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Earthquake of 4.1 magnitude strikes Gujarat's Kachchh: नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, रिक्टर पैमाने पर 4.1 तीव्रता मापी गई। झटके महसूस होने के बाद लोग घरों से बाहर निकल आए। गनीमत है कि अभी तक किसी नुकसान की कोई खबर नहीं आई है।  

Earthquake of 4.1 magnitude strikes Gujarat's Kachchh: गुजरात के कच्छ में गुरुवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, रिक्टर पैमाने पर 4.1 तीव्रता मापी गई। झटके महसूस होने के बाद लोग घरों से बाहर निकल आए। गनीमत है कि अभी तक किसी नुकसान की कोई खबर नहीं आई है।  

नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने बताया कि सुबह 8 बजकर 6 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। इसकी गहराई 15 किमी दर्ज की गई। इससे पहले बीते रविवार की शाम भूकंप आया था। तब इसकी तीव्रता 4 मापी गई थी। भूकंप का केंद्र भचाऊ से 21 किमी उत्तर पूर्व में था। 8 दिसंबर की सुबह भी 4.2 तीव्रता के झटके महसूस किए गए थे।

2021 में कच्छ में आया था विनाशकारी भूकंप
कच्छ भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील क्षेत्र है। इस क्षेत्र में कम तीव्रता के झटके नियमित रूप से आते रहते हैं। 2021 में यहां विनाशकारी भूकंप आया था। भूकंप ने कई गांव और कस्बों में तबाही मचाई थी। उस वक्त करीब 13,800 लोगों की जान गई थी, जबकि 1.67 लाख लोग घायल हुए थे। 

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क्या फट रही है भारतीय टेक्टोनिक प्लेट?
दरअसल, भारत में भूकंप के झटके लगातार बढ़ रहे हैं। तो इसकी प्रमुख वजह क्या है? यह सवाल जरूर मन में उठता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि तिब्बत के नीचे भारतीय टेक्टोनिक प्लेट फट रही है। इस वजह से हिमालय की ऊंचाई बढ़ रही है। ताजा विश्लेषण में पता चला कि भारतीय टेक्टोनिक प्लेट यूरेशियन प्लेट के नीचे जा रही है। जिसकी वजह से यह फट रही है। लेकिन ऊपरी हिस्सा यानी यूरेशियन प्लेट ऊपर उठ रही है। इस वजह से हिमलाय की ऊंचाई बढ़ रही है। यही वजह है कि हिमालयन बेल्ट में भूकंपों की संख्या बढ़ गई है। 

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