भिवानी कोर्ट परिसर गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठा: गैंगवार में अंधाधुंध फायरिंग, पुलिस एनकाउंटर में 8 आरोपी गिरफ्तार

फायरिंग की आवाज सुनकर घटनास्थल की ओर जाती पुलिस।
हरियाणा के भिवानी जिला न्यायालय परिसर में मंगलवार अपराह्न गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठी। कोर्ट परिसर स्थित तहसीलदार कार्यालय के समीप बदमाशों ने पेशी पर आए एक युवक को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस घटना के बाद सक्रिय हुई भिवानी पुलिस ने महज तीन घंटे के भीतर साहसिक एनकाउंटर में सभी आठ हमलावरों को दबोच लिया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दो बदमाशों के पैरों में गोली लगी है, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
तहसीलदार दफ्तर के पास मची अफरातफरी
यह सनसनीखेज घटना सुबह करीब पौने बारह बजे हुई। हमलावर पूरी योजना के साथ तहसीलदार कार्यालय के पास वाली गली से दाखिल हुए थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बदमाशों ने वहां मौजूद एक युवक को लक्ष्य बनाकर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। अचानक हुई गोलीबारी से वकील, न्यायिक कर्मचारी और आम जनता जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर अलग-अलग दिशाओं में फरार हो गए। बार एसोसिएशन के प्रधान संदीप तंवर ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती करार दिया है।
पुलिस ने की घेराबंदी
फायरिंग की सूचना मिलते ही भिवानी पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई। पुलिस कप्तान सुमित कुमार के नेतृत्व में तुरंत तीन से चार विशेष टीमों का गठन किया गया और बदमाशों की घेराबंदी शुरू की गई। करीब दो-तीन घंटे तक पीछा करने के बाद पुलिस ने बदमाशों को एक इलाके में घेर लिया। खुद को चारों तरफ से घिरा देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी आत्मरक्षा में गोलियां चलाईं और भागने की कोशिश कर रहे सभी आठ बदमाशों को दबोच लिया।
गैंगवार से जुड़े सभी आठ हमलावर पुलिस की गिरफ्त में
पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पकड़े गए सभी अपराधी भिवानी जिले के ही रहने वाले हैं और यह पूरी वारदात पुरानी गैंगवार का नतीजा है। गिरफ्तार आरोपियों में दिनोद गेट निवासी श्रीपाल और डाबर कॉलोनी निवासी आयुष बॉक्सर शामिल हैं, जिन्हें एनकाउंटर के दौरान पैर में गोली लगी है। इनके अलावा डाबर कॉलोनी का जितेंद्र उर्फ जीतू, हिंडोल निवासी अमन व इसराइल, मनान पाना का दीपांशु, लोहानी निवासी सन्नी उर्फ संदीप और जीतूवाला जोहड़ निवासी विनोद उर्फ बिन्नू को भी गिरफ्तार किया गया है। घायल बदमाशों को कड़ी सुरक्षा के बीच नागरिक अस्पताल में दाखिल कराया गया है।
कोर्ट की सुरक्षा पर उठते सवाल
भिवानी कोर्ट परिसर में सुरक्षा के दावों के बीच यह पहली घटना नहीं है। करीब पांच महीने पहले भी इसी तरह दो हमलावरों ने तीन दोस्तों पर हमला किया था, जिसमें रोहतक निवासी लवजीत गंभीर रूप से घायल हुआ था। उस मामले में पुलिस ने चौदह लोगों को जेल भेजा था। बार एसोसिएशन का कहना है कि पिछली घटनाओं के बाद यहां कमांडो तैनात किए गए थे, लेकिन बदमाशों के हौसले अब भी बुलंद नजर आ रहे हैं।
22 जनवरी को भिवानी कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी भी मिली थी
गौरतलब है कि गणतंत्र दिवस से ठीक पहले 22 जनवरी को भिवानी कोर्ट को बम से उड़ाने की ई-मेल धमकी भी मिली थी, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने सघन तलाशी अभियान चलाया था। बार-बार हो रही ऐसी घटनाओं ने वकीलों और मुवक्किलों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की हर तरफ सराहना की जा रही है और पकड़े गए बदमाशों से गहन पूछताछ जारी है ताकि इस साजिश के मुख्य सूत्रधारों और हथियारों के स्रोत का पता लगाया जा सके।
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