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Noida Transport Department: राजधानी की सड़कों पर चलने वाले ई-रिक्शा चालक अब सावधान हो जाएं। ऐसा इसलिए क्योंकि परिवहन विभाग बिना पंजीकरण सड़कों पर दौड़ रहे अवैध ई-रिक्शों के खिलाफ एक्शान लेने की तैयारी में है।

E-Rickshaw Drivers Be Careful: दिल्ली-एनसीआर की सड़कों पर चलने वाले ई-रिक्शा चालक अब सावधान हो जाएं। ऐसा इसलिए क्योंकि परिवहन विभाग बिना पंजीकरण सड़कों पर दौड़ रहे अवैध ई-रिक्शों के खिलाफ एक्शान लेने की तैयारी में है। नोएडा की सड़कों पर चल रहे 2 हजार से ज्यादा ई-रिक्शा चलने की स्थिति में नहीं हैं और इन वाहनों का पंजीकरण पांच साल पहले हुआ था। 

चुनाव के बाद ई-रिक्शा के खिलाफ चलेगा अभियान 

परिवहन विभाग के मुताबिक, ई-रिक्शा की उम्र पांच साल तय की गई है। इसके बाद वह सड़कों पर चलने के लिए योग्य नहीं रहते हैं। दिल्ली-एनसीआर में ई-रिक्शों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। परिवहन निगम के अनुसार, यहां पर 20 हजार से ज्यादा ई-रिक्शा पंजीकृत हैं। यह संख्या ऑटो से भी ज्यादा है। लोकसभा चुनाव के बाद बिना पंजीकरण सड़कों पर दौड़ने वाले ई-रिक्शा के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। इन ई-रिक्शा चालकों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।  

बिना पंजीकरण ई-रिक्शा पर होगी कार्रवाई 

जिन ई-रिक्शा का पंजीकरण नहीं हुआ है और वो सड़कों पर दौड़ रहे हैं, तो वह पूरी तरह से अवैध हैं। इन्हें दौड़ते पाए जाने पर जब्त कर लिया जाता है। एआरटीओ प्रवर्तन डॉ. उदित नारायण पांडे ने कहा कि जिन ई-रिक्शा में पंजीकरण नंबर लिखा है, वह सभी वैध हैं और सड़कों पर दौड़ सकते हैं। यह ई-रिक्शा मानकों के अनुरूप ही तैयार किए जाते हैं। ऐसे में इनका हादसा ग्रस्त होने का खतरा नहीं रहता है। वहीं, जिन ई-रिक्शा का पंजीकरण नहीं हुआ है, वे सभी अवैध हैं। 

ई-रिक्शा में क्षमता से ज्यादा सामान ढोना खतरा 

कंपनियों का सामान ढोने के लिए ई-रिक्शा काफी इस्तेमाल होता है। ऐसे में हादसे का खतरा भी सहबे ज्यादा रहता है। वहीं, इन पर चार सवारी बैठनी चाहिए, लेकिन चालक कभी-कभी छह सवारी तक बैठाते हैं। इसमें दुर्घटना होने का खतरा भी ज्यादा रहता है। इसी वजह से कई बार ई-रिक्शा पलट भी चुके हैं, जिसके कारण यात्री घायल हो गए। परिवहन विभाग के अनुसार, क्षमता से ज्यादा सवारी बैठना गलत है और लोगों की जान के साथ खिलवाड़ करना है। 

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