगी तभी हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पीड़ित को बादशाह खान सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे दिल्ली के बड़े अस्पताल रेफर कर दिया है। इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन और पीड़ित परिवार के बीच आरोपों का दौर शुरू हो गया है।
कर्ज और पुलिसिया खौफ ने बनाया आत्मघाती
बूढ़ कॉलोनी में किराए पर रहने वाले पंकज शर्मा की पत्नी ने इस पूरे मामले में गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पंकज ने अपने भाई रामबाबू ज्ञानेंद्र से करीब डेढ़ साल पहले 2 लाख रुपये उधार लिए थे। इसमें से एक लाख रुपये चुकाए जा चुके थे, लेकिन बाकी रकम के लिए पंकज को लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। पत्नी का आरोप है कि भाई और भाभी ने मिलकर पंकज के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया। उन्होंने यह भी दावा किया कि पिछली बार थाने बुलाए जाने पर एक पुलिसकर्मी ने पंकज की बेरहमी से पिटाई की थी, जिससे वह बुरी तरह डरा हुआ था। शुक्रवार को जब उसे फिर बुलाया गया, तो मारपीट के डर से उसने थाने के भीतर ही जहर निगल लिया।
पुलिस बोली- अश्लील वीडियो और ब्लैकमेलिंग का है मामला
पुलिस ने पत्नी के आरोपों को पूरी तरह नकार दिया है। ओल्ड फरीदाबाद थाने के प्रभारी (SHO) विष्णु मित्र और एसीपी संजीव ने बताया कि पंकज पर उनके भाई की पत्नी (भाभी) ने गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के अनुसार पंकज ने महिला का नहाते समय अश्लील वीडियो बना लिया था और उस वीडियो के जरिए वह महिला को ब्लैकमेल कर रहा था। आरोप है कि पंकज ने इस वीडियो के बदले 2 लाख रुपये और कीमती जेवरात की मांग की थी। पुलिस का कहना है कि इसी सिलसिले में पहली बार पंकज को पूछताछ के लिए बुलाया गया था, जहां उसने अचानक चूहे मारने की दवा खा ली।
कर्ज या ब्लैकमेलिंग, जांच में जुटी पुलिस
इस मामले में विरोधाभासी बातें सामने आ रही हैं। एक तरफ परिवार इसे पैसों के लेनदेन का विवाद और पुलिस की मारपीट का डर बता रहा है, वहीं पुलिस इसे ब्लैकमेलिंग का संगीन मामला करार दे रही है। एसीपी संजीव ने स्पष्ट किया कि अब तक की जांच में पैसों के उधार संबंधी कोई साक्ष्य सामने नहीं आए हैं, बल्कि महिला की शिकायत पर दर्ज मामले की ही जांच चल रही थी।
अस्पताल में लड़ रहा है जिंदगी की जंग
फिलहाल पंकज का इलाज जारी है और उसकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि पंकज थाने के भीतर जहर लेकर कैसे पहुंचा और क्या वाकई उसे प्रताड़ित किया गया था। इस घटना ने एक बार फिर पुलिस की कार्यप्रणाली और जांच के दौरान आरोपियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि पंकज के होश में आने के बाद उसके बयान दर्ज किए जाएंगे, जिससे सच्चाई सामने आ सकेगी।
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