Delhi Blast: दिल्ली लाल किसा धमाके में जैश-ए-मोहम्मद का नाम सामने आया है, इसका खुलासा UN की रिपोर्ट से हुआ है, यहां पढ़ें पूरी खबर...

Delhi Blast: दिल्ली में पिछले साल 10 नवंबर को हुए लाल किला के धमाके के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। धमाके को लेकर संयुक्त राष्ट्र (UN) की 37वीं रिपोर्ट में पता लगा है लाल किला धमाके में जैश-ए-मोहम्मद का नाम सामने आया है। बता दें कि पिछल साल हुए इस धमाके में करीब 15 लोगों की मौत हो गई थी, उस दौरान इस हमले की जिम्मेदारी जैश ने ली थी। वहीं संयुक्त राष्ट्र की 37वीं रिपोर्ट में मसूद अजहर की नई विंग ‘जमात-उल-मुमिनात’ के बारे में भी  जिक्र किया गया है।   


UN की रिपोर्ट सीमा पार आतंकवाद पर सवाल उठाती है, जबकि जैश की सक्रियता पर सदस्य देशों में मतभेद चल रहा है। इस रिपोर्ट को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 सैंक्शंस कमेटी के लिए तैयार किया गया है, इस रिपोर्ट में लाल किला धमाके के साथ पहलगाम में हुए हमले का भी जिक्र किया गया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 10 नवंबर को लाल किला के पास हुए धमाके में 15 लोगों की मौत हो गई थी। UN रिपोर्ट में सामने आया है कि एक सदस्य देश ने जानकारी देते हुए बताया है कि जैश-ए-मोहम्मद ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी, हालांकि रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि इस मामले में सदस्य देशों के बीच मतभेद हैं। 

आतंकी गतिविधियों का आरोप

भारत की ओर से दावा किया गया है कि जैश अब भी एक्टिव है और आतंकी गतिविधियों से जुड़ा हुआ है। वहीं पाकिस्तान ने इस संगठन को निष्क्रिय बताया है। पाकिस्तान पहले भी यह बता चुका है कि जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा पर रोक लगाए जाने के बाद ये संगठन सक्रिय नहीं हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जैश प्रमुख मसूद अजहर ने 8 अक्टूबर को महिलाओं की एक अलग विंग बनाने का ऐलान किया था, इसका नाम जमात-उल-मुमिनात रखा गया। हालांकि यह विंग अब भी UN की प्रतिबंधित सूची में शामिल नहीं है, लेकिन उस पर आतंकी गतिविधियों को समर्थन देने के आरोप लगे हैं।  

पहलगाम हमले का भी जिक्र

UN रिपोर्ट में अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम आतंकी हमले का भी जिक्र किया गया है, जिसमें 26 लोगों की मौत हो गई थी। उस दौरान हमले की जिम्मेदारी द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली थी, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 28 जुलाई 2025 को 3  संदिग्ध आतंकियों को मार गिराया था।  मई 2025 में भारत द्वारा पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर की गई कार्रवाई, 4 दिनों तक चले सैन्य तनाव का भी जिक्र रिपोर्ट में किया गया है। UN की इस रिपोर्ट ने एक बार फिर से सीमा पार आतंकवाद और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।  

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