दिल्ली के पालम मेट्रो स्टेशन के पास आज सुबह एक बहुमंजिला इमारत में भीषण आग लग गई। आग की चपेट में आने से 3 बच्चों समेत 7 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं दो और लोगों की मौत की खबर सामने आ रही है, लेकिन अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने इस घटना पर दुख जताते हुए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। उधर, आम आदमी पार्टी दिल्ली के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने इस हादसे को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।
उन्होंने एक्स पर लिखा कि दिल्ली के पालम में भयानक आग लगी, करीब 10 लोग के जल कर मारे जाने की खबर आई है, जिसमे 3-4 बच्चे हैं। बच्चे बिल्डिंग की बालकनी में चीखते रहे , दिल्ली सरकार की फायर ब्रिगेड असमर्थ और नालायक निकली। उन्होंने आगे लिखा कि ठीक ऐसे ही द्वारका में एक बाप और दो बच्चे बालकनी से कूदकर मारे गए थे, वहां भी फायर ब्रिगेड बहुत देर से पहुंची
सौरभ भारद्वाज ने फायर बिग्रेड पर लगातार निशाना जारी रखा। उन्होंने कहा कि रोहिणी की झुग्गियों में भी आग लगी थी। लेकिन फायर बिग्रेड की आग लगने के एक घंटे बाद आई थी। इस घटना में भी दो बच्चे जलकर मर गए थे। उन्होंने कहा कि जिस जगह आग लगी, वहां से फायर स्टेशन महज 5 मिनट की दूरी पर स्थित था।
जनवरी से अब तक आग की बड़ी घटनाएं
इससे पहले भी इस साल आग की तीन बड़ी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। 15 मार्च को दिल्ली के छतरपुर के अंधेरिया मोड़ पर स्थित हस्तशिल्प बाजार में भीषण आग लगी थी, जिसमें 50 दुकानें जलकर खाक हो गई थी। इस घटना में किसी की जान नहीं गई, लेकिन बाजार का संचालन करने वाली संस्था ने 15 से 20 करोड़ रुपये का नुकसान होने का आकलन किया था।
इससे पूर्व 11 मार्च को दक्षिणी पश्चिमी दिल्ली के उत्तम नगर स्थित मानसा राम पार्क में झुग्गियों में आग लगी थी, जिसमें 400 झुग्गियां जलकर खाक हो गई थी। हालांकि किसी की जान नहीं गई, लेकिन लोगों की जिंदगी भर की कमाई जलकर खाक हो गई।
वहीं 6 जनवरी को मंगलवार की सुबह मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन के पास डीएमआरसी कर्मचारी क्वार्टर की पांचवीं मंजिल पर आग लगी थी। इसमें दंपति और उनकी दस वर्षीय बेटी की दर्दनाक मौत हुई थी। मृतकों की पहचान 45 वर्षीय अजय, पत्नी नीलम (39) और बेटी अन्वी (10) के रूप में हुई थी। अजय डीएमआरसी में बतौर इंजीनियर कार्यरत थे। पिछले सालों की बात करें तो ऐसी ही कई आग की भीषण घटनाएं सामने आई हैं, जिसमें लोगों की जान चली गई।
पिछले साल के मुकाबले आग की घटनाएं कम
पिछले साल जनवरी से मार्च के बीच आग की घटनाओं में 12 लोगों की मौत हुई थी। वहीं पूरे साल यानी 2025 की बात करें तो 70 लोगों की मौत हुई थी। एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल के मुकाबले आग की घटनाओं में कमी आई है, लेकिन पालम जैसी घटना ने स्पष्ट कर दिया है कि आंकड़ा कभी भी बदल सकता है। ऐसे में फायर सेफ्टी सिस्टम की खामियों को गंभीरता से दूर करना चाहिए।