Rohit Chaudhary Gang: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने रोहित चौधरी गैंग के एक कुख्यात बदमाश को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से तीन सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, एक देशी कट्टा और 22 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी इन हथियारों को अपने घर में छिपाकर रखता था, जिन्हें गैंग के सदस्य गंभीर अपराधों में इस्तेमाल करने की योजना बना रहे थे।
DCP पंकज कुमार के मुताबिक, क्रइम ब्रांच की एनआर-II टीम को सूचना मिली थी कि गैंग के कुछ सदस्य उगाही, अवैध हथियार सप्लाई और अन्य हिंसक वारदातों को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। सूचना मिलने के बाद से ही टीम ने निगरानी और जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान सामने आया कि अरविंद गुप्ता उर्फ डिसिल्वा, जो रोहित चौधरी गैंग का सक्रिय सदस्य है, अवैध हथियारों की सप्लाई में शामिल है, जो अपहरण और उगाही जैसे अपराधों को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं।
आरोपी ने घर में छिपा रखे थे हथियार
पुलिस को सूचना मिली थी कि रोहित चौधरी गैंग का 34 वर्षीय सहयोगी प्रदीप गुलाटी उर्फ पारस ने कालकाजी स्थित अपने घर में हथियारों को छिपाकर रखा हुआ है। इसके बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने प्लान के मुताबिक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि करीब 1 महीने पहले अरविंद गुप्ता उर्फ डिसिल्वा ने उसे हथियार और कारतूस सुरक्षित रखने के लिए दिए थे, जिसे गैंग ने वारदात में इस्तेमाल करने की योजना बनाई थी। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक लाल बैग बरामद किया है, जिसमें हथियार और गोला-बारूद पड़े मिले हैं।
पंजाब का रहने वाला है आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी प्रदीप मूल रूप से जालंधर, पंजाब का रहने वाला है। लेकिन साल 1998 में उसका परिवार दिल्ली आकर शिफ्ट हो गया था। प्रदीप ने केवल 10 वीं तक पढ़ाई की है, लेकिन बाद में गलत संगत में आने से, उसे जुआ और शराब की लत लग गई।
क्रिकेट सट्टेबाजी में भारी नुकसान के बाद वह आर्थिक संकट में आ गया। लेकिन 1 साल पहले वह रोहित चौधरी गैंग के संपर्क में आकर उसके लिए काम करने लगा। फिलहाल पुलिस गैंग से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।