Turkman Gate Violence: दिल्ली के तुर्कमान गेट पथराव मामले में 3 और गिरफ्तार, महिला ‘इन्फ्लुएंसर’ को पूछताछ के लिए बुलाया

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दिल्ली तुर्कमान गेट हिंसा मामले में 3 और आरोपी गिरफ्तार। 

Turkman Gate Violence: दिल्ली तुर्कमान गेट हिंसा मामले में पुलिस ने 3 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

Turkman Gate Violence: पुरानी दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में पिछले दिनों अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम पर पथराव किया गया था। हमले के दौरान पुलिसकर्मी भी घायल हो गए थे। पुलिस ने इस मामले को लेकर अलग-अलग धाराओं में केस दर्ज किए थे, वहीं कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया था।

पुलिस ने अब इस मामले में एक बार फिर से 3 और लोगों को गिरफ्तार किया है, अब संख्या बढ़कर 16 हो गई है। पुलिस द्वारा ड्रोन और CCTV कैमरों से कड़ी नजर रखी जा रही है, वहीं अधिकारियों का कहना है कि इलाके स्थिति अभी शांतिपूर्ण और कंट्रोल में है।

गिरफ्तार 16 आरोपियों के नाम

  • मोहम्मद नावेद, उम्र- 44 साल
  • मोहम्मद फैज, उम्र- 20 साल
  • मोहम्मद उबैदुल्लाह, उम्र- 23 साल
  • मोहम्मद आरिब, उम्र- 25 साल
  • मोहम्मद काशिफ, उम्र- 25 साल
  • मोहम्मद कैफ, उम्र- 23 साल
  • मोहम्मद अदनान, उम्र- 37 साल
  • समीर हुसैन, उम्र- 40 साल
  • मोहम्मद अतहर, उम्र 20 साल
  • शहनवाज आलम, उम्र 55 साल
  • मोहम्मद इमरान उम्र- 28 साल
  • मोहम्मद इमरान उर्फ राजू, उम्र 36 साल
  • मोहम्मद अफ्फान, उम्र- 20 साल
  • मोहम्मद आदिल, उम्र- 20 साल
  • मोहम्मद आमिर हमजा, उम्र- 22 साल
  • मोहम्मद उबैदुल्लाह, उम्र 26 साल

10 सोशल मीडिया ‘इन्फ्लुएंसर्स’ की पहचान

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (मध्य) निधिन वाल्सन का कहना है कि तुर्कमान गेट इलाके में पथराव में शामिल तीन और लोगों को अरेस्ट किया गया है। मामले में अब भी जांच की जा रही है। कानून-व्यवस्था के देखते हुए संवेदनशील इलाकों में भारी मात्रा में पुलिस और अर्धसैनिक बल को तैनात किया गया है। पुलिस ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों कड़ी निगरानी कर रही है।

इसके अलावा जांच में 10 सोशल मीडिया ‘इन्फ्लुएंसर्स’ की भी पहचान हुई है, जिन पर घटना से जुड़ी गलत जानकारी देने का आरोप है। अधिकारियों के मुताबिक एमन रिजवी नाम की महिला ‘इन्फ्लुएंसर’ को पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन वह पेश नहीं हुई है। वहीं रिजवी ने कहा कि पुलिस की ओर से कोई समन नहीं भेजा गया।

सपा सांसद की भूमिका की जांच

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रिजवी ने आगे कहा कि 'घटना 6 जनवरी को रात करीब साढ़े 12 बजे हुई थी, मैं एक शादी में थी और सुबह करीब 4 बजे मैंने वीडियो पोस्ट किया। उस वीडियो में मैंने किसी से मस्जिद के पास इकट्ठा होने को नहीं कहा था। मैंने सिर्फ यह जानकारी दी थी कि मस्जिद के आसपास कुछ हुआ है। खुद को सामाजिक कार्यकर्ता बताते हुए रिजवी ने कहा कि पुलिस ने अब तक उनसे कोई संपर्क नहीं किया है।

एमन रिजवी ने कहा कि अगर मुझे कोई समन या फोन आता है, तो मैं पूरा सहयोग करूंगी।' रिजवी का कहना है कि पुलिस वहां पर केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए थी, पुलिस पर पत्थर फेंकना अपराध है, जिसका वह समर्थन नहीं करतीं है। अब इस पूरे मामले में समाजवादी पार्टी के एक सांसद की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जरूरत पड़ने पर सांसद को नोटिस भी भेजा जा सकता है।

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