गद्दार दोस्त vs सिखों के कातिल: राहुल गांधी और रवनीत सिंह बिट्टू के वाकयुद्ध से गरमाई दिल्ली की सियासत

केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच आरोप-प्रत्यारोप से जुड़ी बातचीत ने सियासत का पारा चढ़ा दिया है। आरोप है कि राहुल गांधी ने रवनीत सिंह बिट्टू को 'गद्दार दोस्त' बोलकर संबोधित किया था, जिसके जवाब में रवनीत बिट्टू ने उन्हें देश का दुश्मन बताकर हाथ मिलाने से इनकार कर दिया। अब दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए न केवल राहुल गांधी बल्कि समूची कांग्रेस पार्टी को आड़े हाथों ले लिया है।
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि सदन में एक सिख मंत्री के खिलाफ जिस प्रकार के शब्द का इस्तेमाल किया गया मैं इसकी निंदा करता हूं। अगर कोई गद्दार है तो राहुल गांधी हैं। उन्होंने कहा कि सिख सरदार है, वे कभी गद्दार नहीं हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि सिखों के प्रति राहुल गांधी के शब्द दर्शाते हैं कि कांग्रेस की मानसिकता में आज भी बदलाव नहीं हुआ है। उन्होंने गांधी परिवार को गद्दार बताते हुए कहा कि गांधी परिवार ने ही दरबार साहिब पर तोप से हमला किया था।
#WATCH दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान पर दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, "सदन में एक सिख मंत्री के खिलाफ जिस प्रकार के शब्द का इस्तेमाल किया गया मैं इसकी निंदा करता हूं... राहुल गांधी जी अगर कोई गद्दार है तो वे आप है सिख सरदार है वे कभी… pic.twitter.com/jTjxBB4hmH
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 4, 2026
रवनीत सिंह बिट्टू ने राहुल को सिखों का कातिल बताया
केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू की भी राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि वे (राहुल गांधी) खुद को सबसे बड़ा देशभक्त समझते हैं। मेरे पिता जी ने भी शहादत दी। मेरी पार्टी में यही लड़ाई थी कि आपके लगाए आग में हमारे गुरुद्वारा में गोली चली, स्वर्ण मंदिर में। हजारों सिखों को इन्होंने निशाना बनाकर कत्ल कराया।
#WATCH दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान पर केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा, "वे समझते हैं कि सबसे बड़े देशभक्त हम ही हैं। मेरे पिता जी ने शहादत दी... मेरी पार्टी में यही लड़ाई थी कि आपके लगाए आग में हमारे गुरुद्वारा में गोली चली, स्वर्ण मंदिर में।… pic.twitter.com/RRg3E7TVtq
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 4, 2026
उन्होंने कहा कि अगर राजीव गांधी का नाम शहीद में आता है, तो सरदार बेअंत सिंह भी कहना पड़ता है। मैं उस परिवार से आता हूं ये तकलीफ है। अगर एक शहीद का पोता आपके (राहुल गांधी) साथ था तो ठीक था, अगर मैं भाजपा में हूं तो आपको तकलीफ है। उन्होंने कहा कि वे रोजाना सेना के खिलाफ बात करते हैं, इसलिए मैंने गांधी परिवार के वारिस से हाथ मिलाने से इनकार कर दिया।
