Delhi Jal Board Accident: कमल ध्यानी की मौत के मामले में यू-टर्न, दोस्त ने हत्या की जताई आशंका, बताया पूरा मंजर

मृतक कमल ध्यानी और उसका दोस्त मीडिया से बातचीत के दौरान।
दिल्ली के जनकपुरी में बाइक सवार कमल ध्यानी की मौत के लिए दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों और कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, लेकिन मृतक के दोस्त ने ऐसा बयान दे दिया है, जिसने मामले को पूरी तरह से मोड़ दिया है। मृतक के दोस्त ने न्यूज एजेंसी एएआई से बातचीत में कहा कि यह हादसा नहीं बल्कि हत्या हो सकती है। उसने बीती रात उसकी तलाश का पूरा मंजर साझा किया है।
मृतक के दोस्त ने बताया कि कल रात (गुरुवार की रात) जब वह जिला केंद्र पहुंचा था, तब मेरी उससे बात हुई थी। वह घर से सिर्फ 15 मिनट की दूरी पर था। एक घंटे बाद जब वह घर नहीं पहुंचा, तो हम जिला केंद्र गए। वह हमारे फोन नहीं उठा रहा था। उसकी मोटरसाइकिल का कहीं पता नहीं चल रहा था। जब हम शिकायत दर्ज कराने पुलिस स्टेशन गए, तो हमें बताया गया कि हमारी शिकायत सुबह 11 बजे से पहले दर्ज नहीं की जाएगी।
उन्होंने आगे बताया कि पुलिस ने हमारे दोस्त का पता लगाने में हमारी मदद की और हमें यहां 200 मीटर के दायरे में उसे ढूंढने के लिए कहा। 7 लोग आधी रात से सुबह 7 बजे तक उसकी तलाश करते रहे, लेकिन वह नहीं मिला। रात 1 बजे जब हमने गड्ढे में जाकर देखा, तो वह वहां नहीं था। हम लगातार इसी सड़क पर थे, लेकिन हमारी जांच के बाद वह यहां कैसे पहुंचा, यह हमारी समझ से बाहर है।
उन्होंने आगे कहा कि जब हम सुबह 7 बजे घर लौटे, तो हमारे दोस्त के फोन से एक कॉल आया और पुलिस ने हमें बताया कि वह गड्ढे में है। रात में पुलिस उसके फोन को ट्रेस क्यों नहीं कर पाई? हमें शक है कि उसकी हत्या कर दी गई है। उसके माता-पिता पर क्या बीत रही होगी? हम अभी भी कोशिश कर रहे हैं। कहा कि हमने अभी तक उसकी मां को सूचित नहीं किया है। वह 25 साल का था और रोहिणी सेक्टर 10 स्थित एचडीएफसी बैंक के कॉल सेंटर में काम करता था।
#WATCH | Delhi | The deceased's friend says, "... I had talked to him last night when he had reached the District Centre. He was just 15 minutes from home... An hour later, when he didn't reach home, we came to the District Centre. He wasn't picking up our calls. His bike was… https://t.co/pdXyhZZaLd pic.twitter.com/pvAyRGNR9t
— ANI (@ANI) February 6, 2026
तो मेरी दोस्त की जान बच जाती
उन्होंने आगे कहा कि अब इस गड्ढे के पास पुलिस तैनात कर दी गई है। गड्ढे के चारों तरफ भी बैरिकेडिंग लगा दी गई है। उन्होंने पूछा कि वे पहले ऐसा क्यों नहीं कर सकते थे। अगर ऐसा करते तो मेरे दोस्त की जान बच सकती थी।
